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तेजस्वी सूर्या ने भारत‑पाकिस्तान बंटवारे से की तेलंगाना गठन की तुलना, मचा सियासी बवाल

लोकसभा में बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या द्वारा तेलंगाना के गठन की तुलना भारत‑पाकिस्तान बंटवारे से किए जाने के बाद सियासी तूफान खड़ा हो गया है. उनके इस बयान पर कांग्रेस और बीआरएस ने असंवेदनशील बताते हुए माफी और कार्रवाई की मांग की.

तेजस्वी सूर्या ने भारत‑पाकिस्तान बंटवारे से की तेलंगाना गठन की तुलना, मचा सियासी बवाल
कांग्रेस और बीआरएस तेजस्वी सूर्या पर हमलावर
  • बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने आंध्र प्रदेश विभाजन और तेलंगाना गठन की तुलना भारत‑पाकिस्तान बंटवारे से की
  • तेलंगाना मंत्री ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर तेजस्वी सूर्या की टिप्पणी पर कार्रवाई और माफी की मांग की
  • बीआरएस के अध्यक्ष के.टी. रामाराव ने तेजस्वी सूर्या के बयान को घोर अज्ञानता बताया और बिना शर्त माफी की अपील की
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संसद के विशेष सत्र के दौरान लोकसभा में दिए गए बेंगलुरु से बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या के बयान ने तेलंगाना की राजनीति में हलचल मचा दी है. अब उनके बयान को लेकर कांग्रेस और बीआरएस की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. लोकसभा में बहस के दौरान तेजस्वी सूर्या ने आंध्र प्रदेश के विभाजन और तेलंगाना के गठन की तुलना भारत‑पाकिस्तान बंटवारे से की. उनके इस बयान को तेलंगाना राज्य आंदोलन और 2014 में हुए आंध्र प्रदेश के विभाजन से जुड़ी भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया जा रहा है.

तेलंगाना गठन की भारत‑पाकिस्तान विभाजन से तुलना पर आपत्ति

इस तुलना को असंवेदनशील और ऐतिहासिक रूप से गलत बताते हुए व्यापक आलोचना की जा रही है. तेलंगाना मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर तेजस्वी सूर्या की टिप्पणी को कार्यवाही से हटाने की मांग की है. उन्होंने तेलंगाना के गठन की तुलना भारत‑पाकिस्तान विभाजन से किए जाने पर आपत्ति जताते हुए इसे “असंवेदनशील और तथ्यात्मक रूप से गलत” बताया. साथ ही उन्होंने आधिकारिक रिकॉर्ड से टिप्पणी हटाने, सांसद से माफी और संसदीय मर्यादा बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग की है.

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के.टी. रामाराव का बीजेपी पर हमला, बिना शर्त माफी की मांग

बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामाराव ने भी बीजेपी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि तेलंगाना के लोकतांत्रिक गठन की तुलना देश के दुखद विभाजन से करना घोर अज्ञानता और अहंकार को दर्शाता है. रामाराव ने तेजस्वी सूर्या और बीजेपी से बिना शर्त माफी की मांग करते हुए कहा कि तेलंगाना कोई दान नहीं था, बल्कि दशकों के संघर्ष और हजारों युवाओं के बलिदान से हासिल हुआ है.

के. कविता का तीखा ट्वीट, तेलंगाना सांसदों पर भी सवाल

तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि तेजस्वी सूर्या न केवल छह दशकों तक तेलंगाना के लिए संघर्ष करने वालों का अपमान कर रहे हैं, बल्कि उन हजारों लोगों की यादों का भी अपमान कर रहे हैं जिन्होंने अपने प्राण न्योछावर किए. कविता ने तेलंगाना से आने वाले बीजेपी सांसदों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि या तो वे आवाज उठाएं या इस्तीफा दें, क्योंकि यदि वे जनता की भावनाओं की गरिमा नहीं रख सकते, तो उन्हें तेलंगाना का प्रतिनिधित्व करने का अधिकार नहीं है.

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तेलंगाना सांसदों की चुप्पी पर बीआरएस की आलोचना

बीआरएस ने संसद में मौजूद तेलंगाना के सांसदों की चुप्पी की भी आलोचना की है. पार्टी का कहना है कि संसद के पटल पर ऐसी टिप्पणियां किए जाने के बावजूद राज्य के निर्वाचित प्रतिनिधियों का मौन रहना शर्मनाक है. राजनीतिक माहौल गर्माने और सोशल मीडिया पर सार्वजनिक आक्रोश बढ़ने के साथ यह मामला बड़ा टकराव बिंदु बन गया है और बीजेपी व उसके सांसद तेजस्वी सूर्या चर्चा के केंद्र में आ गए हैं.
 

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