पंजाब की भगवंत मान सरकार ने चुनाव से कुछ महीनों पहले ही बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने राज्य के आदर्श स्कूलों के अध्यापकों की सैलरी में 120 पर्सेंट का इजाफा किया है. इसका फायदा कुल 1100 शिक्षकों को मिलेगा. इसके तहत अब तक 10 हजार रुपये ही पाने वाले शिक्षकों को 22 हजार रुपये वेतन मिलेगा. भगवंत मान ने इस फैसले के बाद कहा कि हमारी सरकार अध्यापकों की गरिमा और भविष्य के लिए चिंतित है. उन्होंने कहा कि पंजाब का भविष्य तैयार करने में शिक्षकों की भूमिका अहम है. इसलिए हमने उनकी सैलरी सम्मानजनक हो, इसका फैसला लिया है.
उन्होंने कहा कि इससे पहले की सरकारों ने लगातार शिक्षकों को नजरअंदाज किया है, जो पंजाब का भविष्य गढ़ रहे हैं. भगवंत मान ने कहा, 'शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ ही अध्यापक होते हैं. करीब दो दशकों से टीचर बेहद कम सैलरी पर लगातार काम कर रहे हैं. हमारी सरकार ने लंबे समय से चले आ रहे इस अन्याय को खत्म करने का फैसला लिया है. इसीलिए हमने सैलरी को 120 पर्सेंट का इजाफा किया है.' उन्होंने कहा कि अध्यापकों को अब न सिर्फ बढ़ी हुई सैलरी मिलेगी बल्कि केंद्रीय विद्यालयों के पैटर्न पर उन्हें अतिरिक्त सुविधाएं भी हासिल होंगी.
चीफ मिनिस्टर ने कहा कि 15 हजार बच्चे सीबीएसई से मान्यता प्राप्त इन आदर्श विद्यालयों में पढ़ते हैं. हमारी सरकार इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. भगवंत मान ने कहा कि जब अध्यापक सुरक्षित और सम्मानित महसूस करेगा, तभी छात्रों को अच्छी शिक्षा मिल सकेगी.कर्मचारियों के कल्याण के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली सरकारों ने आदर्श स्कूलों के शिक्षकों की अनदेखी की, जबकि उनकी सरकार ने उनकी हर जायज मांग को पूरा किया है.
उन्होंने कहा, 'हमारी सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। हमने इन शिक्षकों की जायज मांगों को स्वीकार किया है और यह सुनिश्चित करना जारी रखेंगे कि वे अपनी जिम्मेदारियों को सुचारु रूप से और बिना किसी परेशानी के निभा सकें.' बैठक के दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. रवि भगत, स्कूल शिक्षा सचिव सोनाली गिरि तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे.
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