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कलेक्टर अनुपमा जोरवाल के पास न्याय की आस लिए पहुंचे हजारों लोग, नगर परिषद ने उजाड़े 20 साल पुराने आशियाने 

जैसलमेर में नगर परिषद द्वारा अचानक की गई अतिक्रमण कार्रवाई ने सैकड़ों परिवारों को बेघर कर दिया है. इसके बाद सभी पीड़ित परिवार पैदल मार्च करके जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल के पास पहुंच गए हैं.

कलेक्टर अनुपमा जोरवाल के पास न्याय की आस लिए पहुंचे हजारों लोग, नगर परिषद ने उजाड़े 20 साल पुराने आशियाने 
कलेक्टर अनुपमा जोरवाल.

Rajasthan News: राजस्थान के जैसलमेर में प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान के नाम पर की गई कार्रवाई ने सैकड़ों परिवारों के सिर से छत छीन ली है. तोताराम की ढाणी क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को प्रभावित परिवारों ने सड़कों पर उतरकर अपना आक्रोश व्यक्त किया. करीब एक हजार से अधिक लोगों ने अंबेडकर पार्क से कलेक्ट्रेट तक 5 किलोमीटर लंबा पैदल मार्च निकाला. इस दौरान पीड़ित परिवारों के आंसू और उनकी लाचारी की कहानी बता रही थी.

सरकारी दस्तावेजों होने पर भी चला बुलडोजर

प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे पिछले 10 से 30 वर्षों से वहां रह रहे हैं. उनके पास राशन कार्ड, वोटर आईडी और बिजली-पानी के बिल जैसे पुख्ता सरकारी दस्तावेज मौजूद हैं. इसके बावजूद नगर परिषद ने बिना किसी पूर्व नोटिस के उनके घरों को मलबे में तब्दील कर दिया. पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें अवैध कब्जाधारी बताकर बेघर किया गया है जबकि वे वर्षों से विधिवत वहां निवास कर रहे थे.

सड़कों पर उतरे हजारों लोग

सड़कों पर उतरे हजारों लोग

पीड़ित परिवारों की मार्मिक आपबीती

इस कार्रवाई में सबसे ज्यादा मार गरीब परिवारों पर पड़ी है. 12वीं कक्षा की छात्रा सोनू ने बताया कि बुलडोजर के नीचे उनकी किताबें और घर का सारा सामान दब गया. अब परिवार की पांच बेटियां खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं. वहीं बुजुर्ग इस्माइल खान ने भावुक होते हुए कहा कि तमाम वैध प्रमाण होने के बावजूद उनके साथ भेदभावपूर्ण तरीके से कार्रवाई की गई. उन्होंने प्रशासन से न्याय की भीख मांगते हुए पुनर्वास की गुहार लगाई है.

अमरदीन फकीर ने संभाला मोर्चा

कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर ने इस कार्रवाई को तानाशाही करार दिया. उन्होंने कहा कि नाथ और हरिजन समाज के लोगों के घरों को निशाना बनाया गया और बुजुर्ग महिलाओं व बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया. पूर्व जिला प्रमुख अंजना मेघवाल ने मांग की है कि नगर परिषद के बजाय निष्पक्ष जांच के लिए एसडीएम या एडीएम स्तर की कमेटी बनाई जाए.

कलक्टर ने दिया जांच का आश्वासन

कलेक्ट्रेट पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की निष्पक्ष जांच और प्रभावितों के पुनर्वास की मांग की. ज्ञापन में 1998 और 2004 के सर्वे के आधार पर पात्र परिवारों को भूखंड देने और ब्रजराज सिंह नगर कॉलोनी में विशेष कोटा निर्धारित करने की बात कही गई है. कलक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कमेटी गठित करने और पीड़ितों को हरसंभव राहत पहुंचाने का भरोसा दिया है.

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