बाड़मेर जिले में एक अदालत ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए एक महिला के पति और सास-ससुर को उम्रकैद की सजा सुनाई है. महिला को विवाह के 6 साल बाद भी संतान नहीं होने पर ताने दिए जाते थे और उसे 5 लाख रुपये दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जाता था. अपर जिला सेशन न्यायाधीश-2 की जज मीनाक्षी मीणा ने सुनवाई करते हुए 26 वर्षीया मृतका रवीनाके पति नजीर, ससुर कमाल खान और सास सरीयत तीनों को कठोर आजीवन कारावास और 90 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है. लोक अभियोजक सुरेश मोदी बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत के समक्ष 26 गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए और 45 महत्वपूर्ण साक्ष्य पेश किए गए.
3 साल पहले कर दी थी हत्या
जानकारी के अनुसार रामसर के भिंडे का पार निवासी रवीना का निकाह 13 फरवरी 2017 को मीठीनाणी निवासी नजीर के साथ हुआ था. निकाह के कुछ समय बाद से ही पति,सास और ससुर 5 लाख रुपये दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करने लगे. औलाद न होने पर उसे लगातार शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी जाती थीं, जिसे लेकर कई बार सामाजिक पंचायती भी हुई.
बीते 7 जुलाई 2023 को पति नजीर आगे परेशान न करने का भरोसा देकर रवीना को पीहर से अपने साथ ले गया. रास्ते में बुकड़ सर्किल पर भी उसने रवीना से मारपीट की जहां लोगों ने बीच-बचाव किया. उसी रात नजीर, कमाल खान और सरीयत ने मिलकर रवीना की हत्या कर दी और शव को पानी के टांके में डाल दिया.
जांच और सज़ा
पीहर वालों के पहुंचने से पहले ही आरोपियों ने शव को टांके से निकालकर दफना दिया था. मृतका के पिता द्वारा रामसर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाने के बाद पुलिस ने दफनाए गए शव को बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम करवाया. एफएसएल टीम ने मौके से वैज्ञानिक सबूत जुटाए. कोर्ट ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा से दंडित किया.
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