तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललियता की मौत की जांच के लिए नियुक्त कमीशन पर सुप्रीम कोर्ट ने पर रोक लगा दी है. यह फैसला उस अपोलो हॉस्पिटल की याचिका पर आया है, जहां जयललिता का इलाज चल रहा था. सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर अपोलो हॉस्पिटल ने नई कमीशन के गठन की मांग करते हुए कहा कि इसमें ऐसे 23 डॉक्टर सदस्य हों, जो जयललिता की देखभाल और इलाज से जुड़े रहे हों. तब तक सुप्रीम कोर्ट की ओर से वर्तमान जांच पर रोक लगाई जाए. गौरतलब है कि मौजूदा वक्त एक कमीशन जयललिता की कथित संदिग्ध मौत को लेकर जांच कर रहा है.हाई कोर्ट ने अपोलो की याचिका को खारिज कर दिया था. जिसके खिलाफ अपोलो ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है.
यह भी पढ़ें- जयललिता की मौत के मामले में चौंकाने वाला खुलासा, पुलिस ने ही बंद कराया था हॉस्पिटल का सीसीटीवी
अपोलो कहना था कि सरकार द्वारा नियुक्त कमीशन सभी डॉक्टरों को बुला रहा है. यहां तक कि वो तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और चर्चित अभिनेता एमजी रामचंद्रन की मौत से जुडे कागजात भी मांग रहा है. इसलिए इस जांच कमीशन पर रोक लगाई जाए. हालांकि न्यायमूर्ति अरुमुगसामी आयोग को सितंबर 2017 में राज्य सरकार द्वारा नियुक्त किया गया था. राज्य सरकार ने कहा कि 90 प्रतिशत पूछताछ खत्म हो गई है. लेकिन SC ने आयोग की कार्रवाई पर रोक लगा दी और तमिलनाडु को नोटिस जारी किया.
वीडियो- शशिकला ने जयललिता की समाधि पर माथा टेका
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं