फाइल फोटो
नई दिल्ली:
भारत के लिए ओलिम्पिक खेलों में व्यक्तिगत स्पर्धा के दो पदक जीतने वाले एकमात्र खिलाड़ी सुशील कुमार का कहना है कि रियो ओलिम्पिक-2016 के लिए चाहे कोई भी क्वालीफाई करे, इससे फर्क नहीं पड़ता, बल्कि जरूरी यह है कि उनमें से जो भी जाए वह पदक जीते।
गौरतलब है कि लंदन ओलिम्पिक-2012 के बाद से चोटों के कारण लंबे समय से रिंग से बाहर चल रहे सुशील की जगह युवा नरसिंह पंचम यादव, 74 किलोग्राम भारवर्ग में भारत के सर्वोच्च विकल्प बनकर उभरे हैं।
गौरतलब है कि विश्व चैम्पियनशिप के लिए होने वाले ट्रायल में दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबले का सभी को बेसब्री से इंतजार था, लेकिन कंधे में चोट के कारण सुशील ट्रायल में हिस्सा नहीं ले सके, जिससे नरसिंह को लास वेगास में सात से 15 सितंबर के बीच होने वाली विश्व चैम्पियनशिप में प्रवेश मिल गया।
सुशील ने आईएएनएस को दिए साक्षात्कार में कहा, "हमारे बीच पिछले वर्ष ही ट्रायल मुकाबला होने वाला था, लेकिन नहीं हो सका। मेरे लिए यह ट्रायल काफी मुश्किल होने वाला है, क्योंकि मैं जब पूरी तरह स्वस्थ हो जाऊंगा तभी ट्रायल दूंगा। मैं जिस तरह खेलता हूं उससे सभी वाकिफ हैं और एक ही भारवर्ग में होने के बावजूद हम साथ-साथ प्रशिक्षण लेते हैं।"
सुशील ने कहा, "नरसिंह अगर मेरी जगह ओलिम्पिक के लिए क्वालीफाई कर लेता है तो अच्छा होगा। क्योंकि यहां से देश हित व्यक्तिगत हित के ऊपर हो जाता है। जो अच्छा करेगा वह ओलिम्पिक में प्रवेश करेगा और देश के लिए पदक जीतने का हक हासिल करेगा। अगर मैं कहूं कि, नहीं सिर्फ मैं ही खेलूंगा और मैं अभी पूरी तरह फिट भी नहीं हूं, तो इसमें कोई तर्क नहीं है।"
विश्व चैम्पियनशिप में देश के लिए स्वर्ण जीतने वाले एकमात्र पहलवान सुशील ने कहा कि उनके कंधे की चोट ठीक हो गई है और वह जल्द ही अमेरिका में दो से तीन महीने के प्रशिक्षण के लिए रवाना होंगे।
सुशील ने कहा, "मेरा कंधा अब काफी ठीक है और जल्द ही मैं प्रशिक्षण शुरू कर दूंगा। संभव हो सका तो मैं अमेरिका में यह प्रशिक्षण लूंगा। मैं विश्व चैम्पियनशिप देखने भी जा सकता हूं।"
विश्व चैम्पियनशिप में सुशील हिस्सा तो नहीं ले पा रहे, लेकिन अन्य प्रतिभागियों को उन्होंने शुभकामनाएं दी हैं। उन्हें पिछले विश्व चैम्पियनशिप में रजत पदक जीतने वाले अमित कुमार, नरसिह और ओलम्पिक में कांस्य पदक विजेता योगेश्वर दत्त से पदक की उम्मीद है।
गौरतलब है कि लंदन ओलिम्पिक-2012 के बाद से चोटों के कारण लंबे समय से रिंग से बाहर चल रहे सुशील की जगह युवा नरसिंह पंचम यादव, 74 किलोग्राम भारवर्ग में भारत के सर्वोच्च विकल्प बनकर उभरे हैं।
गौरतलब है कि विश्व चैम्पियनशिप के लिए होने वाले ट्रायल में दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबले का सभी को बेसब्री से इंतजार था, लेकिन कंधे में चोट के कारण सुशील ट्रायल में हिस्सा नहीं ले सके, जिससे नरसिंह को लास वेगास में सात से 15 सितंबर के बीच होने वाली विश्व चैम्पियनशिप में प्रवेश मिल गया।
सुशील ने आईएएनएस को दिए साक्षात्कार में कहा, "हमारे बीच पिछले वर्ष ही ट्रायल मुकाबला होने वाला था, लेकिन नहीं हो सका। मेरे लिए यह ट्रायल काफी मुश्किल होने वाला है, क्योंकि मैं जब पूरी तरह स्वस्थ हो जाऊंगा तभी ट्रायल दूंगा। मैं जिस तरह खेलता हूं उससे सभी वाकिफ हैं और एक ही भारवर्ग में होने के बावजूद हम साथ-साथ प्रशिक्षण लेते हैं।"
सुशील ने कहा, "नरसिंह अगर मेरी जगह ओलिम्पिक के लिए क्वालीफाई कर लेता है तो अच्छा होगा। क्योंकि यहां से देश हित व्यक्तिगत हित के ऊपर हो जाता है। जो अच्छा करेगा वह ओलिम्पिक में प्रवेश करेगा और देश के लिए पदक जीतने का हक हासिल करेगा। अगर मैं कहूं कि, नहीं सिर्फ मैं ही खेलूंगा और मैं अभी पूरी तरह फिट भी नहीं हूं, तो इसमें कोई तर्क नहीं है।"
विश्व चैम्पियनशिप में देश के लिए स्वर्ण जीतने वाले एकमात्र पहलवान सुशील ने कहा कि उनके कंधे की चोट ठीक हो गई है और वह जल्द ही अमेरिका में दो से तीन महीने के प्रशिक्षण के लिए रवाना होंगे।
सुशील ने कहा, "मेरा कंधा अब काफी ठीक है और जल्द ही मैं प्रशिक्षण शुरू कर दूंगा। संभव हो सका तो मैं अमेरिका में यह प्रशिक्षण लूंगा। मैं विश्व चैम्पियनशिप देखने भी जा सकता हूं।"
विश्व चैम्पियनशिप में सुशील हिस्सा तो नहीं ले पा रहे, लेकिन अन्य प्रतिभागियों को उन्होंने शुभकामनाएं दी हैं। उन्हें पिछले विश्व चैम्पियनशिप में रजत पदक जीतने वाले अमित कुमार, नरसिह और ओलम्पिक में कांस्य पदक विजेता योगेश्वर दत्त से पदक की उम्मीद है।
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