अमेरिका में भारतीय कंपनियां
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इनवॉइस में हेराफेरी, बैंक से लोन, फिर फुर्र... भारतीय मूल के सीईओ ने किया इतना बड़ा खेल, हिल गया अमेरिका
- Saturday November 1, 2025
- Written by: रिचा बाजपेयी
वॉल स्ट्रीट जर्नल की तरफ से आई एक खास रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्लैकरॉक के एचपीएस इन्वेस्टमेंट पार्टनर्स समेत लेंडर्स ने ब्रह्मभट्ट पर बड़े लोन के लिए कोलैटरल के तौर पर रखे गए इनवॉइस और अकाउंट्स रिसीवेबल में हेरफेर करने का आरोप लगाया है.
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H-1B वीजा की $100,000 फीस से किस-किसको होगा नुकसान, जानें क्या कह रहे अमेरिका में बसे भारतीय
- Thursday September 25, 2025
- Reported by: Sayed Ali Abbas Naqvi, Edited by: मनोज शर्मा
H-1B वीजा फीस एक लाख डॉलर होने से छोटी व मध्यम कंपनियां ज्यादा प्रभावित हो सकती हैं. अमेरिका में पढ़ाई और नौकरी के लिए एजुकेशन लोन लेने वाले 30-40% भारतीय छात्रों पर भी डिफॉल्ट का खतरा बढ़ सकता है.
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ट्रंप ने अब इन 6 भारतीय कंपनियों पर लगाया प्रतिबंध, ईरान से तेल खरीदने से अमेरिका क्यों नाराज?
- Thursday July 31, 2025
- Reported by: NDTV इंडिया
अमेरिकी विदेश विभाग ने बुधवार को ईरान के साथ व्यापार करने के लिए भारत की 6 कंपनियों सहित 20 संस्थाओं पर प्रतिबंधों की घोषणा की. जानिए वो कंपनियां कौन सी हैं.
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भारतीय कंपनियां नहीं तोड़ रही कोई कानून... अमेरिका के बैन लगाने पर MEA का जवाब
- Saturday November 2, 2024
- Edited by: अंजलि कर्मकार
विदेश मंत्रालय ने शनिवार को अमेरिका की ओर से कई भारतीय कंपनियों और नागरिकों पर हाल ही में लगाए गए प्रतिबंधों पर प्रतिक्रिया दी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता, रणधीर जयसवाल ने कहा कि हम सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों के साथ मिलकर कंपनियों को एक्सपोर्ट नियमों के बारे में जागरूक करने का काम कर रहे हैं.
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विमानों में बम की धमकियों के पीछे भारत विरोधी संगठन! एविऐशन सेक्टर में डर पैदा करने का क्या है मकसद?
- Sunday October 20, 2024
- Reported by: रवीश रंजन शुक्ला, Edited by: अभिषेक पारीक
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि बम की धमकी (Bomb Threat) के पीछे भारत विरोधी आतंकी संगठन हो सकते हैं. भारत ने इसकी जानकारी अमेरिका को भी मुहैया कराई है.
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भारत की इन 10 कंपनियों की दुनिया में मची है धमक, अमेरिका से लेकर चीन-जापान तक इसके प्रोडक्ट के हैं दीवाने
- Thursday July 25, 2024
- NDTV
ICC T-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2024 में कई इंडियन कंपनियों की ब्रांडिंग के बाद अब पेरिस ओलंपिक में भी इंडियन कंपनियां छाने को तैयार हैं. अमूल, बोरोसिल समेत करीब 10 से ज्यादा इंडियन ब्रांड्स ने स्पॉन्सरशिप के लिए डील साइन की है.
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बदल गया समय, भारतीय कंपनियों ने 4.25 लाख नौकरी अमेरिका में दी
- Thursday May 4, 2023
- Reported by: भाषा
पहले के समय था कि अमेरिका की कंपनियां भारत में निवेश किया करती थीं और भारतीयों को इस निवेश से नौकरियां मिला करती थीं. अब समय बदल रहा है और भारतीय कंपनियां भी अमेरिका में निवेश कर रही हैं और नौकरियां दे रही है. अमेरिका में भारत की 163 भारतीय कंपनियों ने अबतक 40 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है जिससे देश में करीब 4,25,000 नौकरियां पैदा हुई हैं. एक सर्वेक्षण में यह तथ्य सामने आया है.
