-
{
- सब
- ख़बरें
-
आखिरी बार "Nazi Attack में हुए थे ऐसे भयंकर हमले" : Russia के रॉकेट बरसाने पर Ukraine
- Friday February 25, 2022
- Edited by: वर्तिका
Russia Ukraine War: "पिछली बार हमारी राजधानी के साथ ऐसा 1941 में हुआ था जब यूक्रेन पर जर्मनी की नाज़ी सेना ने हमला किया था. यूक्रेन ने उस बुरे वक्त से जीत हासिल की और यूक्रेन इस बार भी जीतेगा." - यूक्रेन के विदेश मंत्री
-
ndtv.in
-
यूक्रेन संकट : रूसी सांसदों ने राष्ट्रपति पुतिन को देश से बाहर बल प्रयोग की इजाजत दी
- Tuesday February 22, 2022
- Reported by: एएफपी, Edited by: सूर्यकांत पाठक
रूसी संसद के ऊपरी सदन ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को देश के बाहर सैन्य बल प्रयोग की अनुमति दे दी है. संसद की मंजूरी के बाद रूस के लिए यूक्रेन पर व्यापक हमले का रास्ता साफ हो गया है. पुतिन ने इस संबंध में संसद के ऊपरी सदन को एक पत्र लिखा था. पुतिन ने एक दिन पहले यूक्रेन के विद्रोहियों वाले इलाकों की स्वतंत्रता को मान्यता दी थी. इससे पहले पश्चिमी देशों के नेताओं ने कहा था कि रूस के सैनिक यूक्रेन के पूर्वी हिस्से में पहुंच गए हैं. वहीं अमेरिका ने रूस के इस कदम को आक्रमण बताया है.
-
ndtv.in
-
क्या अमेरिका यूक्रेन को लेकर पुतिन से युद्ध करेगा?
- Wednesday February 23, 2022
- रवीश कुमार
यूक्रेन में तनाव है और युद्ध की आशंका ने दुनिया को अस्थिरता से घेर लिया है. युद्ध अपने साथ प्रोपेगैंडा लेकर आता है. इराक युद्ध के समय पश्चिमी देशों का प्रोपेगैंडा सच बनकर छाया हुआ था जिस पर ब्रिटेन की संसद की बनाई चिल्कॉट कमेटी ने बताया था कि इराक पर हमला करने से पहले ब्रिटेन ने अपनी जनता से झूठ बोला था कि सद्दाम हुसैन के पास रसायनिक हथियार हैं. इराक युद्ध में ब्रिटेन की सेना भेजने वाले तबके प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने इस रिपोर्ट को खारिज कर दिया था लेकिन इस दौरान रणनीति बनाने में हुई गलतियों को लेकर माफी भी मांगी थी. इस संदर्भ में हमें यह देखना ही चाहिए कि कौन सा देश कितना सही बोल रहा है और कितना हंगामा मचा रहा है. इस हंगामे का लाभ कौन उठाने वाला है और क्या करने वाला है. लेकिन हम और आप इससे प्रभावित ज़रूर हैं. आज रायटर समाचार एजेंसी ने ट्वीट किया है कि अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमत सितंबर 2014 के बाद सबसे अधिक स्तर पर पहुंच गई है. सितंबर 2014 में कच्चे तेल का भाव 99.38 डॉलर प्रति बैरल हो गया था जो सोमवार के दिन 98.87 डॉलर प्रति बैरल हो गया?
-
ndtv.in
-
संघर्ष रोकने का अंतिम प्रयास, फ्रांस के राष्ट्रपति और पुतिन के बीच यूक्रेन पर बातचीत
- Sunday February 20, 2022
- Reported by: एएफपी, Edited by: सूर्यकांत पाठक
पश्चिमी शक्तियों की ओर से यूक्रेन पर आसन्न रूसी हमले और विनाशकारी यूरोपीय युद्ध को रोकने के लिए रविवार को अंतिम राजनयिक प्रयास किए गए. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने अपने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन को युद्धविराम की कोशिश के लिए बुलाते ही यूक्रेनी कमांडरों ने पूर्वी यूक्रेन में तीव्र गोलाबारी की खबर दी. मैक्रॉन गत 7 फरवरी को पुतिन से मुलाकात के बाद से जर्मनी के चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़ जैसे पश्चिमी देशों के साथी नेताओं के साथ पुतिन से युद्ध के कगार से पीछे हटने का आग्रह कर रहे हैं.
-
ndtv.in
-
आखिरी बार "Nazi Attack में हुए थे ऐसे भयंकर हमले" : Russia के रॉकेट बरसाने पर Ukraine
- Friday February 25, 2022
- Edited by: वर्तिका
Russia Ukraine War: "पिछली बार हमारी राजधानी के साथ ऐसा 1941 में हुआ था जब यूक्रेन पर जर्मनी की नाज़ी सेना ने हमला किया था. यूक्रेन ने उस बुरे वक्त से जीत हासिल की और यूक्रेन इस बार भी जीतेगा." - यूक्रेन के विदेश मंत्री
-
ndtv.in
-
यूक्रेन संकट : रूसी सांसदों ने राष्ट्रपति पुतिन को देश से बाहर बल प्रयोग की इजाजत दी
- Tuesday February 22, 2022
- Reported by: एएफपी, Edited by: सूर्यकांत पाठक
रूसी संसद के ऊपरी सदन ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को देश के बाहर सैन्य बल प्रयोग की अनुमति दे दी है. संसद की मंजूरी के बाद रूस के लिए यूक्रेन पर व्यापक हमले का रास्ता साफ हो गया है. पुतिन ने इस संबंध में संसद के ऊपरी सदन को एक पत्र लिखा था. पुतिन ने एक दिन पहले यूक्रेन के विद्रोहियों वाले इलाकों की स्वतंत्रता को मान्यता दी थी. इससे पहले पश्चिमी देशों के नेताओं ने कहा था कि रूस के सैनिक यूक्रेन के पूर्वी हिस्से में पहुंच गए हैं. वहीं अमेरिका ने रूस के इस कदम को आक्रमण बताया है.
-
ndtv.in
-
क्या अमेरिका यूक्रेन को लेकर पुतिन से युद्ध करेगा?
- Wednesday February 23, 2022
- रवीश कुमार
यूक्रेन में तनाव है और युद्ध की आशंका ने दुनिया को अस्थिरता से घेर लिया है. युद्ध अपने साथ प्रोपेगैंडा लेकर आता है. इराक युद्ध के समय पश्चिमी देशों का प्रोपेगैंडा सच बनकर छाया हुआ था जिस पर ब्रिटेन की संसद की बनाई चिल्कॉट कमेटी ने बताया था कि इराक पर हमला करने से पहले ब्रिटेन ने अपनी जनता से झूठ बोला था कि सद्दाम हुसैन के पास रसायनिक हथियार हैं. इराक युद्ध में ब्रिटेन की सेना भेजने वाले तबके प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने इस रिपोर्ट को खारिज कर दिया था लेकिन इस दौरान रणनीति बनाने में हुई गलतियों को लेकर माफी भी मांगी थी. इस संदर्भ में हमें यह देखना ही चाहिए कि कौन सा देश कितना सही बोल रहा है और कितना हंगामा मचा रहा है. इस हंगामे का लाभ कौन उठाने वाला है और क्या करने वाला है. लेकिन हम और आप इससे प्रभावित ज़रूर हैं. आज रायटर समाचार एजेंसी ने ट्वीट किया है कि अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमत सितंबर 2014 के बाद सबसे अधिक स्तर पर पहुंच गई है. सितंबर 2014 में कच्चे तेल का भाव 99.38 डॉलर प्रति बैरल हो गया था जो सोमवार के दिन 98.87 डॉलर प्रति बैरल हो गया?
-
ndtv.in
-
संघर्ष रोकने का अंतिम प्रयास, फ्रांस के राष्ट्रपति और पुतिन के बीच यूक्रेन पर बातचीत
- Sunday February 20, 2022
- Reported by: एएफपी, Edited by: सूर्यकांत पाठक
पश्चिमी शक्तियों की ओर से यूक्रेन पर आसन्न रूसी हमले और विनाशकारी यूरोपीय युद्ध को रोकने के लिए रविवार को अंतिम राजनयिक प्रयास किए गए. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने अपने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन को युद्धविराम की कोशिश के लिए बुलाते ही यूक्रेनी कमांडरों ने पूर्वी यूक्रेन में तीव्र गोलाबारी की खबर दी. मैक्रॉन गत 7 फरवरी को पुतिन से मुलाकात के बाद से जर्मनी के चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़ जैसे पश्चिमी देशों के साथी नेताओं के साथ पुतिन से युद्ध के कगार से पीछे हटने का आग्रह कर रहे हैं.
-
ndtv.in