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Bhiwadi Protest: भिवाड़ी में श्रमिकों के आंदोलन ने पकड़ा जोर! हजारों मजदूरों ने बंद किया काम; रिलैक्सो चौक पर किया चक्का काम

भिवाड़ी में वेतन वृद्धि को लेकर श्रमिक आंदोलन तेज हो गया है. रिलैक्सो, नैपिनो और कूमी के मजदूरों ने चक्का जाम किया.

Bhiwadi Protest: भिवाड़ी में श्रमिकों के आंदोलन ने पकड़ा जोर! हजारों मजदूरों ने बंद किया काम; रिलैक्सो चौक पर किया चक्का काम
भिवाड़ी में कंपनी के बाहर प्रदर्शन की तस्वीरें. (फाइल फोटो)

राजस्थान के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र भिवाड़ी में वेतन वृद्धि और बेहतर कामकाजी शर्तों की मांग को लेकर श्रमिकों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. 16 अप्रैल को मदरसन कंपनी के प्रदर्शन के बाद अब रिलैक्सो इंडिया फुटवियर, नैपिनो और कूमी इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के हजारों श्रमिकों ने काम बंद कर दिया. रिलैक्सो चौक पर चक्का जाम लगाते हुए मजदूरों ने ‘कंपनी प्रशासन मुर्दाबाद' के नारे लगाए. श्रमिकों की नाराजगी इस बात को लेकर है कि 12 घंटे की शिफ्ट पर महज 7 से 10 हजार रुपये मासिक वेतन पा रहे हैं, जबकि न्यूनतम वेतन 20 हजार रुपये होना चाहिए. 

वेतन बढ़ोतरी के साथ ही मजदूरों की ये मांगे

  • ओवरटाइम के लिए अलग से भुगतान और बढ़ोतरी
  • छुट्टी पर दोहरी कटौती बंद
  • गेट पास की सुविधा
  • हफ्ते में एक दिन छुट्टी
  • अनुभवी (3-4 साल) श्रमिकों की सैलरी में बढ़ोतरी

मजदूरों का दर्द- छुट्टी पर दोगुना कटती है सैलरी

एक महिला श्रमिक ज्योति ने बताया, “अन्य कंपनियों में 8 घंटे की ड्यूटी पर 20,000 रुपये मिल रहे हैं, यहां सिर्फ 7,000 रुपये. छुट्टी नहीं मिलती, बोनस नहीं, छुट्टी पर दोगुना सैलरी कटती है.” दूसरे श्रमिक मोमिन ने कहा कि मैनेजमेंट का रवैया खराब है और महिलाओं से बदतमीजी से बात करते हैं. रिलैक्सो कंपनी के बाहर NDTV टीम ने संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन अधिकारी फोन काटकर बात करने से बच रहे हैं. प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.

वहीं, खैरथल-तिजारा जिला कलेक्टर अतुल प्रकाश ने लेबर विभाग को पूरे क्षेत्र की जांच के आदेश दे दिए हैं. उन्होंने कहा, “कई कंपनियों में जांच के बाद वेतन बढ़ाए जा चुके हैं, बाकी जगहों पर जांच चल रही है. जांच रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी.” 

पड़ोसी राज्यों से कम है राजस्थान में सैलरी

यह आंदोलन करीब 20 दिनों से चल रहा है. पहले सुप्रजीत इंजीनियरिंग और मदरसन में प्रदर्शन हुए, जहां कुछ कंपनियों ने 3,370 रुपये तक की बढ़ोतरी का लिखित आश्वासन देकर मामले सुलझाए. अब यह रिलैक्सो, नैपिनो और कूमी तक फैल गया है. इसके बाद से ही मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है ताकि स्थिति बिगड़ने से रोकी जा सके. दरअसल, पूरा मामला हरियाणा (35% वेतन वृद्धि) और उत्तर प्रदेश (21% बढ़ोतरी) के हालिया फैसलों से भी जुड़ा है. भिवाड़ी एनसीआर का हिस्सा होने के बावजूद राजस्थान का न्यूनतम वेतन पड़ोसी राज्यों से काफी कम है, जिससे श्रमिकों में गुस्सा बढ़ा है.

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