एशियाई खेल या उसी समय होने वाले डब्ल्यूटीए टूर्नामेंट में से किसी एक में खेलने को लेकर असमंजस की स्थिति में फंसी सानिया मिर्जा ने दक्षिण कोरिया के इंचियोन में होने वाले महाद्वीपीय खेल महाकुंभ में भाग लेने को लेकर आखिरी फैसला अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) पर छोड़ दिया।
सानिया यूएस ओपन मिश्रित युगल का खिताब जीतने के बाद रविवार को स्वदेश लौटी और उनसे सोमदेव देववर्मन और रोहन बोपन्ना के हटने के बाद एशियाई खेलों को लेकर बनी असंमजस की स्थिति के बारे में पूछा गया। सानिया ने पत्रकारों से कहा, एशियाई खेलों को लेकर निश्चित तौर पर कुछ समस्याएं हैं, क्योंकि इसी समय एशिया में बीजिंग और टोक्यो में दो अन्य बड़े टूर्नामेंट खेले जाने हैं। मुझे इन दो सप्ताहों में कई अंकों का बचाव करना होगा, इसलिए यह काफी मुश्किल स्थिति है।
उन्होंने कहा, लेकिन मैं इस पर फैसला करने का जिम्मा महासंघ पर छोड़ती हूं, क्योंकि मेरे लिए अभी फैसला करना बहुत मुश्किल है। सानिया ने कहा कि सर्किट को छोड़कर खेलों को तरजीह देने से उनके लिए डब्ल्यूटीए के सत्र के चैंपियनशिप फाइनल में जगह बनाना मुश्किल हो जाएगा।
सानिया ने कहा, इसलिए अभी मेरे लिए फैसला करना बहुत मुश्किल है। क्योंकि मुझे लगता है कि हमारे पास साल के आखिर में सिंगापुर में होने वाली चैंपियनशिप में जगह बनाने का मौका है और यदि मैं इन दो टूर्नामेंट में नहीं खेलती हूं, तो फिर चैंपियनशिप में जगह बनाना मुश्किल हो जाएगा।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं