Jaipur digital arrest case: जयपुर हाईकोर्ट ने बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट के बहाने 80 लाख रुपये ठगने के मामले में सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया. जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ में डीजीपी समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुख्य आरोपी दुबई में छिपा है. उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी है और प्रत्यर्पण के प्रयास जारी हैं. शुक्रवार (27 मार्च) को डीजीपी राजीव शर्मा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए, डीआईजी साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह, एसपी सुमित मेहरड़ा और जांच अधिकारी व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर रहे. इससे पहले, कोर्ट ने इसे 'विशिष्ट और अनूठा मामला' करार दिया था. पीड़िता की स्थिति और साइबर अपराध की गंभीरता को देखते हुए उच्च पुलिस अधिकारियों को तलब किया गया था.
अब तक 13 लाख रुपए रिकवर
कोर्ट को जानकारी दी कि अब तक 13 लाख रुपये की रिकवरी हो चुकी है. आरोपी नवीन तेमानी ने राजीनामे के आधार पर दूसरी जमानत याचिका दायर की है. उसका दावा है कि पीड़िता के साथ 10 लाख में समझौता हो गया है, इसलिए उसे जमानत दी जाए. अधिकारियों का कहना था कि इस स्तर पर आरोपी को जमानत मिलना जांच को प्रभावित करेगा.
कई आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी
सरकार की ओर से एएजी राजेश चौधरी और पीपी विकेक शर्मा ने बताया कि मामले में चार्जशीट पेश हो चुकी है. इस मामले में कई आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं. बताया जा रहा है कि ठगी म्यूल अकाउंट के जरिए की गई. इसके बाद आरोपियों के खिलाफ नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर अन्य शिकायतें भी दर्ज हुई.
कोर्ट ने पूछा- बची हुई राशि कैसे मिलेगी?
बुजुर्ग महिला की मौजूदगी में कैमरा ट्रायल के जरिए सुनवाई हुई. कोर्ट ने अधिकारियों से पूछा कि पीड़िता को शेष राशि जल्द कैसे मिलेगी. जवाब में बताया गया कि इसके लिए एक निश्चित प्रक्रिया है.
यह भी पढ़ेंः नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इन शहरों के लिए मिलेगी फ्लाइट, टिकट बुकिंग को लेकर आ गई ये बड़ी अपडेट
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं