फाइल फोटो (सौजन्य : AP)
बीजिंग:
विश्व एथलेटिक्स चैम्पिनयशिप की चक्का फेंक स्पर्धा में भारत के विकास गौड़ा गुरुवार को फाइनल में पहुंच गए। उल्लेखनीय है कि गौड़ा ने लगातार तीसरी बार इस चैम्पियनशिप के फाइनल में जगह बनाई है। इस स्पर्धा का फाइनल 29 अगस्त को होगा।
भारत के लिए एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले गौड़ा ने क्वालीफाइंग में 63.86 मीटर की दूरी नापी। हालांकि वह ऑटोमेटिक क्वालीफिकेशन के लिए जरूरी 65 मीटर की दूरी नहीं नाप सके, लेकिन क्वालीफिकेशन में शामिल 30 एथलीटों में सातवें स्थान पर रहे।
गौड़ा ने ग्रुप-ए में चौथा स्थान हासिल किया। 65 की दूरी नापने वाले सिर्फ दो एथलीट रहे। फाइल में कुल 12 एथलीट शामिल हैं, जिनमें से 13 का चयन बेहतर दूरी के आधार पर किया गया है।
अमेरिका में रहकर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले गौड़ा ने पहले ही प्रयास में यह दूरी नापी। दूसरे प्रयास में 63.83 मीटर चक्का फेकने में सफल रहे। तीसरे प्रयास में वह फाउल कर बैठे।
ग्रुप-ए से जमैका के फ्रेडरिक डेकरेस ने सबसे अधिक 65.77 मीटर दूरी नापी। मास्को में रजत पदक जीतने वाले पोलैंड के पियोत मालाचियोस्की ने 65.59 मीटर दूरी नापी और ऑटोमेटिक क्वालीफिकेशन पाने वाले डेकरेस के बाद दूसरे एथलीट रहे।
ग्रुप-बी से कोई भी एथलीट 65 मीटर के मार्क को पार नहीं कर सका। ग्रुप-ए से सात और ग्रुप-बी से पांच एथलीटों को फाइनल में जगह मिली।
गौड़ा ने इससे पहले दोएगू (2011) और मास्को (2013) में भी फाइनल में जगह बनाई थी। वह दाएगू और बर्लिन में फाइनल में सातवें स्थान पर रहे थे। लंदन ओलम्पिक में गौड़ा आठवें स्थान पर रहे थे।
भारत के लिए एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले गौड़ा ने क्वालीफाइंग में 63.86 मीटर की दूरी नापी। हालांकि वह ऑटोमेटिक क्वालीफिकेशन के लिए जरूरी 65 मीटर की दूरी नहीं नाप सके, लेकिन क्वालीफिकेशन में शामिल 30 एथलीटों में सातवें स्थान पर रहे।
गौड़ा ने ग्रुप-ए में चौथा स्थान हासिल किया। 65 की दूरी नापने वाले सिर्फ दो एथलीट रहे। फाइल में कुल 12 एथलीट शामिल हैं, जिनमें से 13 का चयन बेहतर दूरी के आधार पर किया गया है।
अमेरिका में रहकर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले गौड़ा ने पहले ही प्रयास में यह दूरी नापी। दूसरे प्रयास में 63.83 मीटर चक्का फेकने में सफल रहे। तीसरे प्रयास में वह फाउल कर बैठे।
ग्रुप-ए से जमैका के फ्रेडरिक डेकरेस ने सबसे अधिक 65.77 मीटर दूरी नापी। मास्को में रजत पदक जीतने वाले पोलैंड के पियोत मालाचियोस्की ने 65.59 मीटर दूरी नापी और ऑटोमेटिक क्वालीफिकेशन पाने वाले डेकरेस के बाद दूसरे एथलीट रहे।
ग्रुप-बी से कोई भी एथलीट 65 मीटर के मार्क को पार नहीं कर सका। ग्रुप-ए से सात और ग्रुप-बी से पांच एथलीटों को फाइनल में जगह मिली।
गौड़ा ने इससे पहले दोएगू (2011) और मास्को (2013) में भी फाइनल में जगह बनाई थी। वह दाएगू और बर्लिन में फाइनल में सातवें स्थान पर रहे थे। लंदन ओलम्पिक में गौड़ा आठवें स्थान पर रहे थे।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
विश्व एथलेटिक्स चैम्पिनयशिप, चक्का फेंक, विकास गौड़ा, World Athletics Championship, Vikas Gowda, Discus Throw