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शीर्ष वैश्विक कंपनियां माल के लिए भारतीय खिलौना विनिर्माताओं के संपर्क में: अधिकारी
- Wednesday April 12, 2023
- Reported by: भाषा
अमेरिका और यूरोप के शीर्ष वैश्विक खुदरा विक्रेताओं ने भारतीय खिलौना विनिर्माताओं से माल खरीदने के लिए संपर्क किया है. एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि इन कंपनियों ने अनुपालन संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए भारतीय विनिर्माताओं की मदद करने का भरोसा भी दिया है. अधिकारी ने कहा कि ये खुदरा दिग्गज भारत से बड़े पैमाने पर खिलौने खरीदना चाह रहे हैं.
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H-1B वीजा का भारतीय 9 मार्च से करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन,31 मार्च तक लॉटरी से आएंगे नतीजे
- Saturday February 6, 2021
- Reported by: भाषा
H-1B वीजा अमेरिकी कंपनियों को विशेषज्ञता वाले पेशेवरों को काम पर रखने की इजाजत देता है. आईटी कंपनियां इस पर काफी निर्भर रहती हैं.हर साल भारत और चीन जैसे देशों से हजारों की संख्या में कर्मचारियों को इसके जरिये अमेरिका में नौकरी मिलती है.
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बाइडेन के नए एच1बी वीजा और ग्रीन कार्ड प्लान से हजारों भारतीय पेशेवरों को होगा फायदा
- Sunday November 8, 2020
- Reported by: प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया, Translated by: अमरीश कुमार त्रिवेदी
हर साल टेक कंपनियां अमेरिका में आईटी पेशेवरों की नियुक्ति H-1B वीजा के माध्यम से करती हैं. इसमें सबसे ज्यादा भारतीय युवा पेशेवरों की मांग रहती है.
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दुर्भाग्य से संक्रमण काफी अधिक फैल चुका है, नियंत्रित करना आसान नहीं होगा : रघुराम राजन
- Friday July 24, 2020
- Reported by: भाषा, Edited by: मानस मिश्रा
अमेरिका में राष्ट्रपति का चुनाव नजदीक आने के साथ अमेरिका और चीन के बीच विवाद बढ़ेगा, जिससे वैश्विक व्यापार की स्थिति बिगड़ेगी. भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि यह स्थिति भारत और ब्राजील जैसे उभरते बाजारों की दृष्टि से 'अत्यंत महत्वपूर्ण' है. राजन ने कहा कि कोविड-19 के बीच पुन: खुलने जा रही भारत और ब्राजील जैसी अर्थव्यवस्थाओं के लिए यह स्थिति काफी महत्वपूर्ण है. उन्होंने चेताया कि अर्थव्यवस्था में कई ऐसी कंपनियां हो सकती हैं जो खस्ताहाल होंगी. उन्होंने कहा कि महामारी के बाद पुनरोद्धार की प्रक्रिया के साथ-साथ हमें चीजों को दुरुस्त करने की भी जरूरत होगी.
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ह्यूस्टन में प्रधानमंत्री अमेरिका की महानता की भी तारीफ करें और सीखें
- Sunday September 22, 2019
- रवीश कुमार
आज़ादी के बाद भारत के किस शहर में दूसरे शहर में आकर लोग बसे? जिनकी तुलना आप न्यूयार्क के न्यू जर्सी या ब्रिटेन के साउथ हॉल से कर सकते हैं. अमरीका के कितने ही मोहल्ले हैं जो भारतीयों के गढ़ के रूप में पहचाने जाते हैं बल्कि वहाँ भारतीय आराम से अमरीकी लोगों के बीच में रहते हैं. दुकानें हैं. उनकी कंपनियां हैं. बिल्कुल सुरक्षित जीवन जी रहे हैं. वहां जाते ही सब सिस्टम की बड़ाई करने लगते हैं. उनकी बातों से आपको एक बार नहीं लगेगा कि अमरीका की पुलिस मदद नहीं करती या आती है तो रिश्वत लेकर चली जाती है या उन्हें फ़र्ज़ी केस में फंसा देने का डर है. बल्कि मैंने देखा है कि भारत से ज़्यादा वहां जाकर लोग सिस्टम और समाज को लेकर सुरक्षित महसूस करते हैं. इसलिए तरक़्क़ी भी ख़ूब करते हैं.
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'ऑपरेशन बालाकोट' के बाद से बंद एयरस्पेस को खोलना क्या पाकिस्तान की अब मजबूरी है?
