- पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार ने बेहतर प्रबंधन और पारदर्शिता से बिजली विभाग को घाटे से मुनाफे में बदल दिया है
- गोइंदवाल थर्मल पावर प्लांट को खरीदकर उसकी उत्पादन क्षमता में सुधार बिजली आपूर्ति और आत्मनिर्भरता मजबूत की गई
- किसानों को धान सीजन में आठ घंटे से अधिक बिजली और सिंचाई के लिए नहरी पानी की आपूर्ति बढ़ाई गई है
पंजाब सीएम भगवंत सिंह मान ने दावा किया है कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने राज्य के बिजली क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव किया है. जो बिजली विभाग कभी भारी घाटे में डूबा रहता था, वही विभाग अब पिछले चार वर्षों से राज्य के 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली देने के बावजूद मुनाफे में चल रहा है. सरकार की 600 यूनिट मुफ्त बिजली योजना के चलते अधिकांश घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिल शून्य आ रहे हैं. मुख्यमंत्री के अनुसार, यह सिर्फ सब्सिडी नहीं बल्कि बेहतर प्रबंधन, पारदर्शिता और ढांचागत सुधारों का नतीजा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक ‘आप' सरकार सत्ता में है, लोगों को 24 घंटे मुफ्त और निर्बाध बिजली मिलती रहेगी.

गोइंदवाल थर्मल प्लांट खरीदकर बदली नीति
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पिछली सरकारों पर सार्वजनिक प्रोपर्टी बेचने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सरकार ने इसके उलट फैसला लिया. उन्होंने 540 मेगावाट गोइंदवाल थर्मल पावर प्लांट को 1080 करोड़ रुपये में खरीदकर नया इतिहास रच डाला. यह वही प्लांट है, जिसकी नई स्थापना पर करीब 4320 करोड़ रुपये खर्च होते. इस प्लांट का नाम अब श्री गुरु अमरदास जी के नाम पर रखा गया है और अधिग्रहण के बाद इसके प्रदर्शन में बड़ा सुधार हुआ है. वित्त वर्ष 2024‑25 में प्लांट लोड फैक्टर 34 प्रतिशत से बढ़कर 65 प्रतिशत हुआ और कुछ महीनों में यह 80‑90 प्रतिशत तक पहुंच गया. इससे राज्य में बिजली उपलब्धता और आत्मनिर्भरता दोनों को मजबूती मिली है.
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किसानों और उद्योगों को सस्ती बिजली
सरकार ने केवल घरेलू ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए भी बिजली दरें घटाई हैं, जबकि पिछली सरकारों के दौरान इन दरों में बढ़ोतरी होती रही. किसानों को भी लगातार और बेहतर बिजली आपूर्ति मिली है. मुख्यमंत्री ने बताया कि पहली बार धान सीजन में किसानों को आठ घंटे से ज्यादा बिजली दी गई और 95 प्रतिशत आपूर्ति दिन के समय सुनिश्चित की गई. सिंचाई के क्षेत्र में भी बड़ा सुधार हुआ है, जहां पहले केवल 22 प्रतिशत नहरी पानी का इस्तेमाल होता था, अब यह 78 प्रतिशत तक पहुंच गया है और लक्ष्य 90 प्रतिशत का है. बिना नई जमीन लिए भाखड़ा नहर की क्षमता से ज्यादा पानी किसानों तक पहुंचाया जा रहा है.

बिजली क्षेत्र में नौकरियां और मजबूत सिस्टम
बिजली क्षेत्र को मजबूत करने के साथ‑साथ रोजगार सृजन पर भी सरकार का फोकस रहा है. अप्रैल 2022 से अब तक पीएसपीसीएल और पीएसटीसीएल में 9593 युवाओं को नौकरियां दी जा चुकी हैं, जिनमें सीधी भर्तियां और तरस के आधार पर नियुक्तियां शामिल हैं. इसके अलावा 1750 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है, जो अगले वर्ष तक पूरी होने की उम्मीद है. ट्रांसमिशन क्षमता को भी बड़े पैमाने पर बढ़ाया गया है, जिससे राष्ट्रीय ग्रिड से ज्यादा बिजली ली जा रही है. पच्छवाड़ा कोयला खदान से आपूर्ति दोबारा शुरू होने से हजारों करोड़ रुपये की बचत हुई है और सभी थर्मल प्लांट्स में पर्याप्त कोयला स्टॉक उपलब्ध बताया गया है.
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ग्रीन एनर्जी पर फोकस, आत्मनिर्भर पंजाब का लक्ष्य
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्वच्छ और हरित ऊर्जा को भविष्य की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि अगले छह वर्षों में ग्रीन एनर्जी का हिस्सा 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत करने का लक्ष्य है. सौर ऊर्जा परियोजनाओं के जरिए हजारों मेगावाट बिजली सस्ती दरों पर जोड़ी गई है, जो पहले की तुलना में कई गुना कम दर पर उपलब्ध हो रही है. इसके साथ ही नए सबस्टेशन, ट्रांसफार्मर अपग्रेड, नई लाइनें और नेटवर्क को मजबूत करने के बड़े काम किए गए हैं. किसानों के लिए हाई‑टेंशन तारों को भूमिगत करने जैसी योजनाएं भी शुरू की जा रही हैं. मुख्यमंत्री का कहना है कि ये सभी कदम मिलकर पंजाब को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर, किसान‑हितैषी और उद्योग‑अनुकूल राज्य बना रहे हैं.
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