त्रिपुरा में लेनिन की मूर्ति ढहाई गई.
- त्रिपुरा में लेनिन की मूर्ति गिराई गई
- तमिलनाडु में पेरियार की मूर्ति को नुकसान पहुंचाया गया
- पीएम ने इस पर नाराजगी जताई.
नई दिल्ली:
तमिलनाडु में पेरियार की मूर्ति को नुकसान पहुंचाए जाने की घटना के बाद राज्य में किसी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं. इस घटना के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने भी नाराजगी जाहिर की है. पीएम ने मूर्तियों को तोड़े जाने पर नाराजगी जाहिर की है. बताया जा रहा है कि पीएम ने त्रिपुरा में लेनिन की मूर्तियां और तमिलनाडु में पेरियार की मूर्तियों को तोड़े जाने पर यह बात कही है. उन्होंने इस संबंध में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से बात की है. बताया जा रहा है कि गृहमंत्री ने इस पूरे घटनाक्रम पर राज्य सरकार से रिपोर्ट तलब की है और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने के लिए कहा है. इसी के साथ केंद्र ने राज्य सरकार को हर प्रकार की मदद का आश्वासन दिया गया है. गृहमंत्रालय ने साफ कहा कि इस प्रकार की घटना को अंजाम देने वाले लोगों के साथ सख्ती से निपटा जाए और कानूनी कार्रवाई की जाए.
उल्लेखनीय है कि त्रिपुरा में रूसी क्रांति के नायक व्लादिमिर लेनिन की प्रतिमा गिराए जाने के बाद तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में समाज सुधारक ईवीआर रामास्वामी 'पेरियार' की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया. इस घटना के बाद राज्य में कई स्थानों पर पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था बढ़ानी पड़ी है. कई स्थानों पर पुलिस ने पेरियार की मूर्तियों की सुरक्षा बढ़ाई है और पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है.
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इससे पहले त्रिपुरा के बेलोनिया में बुलडोजर की मदद से रूसी क्रांति के नायक व्लादिमिर लेनिन की मूर्ति को गिरा दिया गया था. मूर्ति गिराने के दौरान लोग भारत माता की जय के नारे भी लगा रहे थे. त्रिपुरा के एसपी कमल चक्रवर्ती के मुताबिक सोमवार को दोपहर 3.30 बजे के करीब बीजेपी समर्थकों ने इसे अंजाम दिया. वहीं त्रिपुरा में बीजेपी की जीत के बाद से राज्य के कई इलाकों से तोड़फोड़ और हिंसा की खबरें भी आई हैं.
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लेनिन की प्रतिमा गिराए जाने के बाद भाजपा नेता एच राजा के बयान से तमिलनाडु में विवाद उत्पन्न हो गया था. फेसबुक पोस्ट में द्रविड़ आंदोलन के संस्थापक रामासामी के खिलाफ टिप्पणी करने की राज्य के कई नेताओं ने निंदा की. मु्द्दे को राजा का निजी विचार बताते हुए भाजपा की राज्य इकाई ने जब खुद को किनारे कर लिया तो इसके बाद उन्होंने इस पोस्ट को हटा लिया था.
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द्रमुक, एमडीएमके और वाम पार्टियों सहित राजनीतिक दलों ने भाजपा के राष्ट्रीय सचिव राजा के बयान की निंदा की थी. द्रमुक के कार्यकारी अध्यक्ष एम के स्टालिन ने उन्हें गुंडा एक्ट में गिरफ्तार करने की मांग की. राजा ने तमिल में लिखे फेसबुक पोस्ट में कहा, 'लेनिन कौन है और लेनिन तथा भारत के बीच क्या संबंध है? भारत का कम्युनिस्टों से क्या संबंध है? आज त्रिपुरा में लेनिन की प्रतिमा हटाई गई, कल तमिलनाडु में ईवी रामसामी की प्रतिमा भी हटाई जाएगी.'
बाद में उन्होंने यह पोस्ट हटा दिया था.
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राजा के पोस्ट की निंदा करते हुए स्टालिन ने कहा था कि पेरियार की प्रतिमा को किसी को 'छ्रने तक का हक नहीं है.' राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता स्टालिन ने संवाददाताओं से कहा था, 'एच राजा जैसे वरिष्ठ नेता अकसर ऐसे बयान देते हैं जिससे हिंसा भड़क सकती है. मेरा विचार है कि उन्हें गुंडा एक्ट के तहत गिरफ्तार किया जाना चाहिए.'
