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Success Story: बंदूकों के बीच बीता बचपन, मां को रहता था डर, दिलचस्प है राइजा ढिल्लों के शूटिंग करियर की कहानी

हरियाणा के करनाल के पास शामगढ़ गांव की रहने वाली एशियन गेम्स मेडलिस्ट राइजा का शूटिंग में करियर बनाने का सफर काफी दिलचस्प रहा है.

Success Story: बंदूकों के बीच बीता बचपन, मां को रहता था डर, दिलचस्प है राइजा ढिल्लों के शूटिंग करियर की कहानी
Raiza Dhillon
NDTV

हरियाणा की भारतीय स्कीट शूटर राइजा ढिल्लों ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं के स्कीट टीम इवेंट में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता. राइजा के घर में बहुत सारी बंदूकें हैं. कलेक्शन का ये सिलसिला इतना लंबा है कि इनके पिताजी, दादाजी और  परदादाजी की भी गन्स घर में है, और यहीं से इन्हें शूटिंग में करियर बनाने की प्रेरणा मिली.

राइजा ने डीडी न्यूज के साथ एक इंटरव्यू में बताया कि, बचपन से मैंने गंस को बहुत नजदीक से देखा था, लेकिन मुझे कभी ऐसे लगा नहीं कि इसमें करियर बना सकते हैं, बल्कि मुझे तो पता भी नहीं था कि इसमें एक स्पॉट होता है. मुझे लगा कि घर में बंदूके रखने की एक रिवाज है बस वही चलती आ रही है. 

उन्होंने बताया कि, स्कूल के समय में मां ने मुझे बोला था कि पढ़ाई के साथ कोई ना कोई स्पोर्ट खेलो. तो मैंने बहुत स्पोर्ट्स ट्राई किए, फिर पापा ने बोला कि आप एक बारी शूटिंग ट्राई करो, तो फिर मैंने उन बंदूक से शूटिंग ट्राई करी जो घर में थीं, और मुझे बहुत मजा आया. इसके बाद शूटिंग के लिए मेरे अंदर एक जुनून पैदा हो गया. वहीं से शूटिंग का सफर शुरू हो गया.

मां नहीं चाहती थीं बेटी शूटिंग को चुने

दिलचस्प बात एक यह भी है कि राइजा ढिल्लों की मां जोकि गांव की सरपंच भी हैं, वह नहीं चाहती थी कि उनकी बेटी शूटिंग को खेल के रूप में चुने. राइजा की मां को लगता था कि शूटिंग बहुत अग्रेसिव स्पोर्ट है. और उनका मानना था कि लड़कियों को बंदूक नहीं देते हैं.

करनाल के पास शामगढ़ गांव की रहने वाली राइजा ने बताया कि, मेरी मां को लगता था कि छोटी उम्र में बंदूक पकड़ना और शूटिंग करना शायद सेफ नहीं होगा. तो उनको था कि कोई और सपोर्ट खेल लो, लेकिन शूटिंग नहीं खेले, लेकिन मुझे कोई और स्पोर्ट में इतना मजा नहीं आया जितना शूटिंग के लिए जुनून था.

12 साल की उम्र में पहली बार राइफल संभाली

राइजा ने 12 साल की उम्र में पहली बार एयर राइफल संभाली और 15 साल की उम्र में स्कीट शूटिंग शुरू की. उन्होंने 2021 में पेरू के लीमा में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड जीता. इसके अलावा 2023 में कोरिया में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता. 2025 में जूनियर वर्ल्ड कप में दो सिल्वर मेडल जीते. नेशनल उपलब्धियों की बात करें तो उन्होंने नेशनल और सीनियर नेशनल टाइटल जीते हैं. वह 122 मार्क्स के साथ नेशनल रिकॉर्ड होल्डर हैं.

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