हर साल जून के अंतिम सोमवार को शुरू होने वाला विंबलडन ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में इस पूर्व चैंपियन को इसके महिला सिंगल्स ड्रॉ में वाइल्डकार्ड एंट्री दे दी गई है, जो इस टूर्नामेंट के शुरू होने से ठीक पहले सबसे बड़ी खबर है. दिलचस्प ये है कि वो केवल सिंगल्स ही नहीं खेलेंगी बल्कि डबल्स में भी अपनी बड़ी बहन के साथ उतरेंगी, इससे प्रशंसकों का उत्साह और बढ़ गया है.
यह खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि अमेरिकी टेनिस की महानायिका सेरेना विलियम्स हैं. ऑल इंग्लैंड क्लब ने 29 जून से शुरू होने विंबलडन के महिला सिंगल्स के लिए वाइल्डकार्ड एंट्री की लिस्ट जारी कर दी है, जिसमें सेरेना विलियम्स को भी शामिल किया गया है.
इस एलान के तुरंत बाद से ही टेनिस जगत में यह सबसे अधिक चर्चा का विषय बना हुआ है. विंबलडन के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट ने लिखा, "यह कोई अफवाह नहीं बल्कि सच है."
चार साल बाद फिर सिंगल्स कोर्ट पर
सेरेना का आखिरी सिंगल्स मुकाबला 2022 के यूएस ओपन में हुआ था. उस टूर्नामेंट के तीसरे दौर में हारने के बाद से सेरेना ने टेनिस से दूरी बना ली थी. हालांकि तब उन्होंने यह भी साफ किया था कि वह रिटायर नहीं हो रही हैं, बल्कि अपने जीवन के अगले दौर की ओर बढ़ रही हैं.
इसके बाद 2023 में उनकी दूसरी बेटी का जन्म हुआ. तब से सेरेना परिवार के साथ समय बिता रही थीं. लिहाजा, शायद ही किसी को यह उम्मीद थी कि वह एक बार फिर ग्रैंड स्लैम के सिंगल्स में उतरेंगी.
This is not a drill.@serenawilliams will compete in the 2026 ladies' singles at #Wimbledon as a wild card. pic.twitter.com/1vHnDEQ4xm
— Wimbledon (@Wimbledon) June 21, 2026
वाइल्डकार्ड को लेकर बना हुआ था सस्पेंस
पिछले कुछ हफ्तों से सेरेना की वापसी की चर्चा लगातार हो रही थी, लेकिन वह खुद भी सिंगल्स खेलने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नजर नहीं आ रही थीं. बर्लिन में एक डबल्स मुकाबले के बाद जब उन्हें बताया गया कि विंबलडन में अभी भी एक वाइल्डकार्ड स्थान खाली है, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए पूछा, "क्या अभी भी कोई जगह बची है?" इसके बाद उन्होंने अपनी तैयारी और फिटनेस को लेकर भी सवाल उठाए थे.
लेकिन अब उन्होंने फैसला कर लिया है और यही वजह है कि इस साल विंबलडन की सबसे बड़ी चर्चा किसी मौजूदा स्टार की नहीं, बल्कि सेरेना की वापसी की बन गई है.

Photo Credit: Wimbledon 2026
बहन वीनस के साथ डबल्स में भी उतरेंगी
सेरेना अपनी बड़ी बहन वीनस विलियम्स के साथ महिला डबल्स में भी वाइल्डकार्ड एंट्री के जरिए दिखेंगी. टेनिस इतिहास में इनकी सबसे सफल बहनों की जोड़ी में गिनती होती है.
दोनों बहनों ने साथ मिलकर 14 ग्रैंड स्लैम डबल्स खिताब जीते हैं. और सबसे खास बात ये कि इनमें से छह खिताब तो विंबलडन डबल्स के हैं.

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विंबलडन से है खास रिश्ता
सेरेना विलियम्स ने जो 23 ग्रैंड स्लैम खिताब जीते हैं उनमें सबसे बड़ा हिस्सा विंबलडन की ट्रॉफी का है. उनके 23 ग्रैंड स्लैम सिंगल्स खिताबों में से सात इसी प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में आए हैं.
उन्होंने 2002, 2003, 2009, 2010, 2012, 2015 और 2016 में विंबलडन ट्रॉफी जीती थी. इसके अलावा 2012 के लंदन ओलंपिक में उन्होंने सिंगल्स और डबल्स दोनों में स्वर्ण पदक जीता था. उस समय टेनिस मुकाबले भी ऑल इंग्लैंड क्लब के ऐतिहासिक ग्रास कोर्ट पर ही खेले गए थे.

इगा स्वियाटेक और आर्यना सबलेंका
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पहले ही दौर में मिल सकती है बड़ी चुनौती
लंबे समय तक टेनिस से दूर रहने के कारण सेरेना की कोई सिंगल्स रैंकिंग नहीं है. इसका मतलब है कि ड्रॉ में उन्हें किसी भी शीर्ष खिलाड़ी के खिलाफ उतारा जा सकता है.
मौजूदा विंबलडन चैंपियन इगा स्वियाटेक हैं, जबकि दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी आर्यना सबलेंका हैं. रैंकिंग न होने की वजह से सेरेना शुरुआती दौर में ही इन बड़े नामों से टकरा सकती हैं.
टूर्नामेंट का ड्रॉ शुक्रवार को जारी होगा, जिसके बाद यह साफ हो जाएगा कि उनकी वापसी का पहला मुकाबला किस खिलाड़ी से होगा.
I changed my mind. pic.twitter.com/BAimuDRgQD
— Serena Williams (@serenawilliams) June 4, 2026
क्यों कहलाती हैं टेनिस की GOAT?
23 ग्रैंड स्लैम सिंगल्स खिताब (7 विंबलडन सिंगल्स खिताब, 7 ऑस्ट्रेलियन ओपन ग्रैंड स्लैम, 6 यूएस ओपन ग्रैंड स्लैम और 3 फ्रेंच ओपन ग्रैंड स्लैम), 14 ग्रैंड स्लैम डबल्स खिताब 4 ओलंपिक स्वर्ण पदक (2012 में सिंग्ल्स और 2000, 2008, 2012 में डबल्स), पूर्व विश्व नंबर-1 खिलाड़ी (319 हफ्ते नंबर-1 बनी रहीं).
उनके नाम पर आज भी लगातार 186 हफ्तों तक नंबर-1 टेनिस खिलाड़ी होने का संयुक्त रिकॉर्ड कायम है. इस मामले में उन्होंने स्टेफी ग्राफ की बराबरी की थी.
सेरेना विलियम्स महिला खेलों की सबसे प्रभावशाली हस्तियों में से एक मानी जाती हैं. उनकी ताकतवर सर्विस, आक्रामक शैली और बड़े मैचों में दबाव झेलने की क्षमता ने उन्हें टेनिस इतिहास का एक युग बना दिया. अब 44 साल की उम्र टेनिस का वो दिग्गज वापस आ रहा जिसने महिला टेनिस की परिभाषा बदल दी, तो ये तय है कि इस बार विम्बलडन वो कुछ तो अलग करेंगी. इसकी उम्मीद न केवल सेरेना को होगी बल्कि उनकी फैन्स को भी निश्चित तौर पर होगी.
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