Incidents of toppling of statues have been reported from certain parts of the country. MHA has taken serious notes of such incidents of vandalism. PM also spoke to HM in this regard & has expressed his strong disapproval of such incidents: Ministry of Home Affairs pic.twitter.com/Mkd5aTtF4h
— ANI (@ANI) March 7, 2018
उल्लेखनीय है कि त्रिपुरा में रूसी क्रांति के नायक व्लादिमिर लेनिन की प्रतिमा गिराए जाने के बाद तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में समाज सुधारक ईवीआर रामास्वामी 'पेरियार' की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया. इस घटना के बाद राज्य में कई स्थानों पर पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था बढ़ानी पड़ी है. कई स्थानों पर पुलिस ने पेरियार की मूर्तियों की सुरक्षा बढ़ाई है और पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है.
बता दें कि पेरियार की मूर्ति के नुकसान पहुंचाने की घटना भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के विवादित सोशल मीडिया पोस्ट के कुछ घंटे बाद हुई है. पेरियार की प्रतिमा तिरूपत्तुर निगम कार्यालय के अंदर लगी थी, जिसे रात करीब 9 बजे निशाना बनाया गया. पेरियार की मूर्ति के चश्मे और नाक को नुकसान पहुंचाया गया. मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार जिन लो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें एक बीजेपी का सदस्य और दूसरा सीपीआई का कार्यकर्ता है.Police personnel guard a #PeriyarStatue in Coimbatore's. Gandhipuram. A Periyar statue was vandalized in Vellore earlier pic.twitter.com/O4w9thY707
— ANI (@ANI) March 7, 2018
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इससे पहले त्रिपुरा के बेलोनिया में बुलडोजर की मदद से रूसी क्रांति के नायक व्लादिमिर लेनिन की मूर्ति को गिरा दिया गया था. मूर्ति गिराने के दौरान लोग भारत माता की जय के नारे भी लगा रहे थे. त्रिपुरा के एसपी कमल चक्रवर्ती के मुताबिक सोमवार को दोपहर 3.30 बजे के करीब बीजेपी समर्थकों ने इसे अंजाम दिया. वहीं त्रिपुरा में बीजेपी की जीत के बाद से राज्य के कई इलाकों से तोड़फोड़ और हिंसा की खबरें भी आई हैं.
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लेनिन की प्रतिमा गिराए जाने के बाद भाजपा नेता एच राजा के बयान से तमिलनाडु में विवाद उत्पन्न हो गया था. फेसबुक पोस्ट में द्रविड़ आंदोलन के संस्थापक रामासामी के खिलाफ टिप्पणी करने की राज्य के कई नेताओं ने निंदा की. मु्द्दे को राजा का निजी विचार बताते हुए भाजपा की राज्य इकाई ने जब खुद को किनारे कर लिया तो इसके बाद उन्होंने इस पोस्ट को हटा लिया था.
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द्रमुक, एमडीएमके और वाम पार्टियों सहित राजनीतिक दलों ने भाजपा के राष्ट्रीय सचिव राजा के बयान की निंदा की थी. द्रमुक के कार्यकारी अध्यक्ष एम के स्टालिन ने उन्हें गुंडा एक्ट में गिरफ्तार करने की मांग की. राजा ने तमिल में लिखे फेसबुक पोस्ट में कहा, 'लेनिन कौन है और लेनिन तथा भारत के बीच क्या संबंध है? भारत का कम्युनिस्टों से क्या संबंध है? आज त्रिपुरा में लेनिन की प्रतिमा हटाई गई, कल तमिलनाडु में ईवी रामसामी की प्रतिमा भी हटाई जाएगी.'
बाद में उन्होंने यह पोस्ट हटा दिया था.
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राजा के पोस्ट की निंदा करते हुए स्टालिन ने कहा था कि पेरियार की प्रतिमा को किसी को 'छ्रने तक का हक नहीं है.' राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता स्टालिन ने संवाददाताओं से कहा था, 'एच राजा जैसे वरिष्ठ नेता अकसर ऐसे बयान देते हैं जिससे हिंसा भड़क सकती है. मेरा विचार है कि उन्हें गुंडा एक्ट के तहत गिरफ्तार किया जाना चाहिए.'
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Periyar, Tamil Nadu, PM Narendra Modi