AI कंपनी Anthropic ने एक कमाल की रिसर्च की है. इस रिसर्च में यह जाना गया है कि आखिरकार क्या AI आने वाले समय में लोगों की नौकरियां छीन लेगा या नहीं! इस रिसर्च में यह जानने की कोशिश की गई कि कौन-कौन से पेशे यानी नौकरियां ऐसे हैं जिन पर AI का असर सबसे कम पड़ने वाला है.
इस रिसर्च में के मुताबिक कई डिजिटल और डेटा बेस्ड नौकरियां AI की वजह से बदल सकती हैं, लेकिन कुछ काम ऐसे भी हैं जिनमें अभी AI की पहुंच काफी सीमित है. खासकर वे काम जिनमें शारीरिक मेहनत, असली दुनिया में मौजूद रहकर काम करना और लोगों के साथ सीधे बातचीत करना जरूरी होता है, उनमें AI का खतरा बहुत कम माना गया है.
रिसर्च में किसी एक नौकरी को पूरी तरह AI से प्रभावित या सुरक्षित नहीं माना गया. इसके बजाय यह देखा गया कि किसी नौकरी के अंदर कौन-कौन से काम ऐसे हैं जिन्हें AI कर सकता है और कौन से काम ऐसे हैं जिन्हें AI अभी नहीं कर सकता.
रिपोर्ट बताती है कि AI उन कामों में ज्यादा सक्षम है जो डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किए जाते हैं, जैसे डेटा का विश्लेषण करना, कोड लिखना या टेक्स्ट तैयार करना. लेकिन ऐसे काम जो वास्तविक दुनिया में मौजूद रहकर किए जाते हैं, जैसे मशीन ठीक करना या किसी व्यक्ति को सेवा देना, उनमें AI अभी उतना सक्षम नहीं है.

ये 6 नौकरियां AI से सबसे कम प्रभावित
रिसर्च में छह ऐसे पेशों का जिक्र किया गया है जिनमें AI का खतरा सबसे कम माना गया है. इन नौकरियों में कुक यानी खाना बनाने वाले, मोटरसाइकिल मैकेनिक, लाइफगार्ड, बारटेंडर, डिशवॉशर और ड्रेसिंग रूम अटेंडेंट शामिल हैं.
क्योंकि इन सभी कामों में शारीरिक मेहनत और वास्तविक परिस्थितियों में मौजूद रहकर काम करना जरूरी होता है. उदाहरण के तौर पर कुक को खाना बनाने के लिए किचन में मौजूद रहना पड़ता है और अलग-अलग सामग्री का इस्तेमाल करना पड़ता है. इसी तरह मोटरसाइकिल मैकेनिक को मशीन की जांच कर उसे ठीक करना होता है, जो केवल डिजिटल सिस्टम के जरिए संभव नहीं है.
लाइफगार्ड का काम भी ऐसा ही है जिसमें लोगों की सुरक्षा पर नजर रखना और किसी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देना जरूरी होता है. ऐसे कामों को पूरी तरह मशीन या AI से करना अभी काफी मुश्किल है.
रिपोर्ट के अनुसार किसी भी नौकरी में AI का खतरा इस बात पर निर्भर करता है कि उस काम के कितने हिस्से AI द्वारा किए जा सकते हैं. अगर किसी पेशे में ज्यादातर काम कंप्यूटर और डिजिटल टूल्स से जुड़े हैं, तो वहां AI का प्रभाव ज्यादा हो सकता है. लेकिन जिन कामों में हाथों से काम करना, लोगों से सीधे मिलकर सेवा देना या मशीनों और उपकरणों को वास्तविक रूप में संभालना शामिल होता है, उनमें AI का प्रभाव कम रहता है.
रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 30 प्रतिशत नौकरियां ऐसी हैं जिनमें AI के कारण खत्म होने का खतरा बहुत कम है, क्योंकि वे ज्यादातर शारीरिक मेहनत या लोगों के साथ सीधे संवाद पर आधारित हैं.
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