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WhatsApp पर हर एक 'शब्द' की कीमत वसूलने की तैयारी! 1 अगस्त से हो रही है फ्री सर्विस खत्म

Meta 1 अगस्त से WhatsApp AI एजेंट के लिए टोकन-बेस्ड चार्ज वसूलने जा रही है. इसके साथ ही अक्टूबर से सर्विस मैसेज के लिए भी फ्री सर्विस खत्म हो रही है. जानिए भारत में इसका क्या असर होगा.

WhatsApp पर हर एक 'शब्द' की कीमत वसूलने की तैयारी! 1 अगस्त से हो रही है फ्री सर्विस खत्म
WhatsApp Business पर बड़ा बदलाव!
Photo Credit: Unsplash

1 अगस्त 2026 से WhatsApp Business पर AI एजेंट का इस्तेमाल करने के लिए पैसे देने होंगे. इतना ही नहीं, जो सर्विस मैसेज पिछले दो साल से बिल्कुल मुफ्त थे, उनके लिए भी अब अक्टूबर से चार्ज देना पड़ेगा. आइए जानते हैं कि मेटा का यह नया नियम क्या है और इससे आपके बिजनेस पर क्या असर पड़ेगा.

अब 'मैसेज' नहीं 'टोकन' के हिसाब से कटेगा पैसा

Meta ने घोषणा की है कि 1 अगस्त से व्हाट्सएप पर बिजनेस एआई एजेंट का उपयोग करने वाली कंपनियों को प्रति-टोकन के आधार पर बिल भेजा जाएगा. यह मौजूदा प्रति-मैसेज मॉडल से बिल्कुल अलग है. कंपनी का कहना है कि जब एआई ग्राहक सेवा और बिक्री में बड़ी भूमिका निभाता है, तो यूजर के सवाल को प्रोसेस करने में काफी डेटा और टोकन खर्च होते हैं. OpenAI और Anthropic जैसी बड़ी एआई कंपनियां भी अपने इसी टोकन-बेस्ड प्राइसिंग मॉडल का इस्तेमाल करती हैं, और अब मेटा भी इसी रास्ते पर चल पड़ी है.

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व्हाट्सएप एआई एजेंट क्या है और यह क्या करता है?

व्हाट्सएप बिजनेस पर मिलने वाला 'मेटा बिजनेस एजेंट' एक एडवांस एआई टूल है. इसकी मदद से कोई भी बिजनेस एक एआई रोबोट तैयार कर सकता है जो ग्राहकों के सवालों के तुरंत जवाब दे सकता है. यह एआई ग्राहकों के लिए अपॉइंटमेंट बुक कर सकता है, प्रोडक्ट की सिफारिश कर सकता है और 24 घंटे सातों दिन कस्टमर सपोर्ट दे सकता है.

कितना आएगा खर्च? 

नए प्राइसिंग मॉडल के तहत कंपनियों को 10 लाख (1 Million) टोकन के लिए $2 यानी लगभग 189 रुपये का भुगतान करना होगा. मेटा के मुताबिक, एक सामान्य मैसेज में लगभग 20,000 से 25,000 टोकन खर्च होते हैं, जिसकी लागत करीब 4 से 5 सेंट (लगभग 3.5 से 4.5 रुपये) आती है. 

उदाहरण के लिए, अगर कोई ग्राहक छोटा सवाल पूछता है जैसे "आपकी दुकान कब खुलती है?" और इसमें 4 मैसेज का इस्तेमाल होता है, तो लगभग 80,000 टोकन खर्च होंगे और इसकी लागत 16 से 20 सेंट होगी. वहीं, अगर कोई जटिल तकनीकी सवाल है जिसमें 10 मैसेज लगते हैं, तो करीब 2.5 लाख टोकन खर्च होंगे और लागत 40 से 50 सेंट तक जा सकती है.

व्हाट्सएप बिजनेस इस्तेमाल करने वालों को दूसरा झटका 1 अक्टूबर से लगने जा रहा है. मेटा लगभग दो साल की छूट के बाद नॉन-टेम्पलेट "सर्विस मैसेज" पर फिर से शुल्क लगाने जा रही है.  भारत में इन मैसेजों की मौजूदा कीमत करीब 0.115 रुपये प्रति मैसेज है, और मेटा 1 सितंबर तक इसके नए रेट जारी कर देगी.

अनुमानों के मुताबिक, भारत में व्हाट्सएप के लगभग 85 करोड़ (850 Million) यूजर्स हैं. मेटा को हर साल भारत से बिजनेस मैसेजिंग के जरिए 1 अरब डॉलर से ज्यादा का राजस्व मिलता है. ऐसे में 1 अगस्त से लागू होने जा रहा यह नया टोकन सिस्टम और अक्टूबर से शुरू होने वाला मैसेज चार्ज मेटा की कमाई को कई गुना बढ़ा सकता है. 

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