Anthropic AI Report: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर तमाम तरह की रिपोर्ट्स आ रही हैं. हर रिपोर्ट में सिर्फ इसी बात का जिक्र है कि आखिर एआई से किन नौकरियों को खतरा है और कौन सी नौकरियां फिलहाल सुरक्षित रहेंगीं. अब इसे लेकर एआई मॉडल 'क्लाउड' (Claude) बनाने वाली कंपनी एंथ्रोपिक (Anthropic) ने एक नया पैरामीटर बनाया है, जिससे इस बात का पता लगाया जाएगा कि आखिर एआई कितनी नौकरियों को खा सकता है. इस टूल का नाम "ऑब्जर्व्ड एक्सपोजर" (Observed Exposure) रखा गया है. कहा गया है. ये टूल व्हाइट-कॉलर जॉब्स पर होने वाले एआई के असर को लेकर एक 'अर्ली वार्निंग सिस्टम' के तौर पर काम करेगा.
नौकरियों पर कब मंडराता है खतरा?
एंथ्रोपिक की रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि किसी नौकरी पर खतरा सबसे ज्यादा कब होता है. इसके लिए अलग-अलग कंडीशन बताई गई हैं.
- वो नौकरी जिसमें काम को एआई के जरिए ऑटोमेट किया जा सकता है
- जिस नौकरी के लिए एआई को जरूरी तौर पर देखा जा रहा हो
- नौकरी के दौरान जो काम किए जाते हैं, उनमें ज्यादा हिस्सा ऑटोमेशन का हो

इन 10 नौकरियों को सबसे ज्यादा खतरा
एंथ्रोपिक की रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि किन 10 नौकरियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से सबसे ज्यादा खतरा है.
- कंप्यूटर प्रोग्रामर (Computer Programmers) की नौकरी में 75% काम को एआई कर सकता हैकस्टमर सर्विस रिप्रेजेंटेटिव
- डेटा एंट्री कीयर्स
- मेडिकल रिकॉर्ड स्पेशलिस्ट
- मार्केट रिसर्च एनालिस्ट और मार्केटिंग स्पेशलिस्ट
- सेल्स रिप्रेजेंटेटिव (थोक और विनिर्माण, तकनीकी उत्पादों को छोड़कर)
- वित्तीय और निवेश विश्लेषक (Financial and Investment Analysts)
- सॉफ्टवेयर क्वालिटी एश्योरेंस एनालिस्ट और टेस्टर्स
- इंफोर्मेशन सिक्योरिटी एनालिस्ट
- इंश्योरेंस अंडरराइटर्स
- कंप्यूटर यूजर सपोर्ट स्पेशलिस्ट
एआई का असली इस्तेमाल तो अभी हुआ ही नहीं
एंथ्रोपिक की रिपोर्ट ने जो चौंकाने वाली बात कही है, उसमें बताया गया है कि मौजूदा दौर में एआई का पूरा इस्तेमाल तो हो ही नहीं रहा है. इसके लिए कंप्यूटर और कैलकुलेशन से जुड़ी नौकरियों का उदाहरण दिया गया है. जिसमें बताया गया है कि ऐसी नौकरियों में 94% काम एआई के जरिए किए जा सकते हैं, लेकिन फिलहाल सिर्फ 33% कामों में ही इसका इस्तेमाल हो रहा है.
किस पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर
रिपोर्ट में बताया गया है कि जिन नौकरियों में एआई का जोखिम सबसे ज्यादा है, वहां काम करने वाले लोग ज्यादातर उम्र में बड़े या फिर महिलाएं हैं. इसके अलावा ज्यादा पढ़े-लिखे लोग और ज्यादा सैलरी वाले लोग भी इसकी जद में आ सकते हैं. कुल मिलाकर एआई भारत में एंट्री लेवल जॉब्स को प्रभावित कर सकता है.
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