फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) का आगाज 11 जून से हो रहा है. उससे पहले नॉर्वे की फुटबॉल टीम अपनी वेशभूषा को लेकर सुर्खियों में आ गई है. रवाना होने से पहले खिलाड़ियों ने वाइकिंग (Viking) योद्धाओं की थीम पर नॉर्वे की राजधानी ओस्लो के समुद्र तट पर एक शानदार फोटोशूट कराया है. जिसमें स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड (Erling Haaland) और उनके साथी खिलाड़ियों को पारंपरिक ढाल और तलवारों के साथ दिखाया गया है. इस फोटोशूट को ब्रिटेन के जाने-माने फोटोग्राफर डेविड यारो (David Yarrow) की देख रेख में किया गया. जिसका मकसद टूर्नामेंट में टीम के हौसले और आक्रामक तेवर को दिखाना था.
फोटोशूट के बाद यारो का बयान
खास फोटोशूट के बाद डेविड यारो ने 'द एथलेटिक' के साथ बातचीत करते हुए कहा, 'मुझे लोगों को उनके सामान्य फोटोशूट से हटकर अलग दिखाना पसंद है. मुझे पता था कि इसकी आचोचना हो सकती है. मगर मैं वाइकिंग्स के उस सफर के भाव को उकेरना चाहता था. जैसे मानो वह अमेरिका के लिए रवाना हो रहे हों.'
'नॉर्वे आ रहा है'
नॉर्वे की फुटबॉल टीम ने इस तस्वीर को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अंकाउट पर साझा करते हुए इसके कैप्शन में लिखा है, 'नॉर्वे आ रहा है.' आपको बता दें कि पिछले 28 वर्षों में पहली बार नॉर्वे की टीम ने फीफा वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई किया है.
हमलों, व्यापार और खोजी यात्राओं के लिए पूरी दुनिया में मशहूर हैं वाइकिंग
वाइकिंग योद्धा स्कैंडिनेविया (मौजूदा डेनमार्क, नॉर्वे और स्वीडन) के नॉर्स समुद्री यात्री थे. वाइकिंग काल करीब 8वीं शताब्दी से 11वीं शताब्दी के मध्य तक माना जाता है. जानकारों का मानना है कि वाइकिंग काल यूरोप के प्रारंभिक मध्य युग का एक काल था. वर्तमान में वाइकिंग योद्धा को उनके समुद्री तटों पर अचानक हमले, व्यापार और खोजी यात्राओं के लिए याद रखा जाता है.
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