एनसीपी मुखिया शरद पवार (फाइल फोटो)
मुंबई:
मुंबई के घाटकोपर में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की परिवर्तन रैली में पार्टी के मुखिया शरद पवार के सुर एक बार फिर बदले नज़र आए. पहले नोट बंदी के फैसले का स्वागत करने वाले पवार ने अब इस फैसले का विरोध करते हुए कहा अब आम आदमी ही इस फैसले की चपेट में आकर पिस रहा है. पवार ने इस फैसले को आर्थिक आपातकाल करार देते हुए बुलेट ट्रेन के मुद्दे पर भी केन्द्र सरकार को घेरा. घाटकोपर की रैली में पवार ने मुंबई महानगरपलिका के साथ लोकसभा, विधानसभा चुनावों में भी सत्ता परिवर्तन की बात कही.
रैली में पवार ने कहा मुंबई की लोकल ट्रेन से सफर करने वालों की परेशानियों का अंदाजा सरकार को नहीं है. जिस तरह मुंबई में घर का मुद्दा महत्वपूर्ण है, उसी तरह यातायात का, लोकल का मुद्दा भी अहम है लेकिन मुंबईकरों की तकलीफें सरकार को नहीं दिखती. बीजेपी सरकार को बुलेट ट्रेन की जल्दी पड़ी है. पवार ने आगे कहा कि 98,000 करोड़ रुपये खर्च करके ट्रेन को मुंबई से अहमदाबाद ले जाने की बड़ी जल्दी है. इसके बजाए दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-कोलकाता, दिल्ली-चेन्नई रूट पर ध्यान दिया जाता तो बेहतर होता. मुंबई लोकल पर 8000 करोड़ रुपये खर्च किये जाते तो मुंबई के लोगों की बड़ी परेशानी हल हो जाएगी, लेकिन प्रधानमंत्री को चिंता है कि कैसे जल्द से जल्द मुंबई से अहमदाबाद पहुंचा जाए.
पवार ने सीधे नरेन्द्र मोदी पर हमला करते हुए कहा प्रधानमंत्री विदेशों में जाकर भारतीय नेताओं पर टिप्पणियां करते हैं. देश के नेताओं की विदेशों में जाकर बदनामी करते हैं. इंदिरा गांधी ने कभी ऐसा नहीं किया. प्रधानमंत्री शौक से विदेश यात्राएं करें, भारत के हित के मुद्दों को उठाएं लेकिन बीजेपी के नेता बनकर न जाएं, देश के प्रधानमंत्री बनकर जाएं. नोटबंदी के मुद्दे पर पवार ने कहा ‘अगर इस तरह की स्थिति जारी रही, तो आम लोगों का जीना दूभर हो जाएगा.’ उन्होंने कहा कि मोदी के फैसले के चलते देश आर्थिक आपातकाल की गिरफ्त में है.
आम आदमी तकलीफ में है और प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि काला धन वालों की नींद उड़ गई है. आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में परिवर्तन जरूरी हो गया है. उन्होंने कहा कि सिर्फ 0.28 फीसद नोट ही जाली थे लेकिन इसके पीछे 86 फीसद नोट बंद कर दिए गए. अपनी रैली में पवार ने ममता बनर्जी का समर्थन करते हुए उन्हें ईमानदार बताया, ग़ौरतलब है कि रविवार को अपनी रैली में मोदी ने ममता बनर्जी का नाम लिये बगै़र उन पर तीखा हमला किया था.
रैली में पवार ने कहा मुंबई की लोकल ट्रेन से सफर करने वालों की परेशानियों का अंदाजा सरकार को नहीं है. जिस तरह मुंबई में घर का मुद्दा महत्वपूर्ण है, उसी तरह यातायात का, लोकल का मुद्दा भी अहम है लेकिन मुंबईकरों की तकलीफें सरकार को नहीं दिखती. बीजेपी सरकार को बुलेट ट्रेन की जल्दी पड़ी है. पवार ने आगे कहा कि 98,000 करोड़ रुपये खर्च करके ट्रेन को मुंबई से अहमदाबाद ले जाने की बड़ी जल्दी है. इसके बजाए दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-कोलकाता, दिल्ली-चेन्नई रूट पर ध्यान दिया जाता तो बेहतर होता. मुंबई लोकल पर 8000 करोड़ रुपये खर्च किये जाते तो मुंबई के लोगों की बड़ी परेशानी हल हो जाएगी, लेकिन प्रधानमंत्री को चिंता है कि कैसे जल्द से जल्द मुंबई से अहमदाबाद पहुंचा जाए.
पवार ने सीधे नरेन्द्र मोदी पर हमला करते हुए कहा प्रधानमंत्री विदेशों में जाकर भारतीय नेताओं पर टिप्पणियां करते हैं. देश के नेताओं की विदेशों में जाकर बदनामी करते हैं. इंदिरा गांधी ने कभी ऐसा नहीं किया. प्रधानमंत्री शौक से विदेश यात्राएं करें, भारत के हित के मुद्दों को उठाएं लेकिन बीजेपी के नेता बनकर न जाएं, देश के प्रधानमंत्री बनकर जाएं. नोटबंदी के मुद्दे पर पवार ने कहा ‘अगर इस तरह की स्थिति जारी रही, तो आम लोगों का जीना दूभर हो जाएगा.’ उन्होंने कहा कि मोदी के फैसले के चलते देश आर्थिक आपातकाल की गिरफ्त में है.
आम आदमी तकलीफ में है और प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि काला धन वालों की नींद उड़ गई है. आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में परिवर्तन जरूरी हो गया है. उन्होंने कहा कि सिर्फ 0.28 फीसद नोट ही जाली थे लेकिन इसके पीछे 86 फीसद नोट बंद कर दिए गए. अपनी रैली में पवार ने ममता बनर्जी का समर्थन करते हुए उन्हें ईमानदार बताया, ग़ौरतलब है कि रविवार को अपनी रैली में मोदी ने ममता बनर्जी का नाम लिये बगै़र उन पर तीखा हमला किया था.
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