- Tuesday July 16, 2019
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
पाकिस्तान ने सोमवार देर रात से अपने हवाई क्षेत्र को सभी तरह के असैन्य उड़ानों के लिए खोल दिया है. इस आशय की जानकारी सूत्रों से प्राप्त हुई है. इसके साथ ही फरवरी में हुए बालाकोट हवाई हमले के बाद पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में भारतीय उड़ानों पर लगा प्रभावी प्रतिबंध खत्म हो गया है. इससे सबसे ज्यादा लाभ एअर इंडिया को होगा क्योंकि फरवरी से अभी तक अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों, खास तौर से अमेरिका और यूरोप जाने वाली उड़ानों, को दूसरे रास्ते से ले जाने के कारण कंपनी को करीब 491 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. सूत्रों ने सोमवार देर रात बताया, ‘‘पाकिस्तान ने आज रात 12 बजकर 41 मिनट से सभी विमानन कंपनियों को अपने हवाई क्षेत्र से उड़ान भरने की अनुमति दे दी है. भारतीय विमानन कंपनियां जल्दी ही पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र से होते हुए अपने सामान्य रूट से उड़ानें शुरू कर सकेंगी.’’
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ईरानी हवाई क्षेत्र से बचने के लिए उड़ानों का मार्ग बदलेंगी भारतीय विमानन कंपनियां : डीजीसीए
- Sunday June 23, 2019
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
डीजीसीए की यह एडवायरी अमेरिकी उड्डयन विनियामक फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) द्वारा जारी एक नोटिस के बाद आई है. एफएए ने अपने 'नोटिस टू एयरमेन' में अमेरिका में पंजीकृत विमानों को तेहरान उड़ान सूचना क्षेत्र से अगली सूचना तक नहीं उड़ाने को कहा है.
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H-1B Visa में बड़े बदलावों की तैयारी में अमेरिका, भारतीय आईटी कंपनियों पर पड़ेगा असर
- Thursday October 18, 2018
- भाषा
अमेरिकी सरकार एच-1बी वीजा नीति में बदलाव के लिये नया प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रही है. इसके जरिये एच-1बी वीजा के तहत आने वाले रोजगार और विशेष व्यवसायों या पेशों की परिभाषा को "संशोधित" करने की योजना है. अमेरिका के इस कदम से भारत की आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) कंपनियों पर बड़े पैमाने पर असर पड़ेगा. भारतीय मूल के अमेरिकियों के स्वामित्व वाली छोटी तथा मध्यम आकार की कंपनियां भी इससे प्रभावित होंगी.
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इनवॉइस में हेराफेरी, बैंक से लोन, फिर फुर्र... भारतीय मूल के सीईओ ने किया इतना बड़ा खेल, हिल गया अमेरिका
- Saturday November 1, 2025
- Written by: रिचा बाजपेयी
वॉल स्ट्रीट जर्नल की तरफ से आई एक खास रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्लैकरॉक के एचपीएस इन्वेस्टमेंट पार्टनर्स समेत लेंडर्स ने ब्रह्मभट्ट पर बड़े लोन के लिए कोलैटरल के तौर पर रखे गए इनवॉइस और अकाउंट्स रिसीवेबल में हेरफेर करने का आरोप लगाया है.
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H-1B वीजा की $100,000 फीस से किस-किसको होगा नुकसान, जानें क्या कह रहे अमेरिका में बसे भारतीय
- Thursday September 25, 2025
- Reported by: Sayed Ali Abbas Naqvi, Edited by: मनोज शर्मा
H-1B वीजा फीस एक लाख डॉलर होने से छोटी व मध्यम कंपनियां ज्यादा प्रभावित हो सकती हैं. अमेरिका में पढ़ाई और नौकरी के लिए एजुकेशन लोन लेने वाले 30-40% भारतीय छात्रों पर भी डिफॉल्ट का खतरा बढ़ सकता है.
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ट्रंप ने अब इन 6 भारतीय कंपनियों पर लगाया प्रतिबंध, ईरान से तेल खरीदने से अमेरिका क्यों नाराज?
- Thursday July 31, 2025
- Reported by: NDTV इंडिया
अमेरिकी विदेश विभाग ने बुधवार को ईरान के साथ व्यापार करने के लिए भारत की 6 कंपनियों सहित 20 संस्थाओं पर प्रतिबंधों की घोषणा की. जानिए वो कंपनियां कौन सी हैं.
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भारतीय कंपनियां नहीं तोड़ रही कोई कानून... अमेरिका के बैन लगाने पर MEA का जवाब
- Saturday November 2, 2024
- Edited by: अंजलि कर्मकार
विदेश मंत्रालय ने शनिवार को अमेरिका की ओर से कई भारतीय कंपनियों और नागरिकों पर हाल ही में लगाए गए प्रतिबंधों पर प्रतिक्रिया दी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता, रणधीर जयसवाल ने कहा कि हम सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों के साथ मिलकर कंपनियों को एक्सपोर्ट नियमों के बारे में जागरूक करने का काम कर रहे हैं.
