भारत की युवा जूडो खिलाड़ी ईशरूप नारंग खुद को रोक नहीं सकीं और ब्रॉन्ज मेडल मुकाबला हारने के बाद उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े. कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में उन्होंने पूरे दमखम के साथ वापसी करते हुए रेपेचेज के रास्ते ब्रॉन्ज मैच तक का सफर तय किया, लेकिन कनाडा की कोराली गॉडबाउट ने गोल्डन स्कोर में युको हासिल कर उनकी पदक की उम्मीदें तोड़ दीं.
ईशरूप की यह हार सिर्फ स्कोरबोर्ड पर दर्ज एक नतीजा नहीं थी, बल्कि उस खिलाड़ी का दर्द भी थी, जिसने आखिरी सेकंड तक देश के लिए मेडल जीतने की पूरी कोशिश की. मैच 'गोल्डन स्कोर' तक गया और आखिर में कनाडा की कोराली गॉडबाउट ने 'यूको' (Yuko) से जीत हासिल की. ये मुकाबला कुल 6 मिनट 19 सेकंड तक चला.
दरअसल, रविवार को हुए कड़े मुकाबले में उन्हें कनाडा की सी. गॉडबाउट ने हराया, जिसका फैसला 'गोल्डन स्कोर' में हुआ. निर्धारित समय में दोनों जूडोका के बीच कोई नतीजा नहीं निकलने पर मुकाबला 'गोल्डन स्कोर' में चला गया, जहां गॉडबाउट ने 6:19 मिनट पर निर्णायक 'यूको' हासिल कर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया.
दोनों खिलाड़ियों पर लगी पेनल्टी
पूरे मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों ने रणनीति पर ध्यान दिया और निर्धारित समय में कोई भी खिलाड़ी स्कोर नहीं कर सका. मुकाबले के दौरान दोनों जूडोका पर पेनल्टी भी लगी, लेकिन एक्स्ट्रा टाइम में स्कोर करने का पहला मौका कनाडा की खिलाड़ी ने भुनाया और जीत हासिल की. इस मामूली अंतर से मिली हार का मतलब था कि शानदार प्रदर्शन के बावजूद नारंग पोडियम (मेडल जीतने वालों की सूची) से बाहर रहीं. इसके साथ ही ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो प्रतियोगिता में भारत के हाथ से मेडल निकलने का एक और मामला जुड़ गया.
भले ही नारंग मेडल नहीं जीत सकीं, लेकिन उनके अभियान ने उनके साहस और जज़्बे को दिखाया, उन्होंने अपने से ऊंची रैंकिंग वाली प्रतिद्वंद्वी को 'गोल्डन स्कोर' तक धकेला और आखिर में बहुत कम अंतर से हार गईं.
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(आईएएनएस इनपुट के साथ)
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