राजस्थान के उदयपुर जिले में एक बार फिर लेपर्ड का आतंक फैल गया है. उदयपुर के उमरड़ा खेड़ा गांव में एक लेपर्ड ने पिछले 24 घंटे में कुल पांच लोगों पर हमला किया है. इन हमलों के बाद इलाके में दहशत फैल गई है. ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द से जल्द लेपर्ड का पता लगाकर उसे पकड़ने की मांग की है. ग्रामीणों की मांग है कि लेपर्ड और लोगों को निशाना बनाए उससे पहले पिंजरा लगाकर उसे पकड़ने की कोशिश की जानी चाहिए. वन विभाग की एक टीम सूचना मिलने के बाद उस क्षेत्र में पहुंच गई है और हालात का जायजा ले रही है.
उमरड़ा में आज, बुधवार 26 सितंबर को लेपर्ड ने चार लोगों पर हमला किया. आज सुबह उसने तीन ग्रामीणों पर हमला किया. बाद में उसने एक महिला पर भी हमला किया. इससे एक दिन पहले भी लेपर्ड ने एक युवक पर हमला किया था. ये सभी पांच घायल लोग अस्पताल में भर्ती हैं जिनका इलाज किया जा रहा है.
तीन ग्रामीणों पर किया हमला
उमरड़ा खेड़ा के पूर्व सरपंच गोपाल मीणा ने बताया कि सुबह लगभग छह बजे जब ग्रामीण अपने घरों से निकले तो एक तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया. घायलों की पहचान जग्गा (60), रितेश (20) और कालू (40) के रूप में हुई है.
पूर्व सरपंच ने कहा कि घायलों के शोर मचाने और अन्य ग्रामीणों के मौके पर पहुंचने के बाद तेंदुआ भाग गय. ये घर पहाड़ी इलाके में होने के कारण ग्रामीण घायलों को खाट पर रखकर सड़क तक लाए जहां से उन्हें इलाज के लिए उदयपुर के अस्पताल ले जाया गया.
मीणा ने बताया कि मंगलवार शाम भी एक तेंदुए ने लोगर लाल मीणा (45) पर हमला किया था. चिल्लाने पर लेपर्ड भाग गया. लोगर लाल के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया.
पिंजरा लगाने की मांग
तेंदुए की मौजूदगी की सूचना मिलने पर वन विभाग की एक टीम मौके पर पहुंची. ग्रामीणों ने मांग की है कि वन विभाग इलाके में पिंजरा लगाए और तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखे. उदयपुर और राजस्थान के कई हिस्सों में लेपर्ड के हमलों की घटनाएं होती रही हैं और पिंजरा लगाने से कई बार लेपर्ड पकड़े गए हैं.
ये भी पढ़ें-: निकाय चुनावः सीकर के 11 निकायों पर 9 और 11 सितंबर को वोटिंग की तैयारी तेज, फतेहपुर में बदली तारीख
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं