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12 साल के बच्चे भी युद्ध में करेंगे मदद, IRGC कर रहा अमेरिका के खिलाफ बड़ी तैयारी

आपको बता दें कि इस समय अमेरिकी नौसेना के दो मरीन एसॉल्ट जहाज USS ट्रिपोली और USS बॉक्सर पूरी गति से ईरान की ओर बढ़ रहे हैं. अमेरिकी सेना की 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के हजारों सैनिक इस समय ईरान की ओर जा रहे हैं. अमेरिका के पहले से ही खाड़ी क्षेत्र में लगभग 50,000 सैनिक तैनात हैं. 

12 साल के बच्चे भी युद्ध में करेंगे मदद, IRGC कर रहा अमेरिका के खिलाफ बड़ी तैयारी
ईरान की सेना की मदद के लिए आगे आएंगे 12 साल के बच्चे
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  • ईरान ने युद्ध के लिए अपनी सेना में शामिल होने की न्यूनतम उम्र घटाकर बारह वर्ष कर दी है
  • यह निर्णय बाल अधिकारों पर कन्वेंशन के बावजूद लिया गया, जो सैन्य गतिविधियों में बच्चों की भागीदारी के खिलाफ है
  • ईरान में दस लाख से अधिक फाइटर्स को युद्ध के लिए तैयार किया गया है
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ईरान-इजरायल युद्ध के बीच जहां एक तरफ अमेरिका ईरान में अपनी सेना उतारने की तैयारी में है, वहीं दूसरी तरफ ईरान अब अपनी सेना की मदद के लिए 12 साल के बच्चों सेना में शामिल करने पर विचार कर रहा है. इसके लिए अब सेना में शामिल होने की उम्र को भी घटा दिया गया है. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के एक अधिकारी ने कहा कि युद्ध से जुड़े सहायक कामों में हिस्सा लेने की न्यूनतम उम्र घटाकर 12 साल कर दी गई है. यह बात सरकारी मीडिया पर प्रसारित टिप्पणियों के अनुसार कही गई. 

तेहरान में गार्ड्स के एक अधिकारी, रहीम नडाली ने कहा कि "फॉर ईरान" (For Iran) नाम की एक पहल के तहत ऐसे लोगों को भर्ती किया जा रहा है जो गश्त, चेकपॉइंट और लॉजिस्टिक्स जैसी गतिविधियों में मदद कर सकें.उन्होंने कहा कि यह देखते हुए कि आगे आने वालों की उम्र कम हो गई है और वे खुद हिस्सा लेने की मांग कर रहे हैं, हमने न्यूनतम उम्र घटाकर 12 साल कर दी है. उन्होंने आगे कहा कि अब 12 और 13 साल के बच्चे भी, अगर चाहें तो, इसमें हिस्सा ले सकते हैं. ये टिप्पणियां युद्ध प्रयासों की सरकारी कवरेज के हिस्से के तौर पर प्रसारित की गई थीं.

यह कदम 'बाल अधिकारों पर कन्वेंशन' (Convention on the Rights of the Child) के तहत ईरान की प्रतिबद्धताओं के बावजूद उठाया गया है; यह कन्वेंशन सैन्य गतिविधियों में बच्चों के इस्तेमाल पर रोक लगाता है. आपको बता दें कि गुरुवार को ही खबर आई थी कि ईरान ने अमेरिका को करारा जवाब देने के लिए अपने 10 लाख फाइटर्स को तैयार करके रखा है. इस समय अमेरिकी नौसेना के दो मरीन एसॉल्ट जहाज USS ट्रिपोली और USS बॉक्सर पूरी गति से ईरान की ओर बढ़ रहे हैं. अमेरिकी सेना की 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के हजारों सैनिक इस समय ईरान की ओर जा रहे हैं. अमेरिका के पहले से ही खाड़ी क्षेत्र में लगभग 50,000 सैनिक तैनात हैं. 

खबरों के मुताबिक, पूरे ईरान में भर्ती केंद्रों पर युवा वॉलंटियर बड़ी संख्या में उमड़ रहे हैं. ऐसा माना जा रहा है कि भर्ती केंद्रों पर युवाओं की ये भीड़ अमेरिका के साथ संभावित ज़मीनी युद्ध में शामिल होने को लेकर है. कहा जा रहा है कि ईरान 10 लाख से ज़्यादा ज़मीनी लड़ाकों को जुटा रहा है. तेहरान की तस्नीम न्यूज़ एजेंसी ने एक सैन्य सूत्र के हवाले से बताया कि इन बलों को संगठित कर लिया गया है और वे युद्ध के लिए तैयार हैं. यह स्थिति बासिज, इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) और सेना द्वारा संचालित केंद्रों पर नागरिकों की भारी भीड़ उमड़ने के बाद सामने आई है.

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