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चांद पर बन रहा है होटल, 2032 तक होगा तैयार, जानिए कौन जा सकेगा और कितना होगा 1 रात का किराया

GRU ने चांद पर होटल में ठहरने के लिए शुरुआती बुकिंग अभी से खोल दी है. कंपनी के अनुसार, होटल के पहले मेहमान 2032 तक चांद पर रुक सकेंगे और एक रात के कमरे का शुरुआती किराया...

चांद पर बन रहा है होटल, 2032 तक होगा तैयार, जानिए कौन जा सकेगा और कितना होगा 1 रात का किराया

Moon Hotel Project: चांद पर जाना आज भी लोगों का सपना है, लेकिन टेक्नोलॉजी की मदद से कुछ लोग इतना आगे निकल चुके हैं कि आम इंसान को उसका अंदाजा लगाना मुश्किल है. अभी तक सिर्फ चांद पर सिर्फ कुछ ही गिने-चुने लोग जा पाएं हैं. लेकिन अब एक और बड़ी खबर आई है कि चांद पर होटल बनने की तैयारी में है. जी हां, चांद पर होटल. कैलिफोर्निया की एक स्पेस स्टार्टअप कंपनी Galactic Resource Utilisation Space (GRU) ने दुनिया का पहला स्थायी होटल चांद पर बनाने की घोषणा की है. इस कंपनी का टार्गेट है कि साल 2032 तक इनका चांद पर बना होटल मेहमानों के स्वागत के लिए तैयार हो जाएगा.

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बुकिंग अभी से शुरू
GRU ने चांद पर होटल में ठहरने के लिए शुरुआती बुकिंग अभी से खोल दी है. कंपनी के अनुसार, होटल के पहले मेहमान 2032 तक चांद पर रुक सकेंगे और एक रात के कमरे का शुरुआती किराया करीब 4.10 लाख डॉलर यानी साढ़े तीन करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकता है. लेकिन भविष्य की बुकिंग सुरक्षित करने के लिए करीब 10 लाख डॉलर यानी लगभग 8 करोड़ रुपये की डिपॉजिट राशि जमा करनी होगी.

2029 से होटल का काम शुरू
GRU का कहना है कि सभी तकनीकी परीक्षण और सरकारी मंजूरियां पूरी होने के बाद 2029 में चांद पर होटल का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा. उसी साल कंपनी एक टेस्ट मिशन भी लॉन्च करने की योजना बना रही है, जिससे यह साबित किया जा सके कि चांद की सतह पर मजबूत और टिकाऊ संरचनाएं बनाई जा सकती हैं. अगर सब कुछ योजना के अनुसार चला, तो होटल का पहला चरण 2032 तक पूरी तरह चालू हो सकता है.

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आखिर चांद पर होटल बनेगा कैसे?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब इंसान अब तक चांद पर एक छोटा सा घर भी नहीं बना पाया, तो वहां इतना बड़ा होटल कैसे बनेगा. GRU का दावा है कि वह पारंपरिक तरीकों से अलग एक खास तकनीक का इस्तेमाल करेगा. कंपनी चांद की मिट्टी यानी लूनर सॉयल को ही निर्माण सामग्री में बदलने की योजना बना रही है. इससे पृथ्वी से भारी सामग्री ले जाने की जरूरत कम होगी और लागत भी काफी घटेगी.

कंपनी के अनुसार, ऑटोमेटेड मशीनें और मॉड्यूलर यूनिट्स चांद पर भेजी जाएंगी, जिन्हें वहीं जोड़कर एक आत्मनिर्भर ढांचा तैयार किया जाएगा. यही तकनीक भविष्य में चांद पर रिसर्च बेस और यहां तक कि मंगल ग्रह पर शुरुआती बस्तियां बसाने में भी काम आ सकती है.

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कौन जा सकेगा इस होटल में?
चांद पर बनने जा रहा ये होटल अल्ट्रा-लक्ज़री कैटेगरी में आएगा. कंपनी को उम्मीद है कि इसके ग्राहक अमीर स्पेस लवर्स, पहले से स्पेस टूरिज्म का अनुभव ले चुके लोग और यहां तक कि खास हनीमून मनाने वाले कपल्स भी हो सकते हैं.

GRU क्या है?
GRU की स्थापना 21 साल के युवा इंजीनियर स्कायलर चान ने की है, जिन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई की. यह स्टार्टअप Y Combinator के जरिए चर्चा में आया और बाद में SpaceX और Nvidia से जुड़े निवेशकों का भरोसा जीतने में सफल रहा. GRU को चांद पर होटल के इस प्रोडेक्ट को Nvidia, SpaceX, Y Combinator और डिफेंस टेक कंपनी Anduril से जुड़े निवेशकों का साथ मिल रहा है.

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