एन चंद्रबाबू नायडू की तेलगू देशम पार्टी में शामिल होकर मंत्री बने वाईएसआर कांग्रेस से चुने गए चार विधायक घोषित हो सकते हैं अयोग्य.
- वाईएसआर कांग्रेस के टिकट पर आंध्र प्रदेश विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे
- चंद्रबाबू नायडू की तेलगू देशम पार्टी सरकार में शामिल हुए और मंत्री बने
- संविधान के अनुच्छेद 164 (1बी) व संबंधित मानदंडों का उल्लंघन किया गया
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
हैदराबाद:
हैदराबाद उच्च न्यायालय ने आंध्र प्रदेश के चार मंत्रियों को मंगलवार को नोटिस जारी किया और उनसे पूछा कि वाईएसआर कांग्रेस छोड़कर सत्तारूढ़ तेदेपा में शामिल होने के लिए क्यों न उन्हें अयोग्य ठहराया जाए.
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति टी रजनी की दो सदस्यीय पीठ पत्रकार टी शिवप्रसाद रेड्डी की रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी. पीठ ने आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव के साथ—साथ मंत्रियों एन अमरनाथ रेड्डी, आरएस कृष्ण रंगा राव, भूमा अखिला प्रिया और सी आदि नारायण रेड्डी को नोटिस जारी किया.
इनमें से सभी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के टिकट पर आंध्र प्रदेश विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे लेकिन इस साल अप्रैल में एन चंद्रबाबू नायडू की तेलगू देशम पार्टी सरकार में शामिल हुए और बाद में मंत्री बने.
पढ़ें- वोट के लिए नोट : विधान परिषद चुनाव के लिए रिश्वत देते पकड़े गए टीडीपी विधायक, जेल भेजा गया
इन विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने का विरोध करते हुए याचिकाकर्ता ने कहा कि आंध्र प्रदेश सरकार की यह कार्रवाई बेहद मनमानी, अवैध, बिना विवेक का इस्तेमाल किए और संविधान के अनुच्छेद 164 (1बी) व संबंधित मानदंडों का उल्लंघन करते हुए थी.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति टी रजनी की दो सदस्यीय पीठ पत्रकार टी शिवप्रसाद रेड्डी की रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी. पीठ ने आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव के साथ—साथ मंत्रियों एन अमरनाथ रेड्डी, आरएस कृष्ण रंगा राव, भूमा अखिला प्रिया और सी आदि नारायण रेड्डी को नोटिस जारी किया.
इनमें से सभी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के टिकट पर आंध्र प्रदेश विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे लेकिन इस साल अप्रैल में एन चंद्रबाबू नायडू की तेलगू देशम पार्टी सरकार में शामिल हुए और बाद में मंत्री बने.
पढ़ें- वोट के लिए नोट : विधान परिषद चुनाव के लिए रिश्वत देते पकड़े गए टीडीपी विधायक, जेल भेजा गया
इन विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने का विरोध करते हुए याचिकाकर्ता ने कहा कि आंध्र प्रदेश सरकार की यह कार्रवाई बेहद मनमानी, अवैध, बिना विवेक का इस्तेमाल किए और संविधान के अनुच्छेद 164 (1बी) व संबंधित मानदंडों का उल्लंघन करते हुए थी.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं