T20 World Cup 2026: अहमदाबाद में टीम इंडिया रविवार को सुपर-8 में दक्षिण अफ़्रीका से टक्कर लेगी और उसी दिन तकरीबन 14 घंटे पहले दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में दुनिया के ढाई दर्जन देशों के एथलीट-रनर्स मैराथन रेस में अपना दमखम दिखाएंगे. 22 फरवरी, रविवार को दिल्ली में होनेवाले कॉग्निज़ेंट मैराथन के 11वें संस्करण में 30,000 से ज़्यादा प्रतियोगी हिस्सा लेनेवाले हैं और ये देश के सबसे बड़े खेल आयोजनों में से एक बनने जा रहा है. बड़ी बात ये भी है कि पिछले डेढ़ दशक में ये भारत के मेट्रो शहरों में लगातार मज़बूत हो रहे मैराथन मूवमेंट के मज़बूत होने का बड़ा सबूत बन गया है.
इस मैराथन को एथलेटिक्स फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया, असोसिएशन ऑफ़ इंटरनेशनल मैराथन एंड डिस्टेंस रेस और वर्ल्ड एथलेटिक्स से मान्यता हासिल है और भारत में लगातार रनिंग कल्चर को बढ़ावा देता नज़र आता है.
31 देश और 490 शहरों के रनर्स
रविवार को दिल्ली में होनेवाली इस रेस में 31 देशों और 490 शहरों के 30,000 से ज़्यादा की संख्या में रनर्स हिस्सा लेंगे. इस 11वें संस्करण में भारत के भी 32 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के एथलीट-रनर्स ने दौड़ने के लिए खुद को रजिस्टर करवाया है. दिल्ली में होनेवाले इस मैराथन पर दुनिया भर केएथलीटों की नज़र होती है. और ये सही मायने में एक ग्लोबल मैराथन रेस की तरह नामचीन हो गया है.
विजेन्दर-बोपन्ना दिखाएंगे हरी झंडी
इस दौड़ को दिल्ली के जवाहरलाल नेहर स्टेडियम से ओलिंपिक पदक विजेता विजेंदर सिंह और ओलिंपियन टेनिस दिग्गज रोहन बोपन्ना हरी झंडी दिखाकर रेस की शुरुआत करेंगे. दोनों ओलिंपियन प्रतिभागियों को नई दिल्ली की की ऐतिहासिक और चमचमाती सड़कों पर मार्गदर्शन देंगे.
4 रेस, 30,000 रनर्स, एशियाड के लिए क्वालिफ़ाइंग
रविवार के मैराथन में प्रतिभागी चार श्रेणियों में दौड़ लगाएंगे-
* फुल मैराथन
* हाफ मैराथन
* 10 किलोमीटर की दौड़
* 5 किलोमीटर दौड़
भारतीय एलीट मैराथन दल में अनीश थापा, बेलियप्पा, मान सिंह, गोपी टी, डॉ. कार्तिक, अक्षय सैनी, भागीरथी बिष्ट, निरमाबेन ठाकर भारतजी, अश्विनी मदन जाधव, डिस्केट डोल्मा और स्टंजिन डोलकर शामिल हैं. ये सभी फ़ुल मैराथन के हीरो हैं और रविवार को इसी रेस में अपना जौहर दिखाएंगे.
एशियाड के लिए क्वालिफ़ाइंग
यह मैराथन आगामी एिशयाई खेलो के लिए क्वालिफ़ाइंग रेस भी मानी जा रही है. इस रेस में 20 ब्लाइंड यानी दृष्टिबाधित खिलाड़ी भी हिस्सा ले रहे हैं जो इसे एक समावेशी या इंक्लूज़िव रेस साबित करता है. इस रेस से जमा की गई 10 लाख रुपये की रकम को एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के जूनियर डेवलपमेंट प्रोग्राम के लिए खर्च किया जाएगा.
इस मैराथन के रेस डायरेकर एवं सीएमडी, एनईबी स्पोर्ट्स के नागराज अडिगा कहते हैं, “कॉग्निज़ेंट नई दिल्ली मैराथन केवल एक दौड़ नही है. यह मानवीय भावना, दढ़ता और एकता का उत्सव है. हमें इतनी बड़ी ग्लोबल भागीदारी देखकर गर्व हो रहा है. हम समावेशी और प्ररणादायक आयोजन को बढ़ावा देते रहेंगे. हमारा लक्ष्य एक ऐसा मंच तैयार करना है, जहां हर धावक एलीट खिलाड़ियों से लेकर पहली बार भाग लेनेवाले तक, सभी अपनी क्षमता से सीमाओं को पार कर सकें और बड़े उद्देश्य का हिस्सा बन सकें.”
इस रेस को कामयाब बनाने में एथलेटिक्स फेडरेशन के कोषाध्यक्ष स्टेन्ली जोन्स, कॉग्निज़ेंट इंडिया के राजेश वॉरियर और एसिक्स इंडिया के रजत खुराना ने निजी तौर पर शामिल होकर अहम रोल अदा किया है. हमेशा की तरह इसमें पर्यावरण संरक्षण और प्रतिभागियों की चिकित्सा का ख़ास ख़्याल रखा गया है.
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