जंगल की आग.
- चेन्नई के 30 छात्र ट्रेकिंग के लिए गए थे
- उन्होंने न तो पुलिस से इजाजत ली थी और न ही वन विभाग से
- स्थानीय आदिवासी लोग और वन विभाग के लोग छात्रों तक पहुंचे
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चेन्नई:
तमिलनाडु के थेनी जिले के जंगलों में रविवार शाम लगी भीषण आग लग गई. इस दुर्घटना में अब तक 9 की मौत होने की पुष्टि हो चुकी है. इनमें चार महिलाएं, चार पुरुष और एक बच्चा शामिल हैं. बचाए गए 27 लोगों में 8 की हालत गंभीर है जबकि 10 को कम चोटें आई हैं.
छात्र उस वक्त आग में फंस गए जब वह कुरंगनी पहाड़ियों पर ट्रेकिंग कर रहे थे. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने NDTV को बताया कि चेन्नई के 30 छात्र ट्रेकिंग के लिए गए थे और उन्होंने न तो पुलिस से इजाजत ली थी और न ही वन विभाग से.' पुलिस ने बताया कि स्थानीय आदिवासी लोग और वन विभाग के लोग छात्रों तक पहुंच गए हैं.
मुख्यमंत्री पलानीस्वामी के अनुरोध पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय वासयुसेना को छात्रों के राहत एवं बचाव के निर्देश दिए हैं. रक्षा मंत्री ने बताया कि दक्षिणी कमांड थेनी के कलक्टर के साथ संपर्क में है. निर्मला सीतारमण ने ट्वीट किया, 'मैंने जिला कलक्टर से बात की, उन्होंने बताया कि 10-15 छात्रों को बचा लिया गया है. वो लोग पहाड़ी से नीचे आ रहे हैं.'
सीतारमन ने कई ट्वीट कर बताया कि कोयंबटूर के समीप वायुसेना के सुलुर अड्डे से दो हेलीकॉप्टर बचाव अभियान में सहायता पहुंचाने के लिए भेजे जा रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘‘कुरांगनी में 20 विद्यार्थियों के जंगल में आग में फंसे होने के मुद्दे पर तमिलनाडु के माननीय मुख्यमंत्री के अनुरोध पर हमने वायुसेना को बचाव में मदद का निर्देश दिया है.’’ शाम करीब सात बजे सीतारमण ने ट्वीट किया कि उनकी थेनी के जिलाधिकारी से बात हुई है और उन्होंने बताया कि 10-15 बच्चे पहाड़ से नीचे आ रहे हैं. उन्होंने जिलाधिकारी के हवाले से बताया कि एक मेडिकल टीम भी मौके पर भेजी गयी है और समीप के चाय बागान के कर्मचारी भी बचाव अभियान में मदद कर रहे हैं.
यहां अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय जनजातियों और अग्नि एवं बचाव सेवा एवं वनकर्मियों ने 12 विद्यार्थियों को बचाया है तथा अन्य को बचाने का प्रयास चल रहा है. पुलिस के अनुसार कोयंबटूर और इरोड के विद्यार्थी कुरांगई- कोझुकु पहाड़ी क्षेत्र में प्रशिक्षण ले रहे थे उसी दोरान पूर्वाह्न में अचानक आग लग गयी. जिले के पुलिस अधीक्षक वी बास्करण और राजस्व एवं वन अधिकारी फंसे हुए विद्यार्थियों को बचाने के लिए कदम उठा रहे हैं.
छात्र उस वक्त आग में फंस गए जब वह कुरंगनी पहाड़ियों पर ट्रेकिंग कर रहे थे. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने NDTV को बताया कि चेन्नई के 30 छात्र ट्रेकिंग के लिए गए थे और उन्होंने न तो पुलिस से इजाजत ली थी और न ही वन विभाग से.' पुलिस ने बताया कि स्थानीय आदिवासी लोग और वन विभाग के लोग छात्रों तक पहुंच गए हैं.
मुख्यमंत्री पलानीस्वामी के अनुरोध पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय वासयुसेना को छात्रों के राहत एवं बचाव के निर्देश दिए हैं. रक्षा मंत्री ने बताया कि दक्षिणी कमांड थेनी के कलक्टर के साथ संपर्क में है. निर्मला सीतारमण ने ट्वीट किया, 'मैंने जिला कलक्टर से बात की, उन्होंने बताया कि 10-15 छात्रों को बचा लिया गया है. वो लोग पहाड़ी से नीचे आ रहे हैं.'
सीतारमन ने कई ट्वीट कर बताया कि कोयंबटूर के समीप वायुसेना के सुलुर अड्डे से दो हेलीकॉप्टर बचाव अभियान में सहायता पहुंचाने के लिए भेजे जा रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘‘कुरांगनी में 20 विद्यार्थियों के जंगल में आग में फंसे होने के मुद्दे पर तमिलनाडु के माननीय मुख्यमंत्री के अनुरोध पर हमने वायुसेना को बचाव में मदद का निर्देश दिया है.’’ शाम करीब सात बजे सीतारमण ने ट्वीट किया कि उनकी थेनी के जिलाधिकारी से बात हुई है और उन्होंने बताया कि 10-15 बच्चे पहाड़ से नीचे आ रहे हैं. उन्होंने जिलाधिकारी के हवाले से बताया कि एक मेडिकल टीम भी मौके पर भेजी गयी है और समीप के चाय बागान के कर्मचारी भी बचाव अभियान में मदद कर रहे हैं.
यहां अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय जनजातियों और अग्नि एवं बचाव सेवा एवं वनकर्मियों ने 12 विद्यार्थियों को बचाया है तथा अन्य को बचाने का प्रयास चल रहा है. पुलिस के अनुसार कोयंबटूर और इरोड के विद्यार्थी कुरांगई- कोझुकु पहाड़ी क्षेत्र में प्रशिक्षण ले रहे थे उसी दोरान पूर्वाह्न में अचानक आग लग गयी. जिले के पुलिस अधीक्षक वी बास्करण और राजस्व एवं वन अधिकारी फंसे हुए विद्यार्थियों को बचाने के लिए कदम उठा रहे हैं.
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