- तेलंगाना में प्रतिबंधित भाकपा माओवादी के वरिष्ठ कमांडर बरसा देवा समेत 19 माओवादियों का सरेंडर
- बरसा देवा छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के निवासी और PLGA बटालियन नंबर-1 के प्रमुख माने जाते थे
- सरेंडर के दौरान माओवादी 48 लाइट मशीन गन और लगभग ₹20 लाख नकदी पुलिस को सौंपे गए
तेलंगाना में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन को बड़ा झटका लगा है. संगठन के वरिष्ठ कमांडर बरसा देवा उर्फ बरसा सुक्का उर्फ दर्शन ने 19 अन्य माओवादियों के साथ हथियार डाल दिए. यह सरेंडर तेलंगाना सरकार की पुनर्वास नीति के तहत हुआ और राज्य के डीजीपी शिवधर रेड्डी की मौजूदगी में पूरा किया गया. सरेंडर के दौरान माओवादियों ने 48 लाइट मशीन गन (LMG) समेत भारी मात्रा में हथियार और ₹20 लाख नकदी पुलिस को सौंपी.
कौन है बरसा देवा?
बरसा देवा छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के पुवर्ती गांव का निवासी है, जो कि PLGA बटालियन नंबर-1 का प्रमुख था, जिसे माओवादियों की सबसे खतरनाक इकाइयों में गिना जाता है. देवा मारे गए माओवादी नेता मदवी हिडमा का करीबी और सहग्रामवासी था. हिडमा के संगठन में ऊंचे पद पर पहुंचने के बाद देवा ने बटालियन की कमान संभाली. सुरक्षा एजेंसियों ने उस पर ₹1 करोड़ से अधिक का इनाम रखा था.
कितने हमलों में शामिल रहा?
तेलंगाना पुलिस के मुताबिक, बरसा देवा कई IED ब्लास्ट, घात लगाकर हमले और सुरक्षा कैंपों पर हमलों में शामिल रहा है. इन हमलों में अब तक 120 से ज्यादा सुरक्षा कर्मियों की मौत और 55 से अधिक घायल हुए हैं. इनमें CRPF, DRG, CISF और राज्य पुलिस के जवान शामिल हैं. देवा का नाम जनवरी 2024 में बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा कैंपों पर हुए हमलों से भी जुड़ा रहा है.
सरेंडर का असर
बरसा देवा का सरेंडर माओवादियों के लिए बड़ा मनोवैज्ञानिक और परिचालनिक झटका माना जा रहा है. खासकर दक्षिण बस्तर में उनकी पकड़ लगातार कमजोर हो रही है.
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