- ग्रेटर नोएडा में MCA छात्र कृष्णकांत ने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.
- कृष्णकांत झारखंड का रहने वाला था और NIET कॉलेज में एमसीए सेकंड ईयर की पढ़ाई कर रहा था.
- कृष्णकांत ने एक सुसाइड नोट लिखा जिसमें उसने हार मानने की बात कही और परिवार से माफी मांगी है.
ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना इलाके के एक हॉस्टल के कमरे में एमसीए छात्र ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. पुलिस ने मृतक कृष्णकांत के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और उसके परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है. पुलिस को एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है. इस मामले में पुलिस ने बताया कि कृष्णकांत के आत्महत्या करने से पहले अपने पिता ने फोन पर बात हुई थी. पिता ने कृष्णकांत के दोस्त को फोन कर कहा था कि वह कुछ करने वाला है. हालांकि जब तक दोस्त उसके रूम पर पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी.
दरसअल, नॉलेज पार्क थाना पुलिस को शनिवार दोपहर को सूचना मिली कि थाना क्षेत्र के तुगलपुर में स्थित क्राउन हॉस्टल में एक छात्र ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची तो पता चला कि वहां पर क्राउन हॉस्टल के थर्ड फ्लोर के रूम नंबर 79 में कृष्णकांत (25) नाम के छात्र ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या की है. कृष्णकांत झारखंड का रहने वाला था, उसके द्वारा छत में लगे पंखे के हुक में अंगोछा डालकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.
कृष्णकांत कुछ करने वाला है... पिता ने दोस्त को फोन कर कहा
पुलिस ने जब जानकारी ली तो पता चला कि कृष्णकांत और ऋतिक नाम के छात्र एक साथ इस रूम में रहते थे. मृतक कृष्णकांत NIET कॉलेज में एमसीए सेकंड ईयर की पढ़ाई कर रहा था.
आज सुबह कृष्णकांत कॉलेज के लिए नहीं गया था. उसने अपने रूममेट ऋतिक से बाद में आने के लिए कहा था. दोपहर को कृष्णकांत के पिता ने ऋतिक को फोन किया और कहा कि तुम जल्दी से कृष्णकांत के कमरे पर चले जाओ, वह कुछ करने वाला है. इसके बाद ऋतिक ने अपने हॉस्टल में रहने वाले दोस्तों को कॉल किया. उन्होंने देखा कि कृष्णकांत के द्वारा फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली गई थी. दरवाजा अंदर से बंद था, उन लोगों ने धक्का मारकर दरवाजे की कुंडी को तोड़ा और उसके शव को नीचे उतारा.
सुसाइड नोट लिखकर कर ली आत्महत्या
पुलिस के मुताबिक, कृष्णकांत ने एक छोटा सा सुसाइड नोट भी लिखा है, जिसमें उसने अंग्रेजी में लिखा, "मैं हार गया हूं, अपना शरीर और अपनी चीजें अपने परिवार को देता हूं, प्लीज परेशानी के लिए माफ करें."
मृतक के मित्र ऋतिक ने बताया कि मृतक छात्रा के सिर में कोई बीमारी थी ,जब वह ज्यादा देर पढ़ाई करता था तो उसका सिर झुका रह जाता था, जिसकी वजह से वह काफी परेशान भी रहता था, वह पढ़ाई में बहुत अच्छा था.
हालांकि आत्महत्या की वजह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है. उसने अंत में अपने परिजनों से भी फोन पर बातचीत की थी.
| Helplines | |
|---|---|
| Vandrevala Foundation for Mental Health | 9999666555 or help@vandrevalafoundation.com |
| TISS iCall | 022-25521111 (Monday-Saturday: 8 am to 10 pm) |
| (If you need support or know someone who does, please reach out to your nearest mental health specialist.) | |
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