शिवपुरी (मध्यप्रदेश) के ऐतिहासिक नरवर किले से सिंधिया रियासत की तोप चोरी के मामले में जांच आगे बढ़ गई है. पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस तोप का इस्तेमाल कथित रूप से पांचना बांध के पानी के विवाद में दूसरे पक्ष को डराने के लिए किया जाना था. मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि कई अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है. राजस्थान में करौली के गांवडा मीणा गांव में पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है. गिरफ्तार आरोपियों में पालानपुर (हिंडौन सिटी) का अमन कुमार मीणा और गांवडा मीणा का टिम्मूराम मीणा शामिल है. इसी के साथ पिकअप वाहन भी जब्त कर लिया गया है, लेकिन ऐतिहासिक तोप की बरामदगी अब तक नहीं हो पाई है.
कई अन्य लोग भी हो सकते हैं शामिल
जानकारी के अनुसार, करीब 20 से 26 लोगों की भूमिका होने की संभावना जताई जा रही है. इसी को देखते हुए करौली पुलिस भी पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है. करौली एसपी लोकेश सोनवाल के निर्देश पर गांवडा मीना में पुलिस की विशेष निगरानी जारी है. बता दें कि गांव के प्रमुख रास्तों, प्रवेश और निकास मार्गों सहित संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है. आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो.
अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी
जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं. चोरी की गई तोप को किन-किन लोगों की मदद से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया गया और इसमें कौन-कौन शामिल था, इसकी विस्तृत जांच जारी है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी की जाएगी और ऐतिहासिक तोप बरामद करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं.
दावा- साल 2007 में तोप चलाने का भी हुआ था प्रयास
गुडला पांचना संघर्ष समिति के अध्यक्ष अशोक सिंह धाबाई ने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि गांवडा मीणा क्षेत्र के किसानों का पांचना बांध के पानी से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है और न ही उन्हें इस पानी की आवश्यकता है. उन्होंने आरोप लगाया कि पानी के मुद्दे को लेकर कुछ लोग वर्षों से तोप से उड़ाने और डराने की धमकियां देते रहे हैं. करीब वर्ष 2007 में भी कथित रूप से तोप चलाने का प्रयास किया गया था, लेकिन वह उसी स्थान पर फट गई थी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी तथा एक अन्य घायल हुआ था.
अशोक सिंह धाबाई का कहना है कि इस प्रकार की धमकियां कई बार दी जा चुकी हैं. उनके अनुसार अलग-अलग स्थानों पर ऐसी तोपें होने की आशंका है. धाबाई ने मांग की है कि सभी संदिग्ध स्थानों की बड़ी स्तर पर तलाशी ली जाए और अगर कहीं भी अवैध रूप से हथियार या तोप है तो उन्हें तत्काल बरामद किया जाए.
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