लगातार 82 अंतर्राष्ट्रीय कुश्ती के मैच जीतनेवाली जापान की करिश्माई पहलवान युई सुसाकी नोएडा में धूम मचा रही हैं. जापान की डबल ओलिंपिक पदक विजेता को पेरिस ओलिंपिक्स में भारत की विनेश फ़ोगाट के हाथों पहली बार अंतर्राष्ट्रीय हार का सामना करना पड़ा था. सुसाकी हार की उस टीस के साथ प्रो रेसलिंग में अपने दांवों से सबको चित कर रही हैं. जापान की चार बार की वर्ल्ड चैंपियन, 26 साल की युई सुसाकि नोएडा प्रो रेसलिंग लीग में हरियाणा के लिए खेलते हुए अपना दबदबा कायम कर रखा है. स्टेडियम आनेवाले हज़ारों दर्शकों की ज़ुबान पर उनका नाम चढ़ गया है. भारतीय पहलवानों का दमखम देखकर वो हैरान हैं.
नोएडा में सिर्फ़ अंतिम ने सुसाकी से जीते प्वाइंट्स
डबल ओलिंपिक पदक विजेता जापानी सुसाकी सिर्फ़ दूसरी बार भारत आई हैं. भारत की कुश्ती के अलावा, यहां के योग और खाने की वो कायल हो गई हैं. सुसाकी का कुश्ती में कमाल का रिकॉर्ड रहा है. टोक्यो ओलिंपिक्स में 50 किलोग्राम वर्ग में सुसाकी मे बिना एक भी प्वाइंट गंवाए ओलिंपिक का गोल्ड मेडल जीतकर पूरी दुनिया में धूम मचा दी थी. जापानी गुड़िया सुसाकी को भारत की विनेश फोगाट से पहले सिर्फ़ तीन मैचों में अपनी ही देश की पहलवान के हाथों शिकस्त का सामना करना पड़ा था. 95 लगातार मैच जीतने के बाद पेरिस ओलिंपिक्स 2024 में सुसाकी को विनेश फ़ोगाट के हाथों हार का सामना करना पड़ा था. लेकिन उस मैच के बाद वेइंग इन के दौरान विनेश का वज़न तय सीमा से 100 ग्राम ज़्यादा पाया गया और भारतीय पहलवान कोई पदक नहीं जीत सकी थीं. प्रो रेसलिंग लीग के मैच में (हरियाणा थंडर्स VS यूपी डोमिनेटर्स) चैंपियन सुसाकी को भारत की अंतिम पंघाल ने कड़ी टक्कर दी. वर्ल्ड चैंपियनशिप्स में डबल मेडल विजेता अंतिम पंघाल ने सुसाकी को बाउट के आख़िरी लम्हों तक फंसाये रखा.

7 साल बाद कुश्ती लीग की दमदार वापसी
प्रो रेसलिंग लीग के चेयरमैन दयान फ़ारूक़ी ने NDTV से EXCLUSIVE बात करते हुए कहा, “युई सुसाकि जो दुनिया में कहीं नहीं हारीं उन्हें अंतिम पंघाल को हराने में मुश्किल हो गई. सुसाकि ने आख़िरी मिनट में उनसे मैच जीता. यहां वर्ल्ड के टॉप लेवल के पहलवान हिस्सा ले रहे हैं.”
पूर्व ओलिंपिक और वर्ल्ड चैंपियन युई सुसाकि ने NDTV से EXCLUSIVE बात करते हुए कहा, “यहां की पहलवानी का स्तर काफ़ी अच्छा है. मुझे यहां पहलवानों से मिलकर, बातचीत कर अच्छा लग रहा है. कई पहलवान काफ़ी दमदार हैं.” प्रो रेसलिंग लीग को लेकर चेयरमैन दयान फ़ारूक़ी कहते हैं, “कुश्ती की लीग की 7 साल बाद वापसी हुई है. लेकिन हमने इस बात का ख्याल रखा है कि सभी स्टेकहोल्डर्स का फ़ायदा हो. कुश्ती भी यहां टॉप लेवल की हो रही है. ये लीग पहले की लीग से अलग है और आप लोगों का रेस्पॉन्स देखिए. ले लीग लंबी चलनेवाली है.”

‘लॉस एंजेल्स ओलिंपिक में भारत जीतेगा मेडल्स'
प्रो रेसलिंग लीग के चेयरमैन दयान फ़ारूक़ी NDTV से बात करते हुए कहते हैं, “देखिए, इस लीग से खिलाड़ियों को अच्छा एक्सपोज़र मिल रहा है. आप इसका असर ओलिंपिक्स में भी देखेंगे. मेडल के मामले में ओलिंपिक्स में कुश्ती भारत के लिए सबसे ज़्यादा कनसिसटेंट खेल रहा है. लॉस एंजेल्स 2028 में भी मेडल्स टैली में इसका असर दिखगा.”
‘हार की टीस, विनेश जीत सकती हैं ओलिंपिक का मेडल'
जापान की वंडर रेसलर, डबल ओलिंपिक विजेता युई सुसाकी कहती हैं, “मैंने सुना है कि विनेश मां बनने के बाद वापसी कर रही हैं. अगर मौक़ा मिला तो मैं उनसे लड़ना चाहती हूं. वो बेहद अच्छी पहलवान हैं और लॉस एंजेल्स 2028 में मेडल जीत सकती हैं.”
प्रो रेसलिंग में सबका फ़ायदा
प्रो रेसलिंग लीग के कर्ता-धर्ता दयान फ़ारूक़ी कहते हैं, “प्रो रेसलिंग लीग में अबतक सभी स्टेकहोल्डर्स का खुश नज़र आ रहे हैं. हमारा लॉन्ग टर्म विज़न है. ब्रॉडकास्टर्स, खिलाड़ी, कोच, सपोर्ट स्टाफ़, सबकी डाइट और कुश्ती देखनेवाले फ़ैन्स का भी ख्याल रखा गया है. हम पहली प्रो रेसलिंग लीग के रेस्पॉन्स से काफ़ी उत्साहित हैं. ये लीग आगे और बड़ी हो जाएगी.” हरियाणा की 21 साल की (यूपी डोमिनेटर्स टीम की पहलवान) ओलिंपियन पहलवान अंतिम पंघाल कहती हैं, “सुसाकी बेहद शानदार पहलवान हैं. उनसे मुझे और सारे पहलवानों को काफ़ी सीखने को मिला है. अंतर्राष्ट्रीय स्तर के पहलवानों के साथ टीम में खेलना अलग ही अनुभव है. भारत के पहलवानों के लिए ये अलग किस्म का अनुभव है. इन सबका फ़ायदा आनेवाले दिनों में सबको दिखेगा.”
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