'Priyadarshan Blog'

- 299 न्यूज़ रिजल्ट्स
  • Blogs | प्रियदर्शन |शुक्रवार जनवरी 14, 2022 01:29 PM IST
    वे कई मायनों में अनूठे और अद्वितीय थे. टीवी खबरों की तेज़ रफ़्तार भागती-हांफती दुनिया में वे अपनी गति से चलते थे. यह कहीं से मद्धिम नहीं थी. लेकिन इस गति में भी वे अपनी पत्रकारिता का शील, उसकी गरिमा बनाए रखते थे. यह दरअसल उनके व्यक्तित्व की बुनावट में निहित था. जीवन ने उन्हें पर्याप्त सब्र दिया था. वे तेज़ी से काम करते थे, लेकिन जल्दबाज़ी में नहीं रहते थे.
  • Blogs | प्रियदर्शन |गुरुवार जनवरी 6, 2022 06:54 PM IST
    यहां से एक चिंताजनक सवाल पैदा होता है. क्या प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी जनता से दूर होते चले गए हैं? उनकी चुनावी कामयाबी यह नहीं कहती. बीजेपी में वे अगर अकेले नहीं तो सबसे बड़े वोट जुटाऊ नेता हैं. उनकी लोकप्रियता में शक नहीं है. लेकिन किसी नेता का लोकप्रिय होना इस बात का सबूत नहीं होता कि वह जनता से भी उसी तरह जुड़ा है.
  • Literature | प्रियदर्शन |शनिवार जनवरी 1, 2022 12:07 PM IST
    महाभारत की कथाओं पर आधारित साहित्य इतना विशाल और विपुल है कि उसमें किया गया हर प्रयत्न पुराने प्रयत्नों की भी याद दिलाता है, इसके बावजूद पढ़ते हुए हर बार नया लगता है.
  • Blogs | प्रियदर्शन |मंगलवार दिसम्बर 28, 2021 08:53 PM IST
    जब इलाहाबाद का नाम प्रयागराज किया गया था, तब इन पंक्तियों के लेखक ने एक टिप्पणी में सवाल किया था कि अब इलाहाबादी अमरूदों को क्या कहा जाएगा और अकबर इलाहाबादी जैसे शायर को कैसे याद किया जाएगा. 
  • Blogs | प्रियदर्शन |शनिवार दिसम्बर 25, 2021 12:25 AM IST
    इस बीच हमने 2007 का टी-20 वर्ल्ड कप जीता और 2011 का वर्ल्ड कप भी. लेकिन हमारे देखते-देखते क्रिकेट पहले खेल से टीवी शो में बदलता गया और फिर तमाशे में- बेशक, ऐसे तमाशे में जो आज भी हमें रास आता है.
  • Blogs | प्रियदर्शन |गुरुवार दिसम्बर 23, 2021 09:38 PM IST
    कल्पना करें कि ठीक यही शब्द या ऐसी ही बातें यदि इस देश की किसी अल्पसंख्यक जमात ने की होती तो क्या होता? अब तक इन पर देशद्रोह और धार्मिक सहिष्णुता बिगाड़ने की कई धाराएं लग गई होतीं, कई लोग सलाखों के पीछे पहुंचा दिए गए होते और कई लोग एक पूरी जमात को देशद्रोही ठहरा रहे होते.
  • Blogs | प्रियदर्शन |मंगलवार दिसम्बर 21, 2021 08:45 PM IST
    ऐसे गुरु और ऐसे पंथ की बेअदबी नहीं हो सकती. कोई चाहे भी तो नहीं कर सकता. वे बहुत ऊंचे हैं- किताबों, तख़्तों और इमारतों से बहुत ऊंचे. लेकिन जब उनकी इज़्ज़त के नाम पर, उनके अदब के नाम पर कोई अपने हाथ में कानून लेता है, निर्ममता से किसी की हत्या करता है तो धर्म जैसे कुछ छोटा हो जाता है, कुछ सिकुड़ जाता है.  
  • Blogs | प्रियदर्शन |बुधवार दिसम्बर 15, 2021 10:25 PM IST
    क्या नरेंद्र मोदी सरकार के गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा की इस हरकत और उनके इस बयान के बाद भी इसमें कोई शुबहा रह जाता है कि वे एसाइटी की रिपोर्ट के विरुद्ध जाकर बेटे को निर्दोष मानते हैं और उसे बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे? क्या अब भी प्रधानमंत्री उनका इस्तीफ़ा नहीं लेंगे? सरकार का यह कैसा अहंकार है?
  • Blogs | प्रियदर्शन |बुधवार दिसम्बर 15, 2021 07:11 PM IST
    भारतीय क्रिकेट में यह रस्साकशी पुरानी है कि खिलाड़ी कब कप्तान बनाए जाएं और कब हटाए जाएं. क्या यह उनकी मर्ज़ी पर छोड़ा जाना चाहिए? या इसमें चयनकर्ताओं की मर्ज़ी चलनी चाहिए? बेशक, चयनकर्ताओं को भी अपना काम बिना किसी दबाव के करना चाहिए- कम से कम अभी जो चयन समिति है, वह पुरानी चयन-समितियों जैसी नहीं है- वह बिना दबाव के चल भी सकती है.
  • Blogs | प्रियदर्शन |शुक्रवार दिसम्बर 10, 2021 08:20 AM IST
    भारत अगर यूरोप जैसा समृद्ध होना चाहता है तो किसे लूटे? उसने अपने ही एक हिस्से को उपनिवेश बना रखा है. 40 करोड़ का भारत 80 करोड़ के भारत को लूट रहा है. इस 40 करोड़ के भारत में अमीर लगातार अमीर हुए जा रहे हैं और गरीब लगातार और गरीब.
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