लंदन ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुके युवा मुक्केबाज शिव थापा और सुमित सांगवान ने अस्ताना में एशियाई ओलिंपिक क्वालीफायर में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किए।
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नई दिल्ली:
लंदन ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुके युवा मुक्केबाज शिव थापा और सुमित सांगवान ने अस्ताना में एशियाई ओलिंपिक क्वालीफायर में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किए। भारत के तीन मुक्केबाजों ने इस प्रतियोगिता से लंदन का टिकट कटाया। भारत के कुल मिलाकर सात मुक्केबाज लंदन ओलिंपिक की मुक्केबाजी प्रतियोगिता में चुनौती पेश करेंगे।
18 वर्षीय शिव (56 किग्रा) ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले युवा भारतीय मुक्केबाज हैं। उन्होंने सीरिया के वेसाम सालामाना को 18.11 से हराकर लगातार दूसरा अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक अपनी झोली में डाला। सुमित (81 किग्रा) ने तजाकिस्तान के जाकोन कुरबानोव को 14.9 से परास्त कर अपना पहला सीनियर अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण हासिल किया।
इन दोनों के अलावा विजेंदर सिंह (75 किग्रा) ने भी अंतिम क्वालीफायर के सेमीफाइनल में पहुंचकर जुलाई अगस्त में होने वाले ओलिंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई किया। चार भारतीय मुक्केबाज एल देवेंद्रो सिंह (49 किग्रा), जय भगवान (60 किग्रा), मनोज कुमार (64 किग्रा) और विकासकृष्ण (69 किग्रा) ने पिछले साल विश्व चैम्पियनशिप से ओलिंपिक खेलों में जगह बना ली थी।
18 वर्षीय शिव (56 किग्रा) ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले युवा भारतीय मुक्केबाज हैं। उन्होंने सीरिया के वेसाम सालामाना को 18.11 से हराकर लगातार दूसरा अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक अपनी झोली में डाला। सुमित (81 किग्रा) ने तजाकिस्तान के जाकोन कुरबानोव को 14.9 से परास्त कर अपना पहला सीनियर अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण हासिल किया।
इन दोनों के अलावा विजेंदर सिंह (75 किग्रा) ने भी अंतिम क्वालीफायर के सेमीफाइनल में पहुंचकर जुलाई अगस्त में होने वाले ओलिंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई किया। चार भारतीय मुक्केबाज एल देवेंद्रो सिंह (49 किग्रा), जय भगवान (60 किग्रा), मनोज कुमार (64 किग्रा) और विकासकृष्ण (69 किग्रा) ने पिछले साल विश्व चैम्पियनशिप से ओलिंपिक खेलों में जगह बना ली थी।
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