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SDM Kajal Meena Bribery Case: रीडर पर भरोसा करना SDM काजल मीणा को पड़ा भारी, एक व्हाट्स ऐप काल बना जी का जंजाल

Rajasthan News: करौली जिले के नादौती में ACB ने हाल ही में रिश्वत के मामले में SDM काजल मीणा, रीडर और UDC को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था.जिसमें एक व्हाट्सएप कॉल ने SDM मीणा को उनकी पहली पोस्टिंग में ही दागदार कर दिया.

SDM Kajal Meena Bribery Case: रीडर पर भरोसा करना SDM काजल मीणा को पड़ा भारी,  एक व्हाट्स ऐप काल बना जी का जंजाल
SDM Kajal Meena Bribery Case
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SDM Kajal Meena Bribery Case: राजस्थान के करौली जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नादौती एसडीएम काजल मीणा और उनके रीडर और एक लिपिक (UDC) को  60000  की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से नादौती एसडीएम  को लेकर पूरे प्रदेश में फजीहत हो रही है. इस कार्रवाई में उनके पास से टीम ने 4 लाख रुपये की संदिग्ध नकदी भी बरामद की थी. 

 60 हजार रुपये  की मांगी थी रिश्वत

 भ्रष्टाचार का यह मामला जमीन के बंटवारे से जुड़ी फाइनल डिक्री जारी करने से संबंधित था. जिसमें परिवादी चरतलाल ने SDM से परेशान होकर एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी. परिवादी ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि  एसडीएम के रीडर दिनेश सैनी ने इसके लिए कुल 60 हजार रुपये मांगे थे, जिसमें 50 हजार रुपये एसडीएम के लिए और 10 हजार रुपये खुद के कमीशन के तौर पर तय किए गए थे.

 रीडर के व्हाट्सएप कॉल से फंसी एसडीएम 

पीड़ित की रिपोर्ट के आधार का सत्यापन एसीबी ने 16 अप्रैल को करावाया , जो सही पाया गया था, जिसके बाद SDM को पकड़ने के लिए ट्रैप बिछाया. जैसे ही रीडर दिनेश सैनी ने परिवादी से 60 हजार रुपये लिए और उसे यूडीसी प्रवीण धाकड़ को सौंपा तभी एसीबी ने धावा बोल कर दोनों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था, लेकिन उससे पहले जिस रीडर ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए एसडीएम काजल मीणा को रिश्वत की राशि प्राप्त होने की सूचना दे दी थी जो उनके गले की हड्डी बन गया. क्योंकि जिस समय एसडीएम ने अपनी सहमति दोनों आरोपियों की थी उस समय टीम वही मौजूद थी. जो उनके खिलाफ पुख्ता सबूत बन गया. 

पहली पोस्टिंग में बड़ा दाग

जानकारी के अनुसार काजल मीणा की यह पहली पोस्टिंग थी और महज 7-8 महीने में ही एसीबी की कार्रवाई ने दाग लगा दिया, इस कार्रवाई से पूरे प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है.

बैग से मिले 4 लाख संदिग्ध से मामला और गर्माया

एसीबी ने कार्रवाई के दौरान यूडीसी प्रवीण के बैग से रिश्वत  के  60 हजार  के अलावा 4 लाख रुपये भी बरामद हुए.आरोपी पक्ष ने इसे फसल की आय बताया, लेकिन कोई संतोषजनक प्रमाण न मिलने पर एसीबी ने इसे जब्त कर लिया है. इसके अलावा, स्थानीय सूत्रों के अनुसार एसडीएम कार्यालय पर क्षेत्र में चल रहे अवैध खनन को संरक्षण देने के भी गंभीर आरोप लग रहे हैं.

कोर्ट में पेश, भेजा गया जेल

तीनों आरोपियों को एसीबी कोर्ट भरतपुर में पेश किया गया, जहां से उन्हें 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. वही दूसरी तरफ  SDM काजल मीणा को राजस्थान सरकार के जरिए निलंबित भी कर दिया गया है. फिलहाल  एसीबी सवाई माधोपुर की टीम मामले की गहन जांच में जुटी है.

कार्रवाई में रहे शामिल

एसडीएम काजल मीणा की ट्रैपिंग में ज्ञान सिंह चौधरी, ASP, एसीबी सवाई माधोपुर, मनोज कुमार, हैड कांस्टेबल कार्यवाहक, हमीर सिंह, भोलाराम, राजवीर, मनोज कुमार चालक, 2 स्वतंत्र गवाह अलग अलग विभाग के शामिल रहे.

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