आईटी सेक्टर में छंटनी की खबरों के बीच दिग्गज आईटी कंपनी टेक महिंद्रा (Tech Mahindra) ने एक बड़ा बयान जारी कर अपने कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है.कंपनी ने सोशल मीडिया पर चल रही 30,000 कर्मचारियों की छंटनी की खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है और इसे 'अफवाह' करार दिया है.
टेक महिंद्रा ने छंटनी की खबरों को नकारा
टेक महिंद्रा ने स्पष्ट कर दिया है कि कंपनी में बड़े पैमाने पर छंटनी का कोई भी ऐसा प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. 9 मार्च को स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में कंपनी ने कहा कि उसे कुछ कॉल और सोशल मीडिया पोस्ट के बारे में जानकारी मिली है, जिनमें कंपनी में बड़े स्तर पर कर्मचारियों की संख्या कम करने की बात कही जा रही है.इन अटकलों को देखते हुए कंपनी ने खुद यह साफ करना जरूरी समझा कि ऐसी किसी भी तरह की योजना पर विचार नहीं किया जा रहा है और सोशल मीडिया पर चल रही खबरें पूरी तरह गलत हैं.
दरअसल,सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कुछ पोस्ट वायरल हो रहे थे जिनमें दावा किया गया था कि कंपनी अपने 1.5 लाख कर्मचारियों में से करीब 30,000 को बाहर का रास्ता दिखा सकती है.
एआई (AI) और नए प्रोजेक्ट्स पर फोकस
भले ही छंटनी की खबरें गलत हों, लेकिन कंपनी अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने पर जोर दे रही है. टेक महिंद्रा में दुनिया भर में करीब 1.5 लाख कर्मचारी काम करते हैं. हाल ही में कंपनी ने माइक्रोसॉफ्ट के साथ मिलकर एक नया ऑन्टोलॉजी आधारित एजेंटिक एआई प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जिसका मकसद टेलीकॉम और एंटरप्राइज सेक्टर में डेटा मॉडर्नाइजेशन को तेज करना है.
कंपनी ने पिछले तिमाही में भी कहा था कि बड़े स्तर पर छंटनी की कोई योजना नहीं है. हालांकि कुछ कर्मचारियों को फिक्स्ड प्राइस प्रोजेक्ट से हटाकर इन नए और एडवांस प्रोजेक्ट्स में तैनात कर रही है, ताकि डेटा मॉडर्नाइजेशन को रफ्तार दी जा सके.
AI और नौकरियों पर मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट
इस बीच नौकरियों पर AI के खतरे को लेकर मॉर्गन स्टेनली की एक ताजा रिपोर्ट ने राहत दी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई का नौकरियों पर लंबे समय का असर उतना गंभीर नहीं हो सकता जितना कई लोग मानते हैं.रिपोर्ट के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) काम करने के तरीके को जरूर बदलेगा,लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं करेगा. कुछ काम जरूर ऑटोमेट हो सकते हैं लेकिन यह ज्यादातर कर्मचारी को स्थायी रूप से बेरोजगार नहीं करेगा. लोग धीरे-धीरे नए तरह के काम सीखेंगे.
हालांकि, टेक इंडस्ट्री के कुछ दिग्गजों का कहना है कि अगले 12 से 18 महीनों में कंप्यूटर बेस्ड ज्यादातर व्हाइट-कॉलर जॉब्स ऑटोमेशन की चपेट में आ सकती हैं.
ग्लोबल टेक कंपनियों में छंटनी का दौर (Global Tech Layoffs)
एक तरफ जहां टेक महिंद्रा ने छंटनी से इनकार किया है, वहीं दूसरी ओर दिग्गज अमेरिकी टेक कंपनियों में कटौती जारी है. ओरेकल (Oracle layoffs 2026) ने एआई डेटा सेंटर की क्षमता बढ़ाने के लिए 20,000 से 30,000 नौकरियों में कटौती की योजना बनाई है. वहीं, अमेजन (Amazon Layoffs) ने भी हाल ही में अपने एआई रीकंस्ट्रक्चरिंग के तहत 16,000 कर्मचारियों की छंटनी का ऐलान किया है.
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