कुंबले मानते हैं कि भारत के पास 1983 के बाद विश्वकप जीतने का बढ़िया मौका है, लेकिन खिलाड़ियों के लिए फिटनेस सबसे बड़ी चिंता होगी।
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
बेंगलुरु:
पूर्व टेस्ट कप्तान अनिल कुंबले मानते हैं कि भारत के पास 1983 के बाद विश्वकप जीतने का बढ़िया मौका है, लेकिन खिलाड़ियों के लिए फिटनेस सबसे बड़ी चिंता होगी। उन्होंने कहा कि 28 साल पुराने मिथक को तोड़ने के लिए भारतीय टीम 19 फरवरी से शुरू हो रहे टूर्नामेंट के दौरान चोटों से किस तरह दूर रहती है, यह सब इसी पर निर्भर करेगा। कुंबले ने कहा, मेरी एकमात्र चिंता खिलाड़ियों की फिटनेस है। अगर वे चोटों के बिना पूरे टूर्नामेंट में खेल सकते हैं, तो हम निश्चित रूप से कप दोबारा हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत के अलावा गत चैंपियन ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका ट्रॉफी जीतने की प्रबल दावेदार टीमें हैं। कुंबले ने कहा, हमारे पास बहुत अच्छा मौका है, शायद विश्वकप जीतने का यह सर्वश्रेष्ठ मौका हो। कुंबले 1996 (अपनी सरजमीं), 1999 (इंग्लैंड), 2003 (दक्षिण अफ्रीका) और 2007 (वेस्टइंडीज) में भारतीय टीम का हिस्सा थे। उन्होंने कहा, टूर्नामेंट में हमारे लिए कई चीजें फायदेमंद हैं। खिलाड़ियों की फॉर्म बेहतरीन है। सभी खिलाड़ी भी काफी अच्छे हैं। टीम में कुछ ऐसे ऑलराउंडर भी हैं, जो बल्ले और गेंद से बढ़िया प्रदर्शन कर सकते हैं।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
अनिल कुंबले, क्रिकेट, विश्वकप