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विमानों में बम की धमकियों के पीछे भारत विरोधी संगठन! एविऐशन सेक्टर में डर पैदा करने का क्या है मकसद?
- Sunday October 20, 2024
- Reported by: रवीश रंजन शुक्ला, Edited by: अभिषेक पारीक
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि बम की धमकी (Bomb Threat) के पीछे भारत विरोधी आतंकी संगठन हो सकते हैं. भारत ने इसकी जानकारी अमेरिका को भी मुहैया कराई है.
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भारत की इन 10 कंपनियों की दुनिया में मची है धमक, अमेरिका से लेकर चीन-जापान तक इसके प्रोडक्ट के हैं दीवाने
- Thursday July 25, 2024
- NDTV
ICC T-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2024 में कई इंडियन कंपनियों की ब्रांडिंग के बाद अब पेरिस ओलंपिक में भी इंडियन कंपनियां छाने को तैयार हैं. अमूल, बोरोसिल समेत करीब 10 से ज्यादा इंडियन ब्रांड्स ने स्पॉन्सरशिप के लिए डील साइन की है.
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बदल गया समय, भारतीय कंपनियों ने 4.25 लाख नौकरी अमेरिका में दी
- Thursday May 4, 2023
- Reported by: भाषा
पहले के समय था कि अमेरिका की कंपनियां भारत में निवेश किया करती थीं और भारतीयों को इस निवेश से नौकरियां मिला करती थीं. अब समय बदल रहा है और भारतीय कंपनियां भी अमेरिका में निवेश कर रही हैं और नौकरियां दे रही है. अमेरिका में भारत की 163 भारतीय कंपनियों ने अबतक 40 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है जिससे देश में करीब 4,25,000 नौकरियां पैदा हुई हैं. एक सर्वेक्षण में यह तथ्य सामने आया है.
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शीर्ष वैश्विक कंपनियां माल के लिए भारतीय खिलौना विनिर्माताओं के संपर्क में: अधिकारी
- Wednesday April 12, 2023
- Reported by: भाषा
अमेरिका और यूरोप के शीर्ष वैश्विक खुदरा विक्रेताओं ने भारतीय खिलौना विनिर्माताओं से माल खरीदने के लिए संपर्क किया है. एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि इन कंपनियों ने अनुपालन संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए भारतीय विनिर्माताओं की मदद करने का भरोसा भी दिया है. अधिकारी ने कहा कि ये खुदरा दिग्गज भारत से बड़े पैमाने पर खिलौने खरीदना चाह रहे हैं.
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H-1B वीजा का भारतीय 9 मार्च से करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन,31 मार्च तक लॉटरी से आएंगे नतीजे
- Saturday February 6, 2021
- Reported by: भाषा
H-1B वीजा अमेरिकी कंपनियों को विशेषज्ञता वाले पेशेवरों को काम पर रखने की इजाजत देता है. आईटी कंपनियां इस पर काफी निर्भर रहती हैं.हर साल भारत और चीन जैसे देशों से हजारों की संख्या में कर्मचारियों को इसके जरिये अमेरिका में नौकरी मिलती है.
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बाइडेन के नए एच1बी वीजा और ग्रीन कार्ड प्लान से हजारों भारतीय पेशेवरों को होगा फायदा
- Sunday November 8, 2020
- Reported by: प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया, Translated by: अमरीश कुमार त्रिवेदी
हर साल टेक कंपनियां अमेरिका में आईटी पेशेवरों की नियुक्ति H-1B वीजा के माध्यम से करती हैं. इसमें सबसे ज्यादा भारतीय युवा पेशेवरों की मांग रहती है.
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दुर्भाग्य से संक्रमण काफी अधिक फैल चुका है, नियंत्रित करना आसान नहीं होगा : रघुराम राजन
- Friday July 24, 2020
- Reported by: भाषा, Edited by: मानस मिश्रा
अमेरिका में राष्ट्रपति का चुनाव नजदीक आने के साथ अमेरिका और चीन के बीच विवाद बढ़ेगा, जिससे वैश्विक व्यापार की स्थिति बिगड़ेगी. भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि यह स्थिति भारत और ब्राजील जैसे उभरते बाजारों की दृष्टि से 'अत्यंत महत्वपूर्ण' है. राजन ने कहा कि कोविड-19 के बीच पुन: खुलने जा रही भारत और ब्राजील जैसी अर्थव्यवस्थाओं के लिए यह स्थिति काफी महत्वपूर्ण है. उन्होंने चेताया कि अर्थव्यवस्था में कई ऐसी कंपनियां हो सकती हैं जो खस्ताहाल होंगी. उन्होंने कहा कि महामारी के बाद पुनरोद्धार की प्रक्रिया के साथ-साथ हमें चीजों को दुरुस्त करने की भी जरूरत होगी.
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ह्यूस्टन में प्रधानमंत्री अमेरिका की महानता की भी तारीफ करें और सीखें
- Sunday September 22, 2019
- रवीश कुमार
आज़ादी के बाद भारत के किस शहर में दूसरे शहर में आकर लोग बसे? जिनकी तुलना आप न्यूयार्क के न्यू जर्सी या ब्रिटेन के साउथ हॉल से कर सकते हैं. अमरीका के कितने ही मोहल्ले हैं जो भारतीयों के गढ़ के रूप में पहचाने जाते हैं बल्कि वहाँ भारतीय आराम से अमरीकी लोगों के बीच में रहते हैं. दुकानें हैं. उनकी कंपनियां हैं. बिल्कुल सुरक्षित जीवन जी रहे हैं. वहां जाते ही सब सिस्टम की बड़ाई करने लगते हैं. उनकी बातों से आपको एक बार नहीं लगेगा कि अमरीका की पुलिस मदद नहीं करती या आती है तो रिश्वत लेकर चली जाती है या उन्हें फ़र्ज़ी केस में फंसा देने का डर है. बल्कि मैंने देखा है कि भारत से ज़्यादा वहां जाकर लोग सिस्टम और समाज को लेकर सुरक्षित महसूस करते हैं. इसलिए तरक़्क़ी भी ख़ूब करते हैं.
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'ऑपरेशन बालाकोट' के बाद से बंद एयरस्पेस को खोलना क्या पाकिस्तान की अब मजबूरी है?
- Tuesday July 16, 2019
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
पाकिस्तान ने सोमवार देर रात से अपने हवाई क्षेत्र को सभी तरह के असैन्य उड़ानों के लिए खोल दिया है. इस आशय की जानकारी सूत्रों से प्राप्त हुई है. इसके साथ ही फरवरी में हुए बालाकोट हवाई हमले के बाद पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में भारतीय उड़ानों पर लगा प्रभावी प्रतिबंध खत्म हो गया है. इससे सबसे ज्यादा लाभ एअर इंडिया को होगा क्योंकि फरवरी से अभी तक अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों, खास तौर से अमेरिका और यूरोप जाने वाली उड़ानों, को दूसरे रास्ते से ले जाने के कारण कंपनी को करीब 491 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. सूत्रों ने सोमवार देर रात बताया, ‘‘पाकिस्तान ने आज रात 12 बजकर 41 मिनट से सभी विमानन कंपनियों को अपने हवाई क्षेत्र से उड़ान भरने की अनुमति दे दी है. भारतीय विमानन कंपनियां जल्दी ही पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र से होते हुए अपने सामान्य रूट से उड़ानें शुरू कर सकेंगी.’’
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ईरानी हवाई क्षेत्र से बचने के लिए उड़ानों का मार्ग बदलेंगी भारतीय विमानन कंपनियां : डीजीसीए
- Sunday June 23, 2019
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डीजीसीए की यह एडवायरी अमेरिकी उड्डयन विनियामक फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) द्वारा जारी एक नोटिस के बाद आई है. एफएए ने अपने 'नोटिस टू एयरमेन' में अमेरिका में पंजीकृत विमानों को तेहरान उड़ान सूचना क्षेत्र से अगली सूचना तक नहीं उड़ाने को कहा है.
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H-1B Visa में बड़े बदलावों की तैयारी में अमेरिका, भारतीय आईटी कंपनियों पर पड़ेगा असर
- Thursday October 18, 2018
- भाषा
अमेरिकी सरकार एच-1बी वीजा नीति में बदलाव के लिये नया प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रही है. इसके जरिये एच-1बी वीजा के तहत आने वाले रोजगार और विशेष व्यवसायों या पेशों की परिभाषा को "संशोधित" करने की योजना है. अमेरिका के इस कदम से भारत की आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) कंपनियों पर बड़े पैमाने पर असर पड़ेगा. भारतीय मूल के अमेरिकियों के स्वामित्व वाली छोटी तथा मध्यम आकार की कंपनियां भी इससे प्रभावित होंगी.
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