Tejaswin Shankar creates history: यह सही है कि ग्लासगो में इस बार खेले जा रहे 23वें कॉमनवेल्थ खेलों का 9वां और वीरवार का दिन भारत के लिए ऐतिहासिक रहा. इस दिन जो हुआ, वह खेलों के 91 साल के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ. अस्मिता डे और हर्ष सिंह के महिला और पुरुष वर्ग में स्वर्ण सहित कोई भी पदक जीतने वाले पहले भारतीय बनने के साथ ही करोड़ों भारतीय युवाओं को जूडो में भविष्य के सपने संजोने का ख्वाब दे दिया. लेकिन दूसरी तरफ एथलीट तेजस्विन शंकर ने वीरवार को दोपहर से शुरू हुई यात्रा के करीब रात एक बजे खत्म होने के साथ ही डेकाथलन स्पर्धा का कांस्य पदक जीता, तो भारतीय खेलों के इतिहास में यह मील का पत्थर बन गया. निश्चित रूप से यह अस्मिता या हर्ष के सोने से कम नहीं था. चलिए पड़ताल करते हैं.
The toughest event. A historic finish. 💪
— Sony Sports Network (@SonySportsNetwk) August 1, 2026
Tejaswin Shankar scripts history with a brilliant Decathlon Bronze at the Commonwealth Games Glasgow 2026. 🌟 #SonySportsNetwork #SonyLIV #Glasgow2026 #GlasgowMeinTiranga #Cheer4Bharat pic.twitter.com/y6V2HLkTJx
पहले भारतीय एथलीट बने तेजस्विन
कॉमवेल्थ खेलों में भारत साल 1934 से हिस्सा ले रहा है. लेकिन अभी तक के सफर में किसी भी एथलीट ने महाकुंभ में डेकाथलन में कोई पदक नहीं ही जीता था. और वह ऐसा करने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए. तेजस्विन शंकर ने दो दिन तक चली कठिन स्पर्धा में कुल 7,976 अंक हासिल करके कांसे पर कब्जा किया.
A historic moment in the Men's Decathlon! 🇮🇳
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) August 1, 2026
Heartiest congratulations to Tejaswin Shankar on clinching the bronze medal, securing India's first-ever medal in the Decathlon at the Commonwealth Games.
A remarkable achievement and an inspiration for countless aspiring athletes.… pic.twitter.com/pnaGIy89LT
इस वजह से वेरी-वेरी स्पेशल है शंकर का पदक
दरअसल डेकाथलन प्रतिस्पर्धा किसी भी एथलीट का एक बड़ा टेस्ट होता है क्योंकि इसमें उसे 10 स्पर्धाओं में हिस्सा लेना होता और यह दो दिन चलती है. तेजस्विन ने पहले 30 जुलाई और फिर अगले दिन 31 को प्रतिस्पर्धा में भाग लिया.
इस इवेंट के तहत पहले दिन 5 स्पर्धाएं: 100 मी. रेस, लंबी कूद, शॉट पुट, हाई जंप और आखिर में 400 मी. रेस का आयोजन होता है.
दूसरे दिन की स्पर्धाएं: दूसरे दिन खिलाड़ी विशेष को 110 मी. बाधा दौड़, डिस्कस ध्रो, पोल वॉल्ट, जेवलिन थ्रो और सबसे आखिर में 1500 मी. रेस में हिस्सा लेना होता है. और तेजस्विन ने भी इन्हीं 10 स्पर्धाओं में खुद को साबित करते हुए तीसरे नंबर पर रहकर कांस्य पदक पर कब्जा किया.
पहले दिन (30 जुलाई) तेजस्विन का स्कोर
- 100 मी. रेसछ 11.08 सेकेंड (843 अंक)
-लांग जंप: 7.35 मी. (843 अंक)
- शॉट पुट: 13.52 मी. (699 अंक)
-हाई जंप: 215 मी. (944 अंक)
-400 मी रेस: 49.33 सेकेंट (846 अंक)
दूसरे दिन (31 जुलाई) तेजस्विन का स्कोर
-110 मी बाधा दौड़: 110 मीटर हर्डल्स: 14.56 सेकंड (903 अंक)
- डिस्कस थ्रो: 39.80 मीटर (660 अंक)
- पोल वॉल्ट: 4.40 मीटर (731 अंक)
-जेवलिन थ्रो: 51.52 मीटर (611 अंक)
-1500 मीटर रेस: 4 मिनट 25.80 सेकंड (772 अंक)
तेजस्विन शंकर का कुल स्कोर
घुटने के दर्द के बावजूद तेजस्विन ने 1500 मी की रेस पूरी की. और उनके कुल मिलाकर 7,976 प्वाइंट्स रहे. वहीं, ग्रेनाडा के लिंडन विक्टर (8,421 अंक) ने स्वर्ण, तो कनाडा के डेमियन वॉर्नर (8255 अंक) ने डेकाथलन का रजत पदक जीता
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