गृह मंत्रालय ने सालों पुरानी मांग को मानकर निशानेबाजों को बड़ी खुशखबरी है. एक ऐसी मांग, जिसको लेकर खिलाड़ी कई बार पिछली सरकारों का भी दरवाजा खटखटा चुके थे, लेकिन कामयाबी मिली अब जाकर. और अब गृह मंत्रालय ने कहा है कि सरकार ने अर्जुन पुरस्कार विजेता, अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय निशानेबाजों के लिए शस्त्र कानून में संशोधन किया है. इसके तहत कुछ कड़े नियमों के दायरे से इन वर्ग के खिलाड़ियों को छूट दी गई है, लेकिन यह भी साफ कर दिया कि अर्जुन पुरस्कार विजेताओं को शस्त्रों की संख्या में छूट मिलेगी बशर्ते पुरस्कार निशानेबाजी में मिला हो.
Many congratulations to the young champion https://t.co/b6So9CRyWh
— NRAI (@OfficialNRAI) January 22, 2020
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वहीं, अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता और जाने माने निशानेबाज .22 कैलीबर (.22 कैलीबर लांग राइफल के रूप में भी पहचानी जाने वाली) की 12 तक राइफल, आठ एमएम तक के कैलीबर की सेंटर फायर राइफल, नौ एमएम सहित इससे कम के कैलीबर की पिस्टल और रिवाल्वर और 12 बोर तक के कैलीबर की शाटगन भी रख सकते हैं. हालांकि निजी इस्तेमाल, ट्रेनिंग या प्रतियोगिताओं में उपयोग लिए बंदूक रखने के नियम से जिस भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज को छूट मिलेगी, उसे खेल मंत्रालय या राष्ट्रीय या राज्य राइफल संघ से प्रमाणित होना चाहिए.
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खिलाड़ियों को छूट से संबंधित इस अधिसूचना को गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव पुण्य सलील श्रीवास्तव ने जारी किया है. इस अधिसूचना के अनुसार अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप का मतलब एशियाई खेल, एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप, एशियाई महिला या एशियाई जूनियर निशानेबाजी चैंपियनशिप, राष्ट्रमंडल खेल, राष्ट्रमंडल निशानेबाजी चैंपियनशिप, ओलिंपिक खेल, विश्व जूनियर या सीनियर निशानेबाजी चैंपियनशिप और जूनियर तथा सीनियर विश्व कप शामिल हैं. अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता का अर्थ वह खिलाड़ी है, जिसने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में व्यक्तिगत या टीम पदक जीता हो.
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जाने माने निशानेबाज का मतलब वह व्यक्ति है जिसने अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी यूनियन के नियमों के अनुसार राष्ट्रीय निशानेबाजी चैंपियनशिप के ओपन परुष या ओपन महिला या ओपन नागरिक स्पर्धा में क्वालीफाइंग टूर्नामेंट या वाइल्ड कार्ड प्रवेश के जरिए हिस्सा लिया हो और राष्ट्रीय राइफल संघ द्वारा तय न्यूनतम क्वालीफाइंग स्कोर हासिल किया हो.
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