गोवा की सांकेतिक तस्वीर.
- सीएम बनने के बाद पर्रिकर ने गोवा में खत्म किया था जीएसटी
- सस्ता पेट्रोल भरवाने के लिए गोवा आते थे लोग
- इन्हें रोकने के लिए लिया जाता था एंट्री फीस
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पणजी:
जीएसटी के लागू होने के बाद गोवा की एंट्री फीस रद्द हुई है. गोवा में सस्ते पेट्रोल को खरीदने आनेवालों पर यह एंट्री फीस लागू हुई थी. मनोहर पर्रिकर ने 2015 में मुख्यमंत्री बनने के बाद गोवा में पेट्रोल से VAT फीस खत्म किया था, जिसके परिणामस्वरूप बढ़ती भीड़ पर काबू करने के लिए यह एंट्री फी लगाई गई थी.
गोवा में पेट्रोल आसपास के राज्य जैसे महाराष्ट्र, कर्नाटक से काफी सस्ता था. इस वजह से दूसरे राज्यों से केवल पेट्रोल खरीदने के लिए वाहनों की भारी भीड़ गोवा में होती थी. इससे बिना VAT के सस्ता पेट्रोल गोवावासीयों को मिलना मुश्किल हो रहा था. साथ ही गोवा से सस्ता पेट्रोल खरीदकर सीमावर्ती भागों में उसकी कालाबाजारी शुरू हुई थी.
इसपर नकेल कसने के लिए गोवा की सीमाओं से 20 किलोमीटर अंदर एंट्री चेक पोस्ट शुरू किए गए थे. वहां से गुजराती गाड़ियों पर यह शुल्क वसूली होती थी. GST लागू होने के बाद किसी एक राज्य में प्रवेश के लिए ऐसी शुल्क अदायगी कानूनन नहीं रहती. ऐसे में इस एंट्री फीस को हटाया गया है. गोवा के 5 एंट्री फी बूथ से सालाना 42 करोड़ रुपए की आमदनी सरकार को होती थी.
गोवा में पेट्रोल आसपास के राज्य जैसे महाराष्ट्र, कर्नाटक से काफी सस्ता था. इस वजह से दूसरे राज्यों से केवल पेट्रोल खरीदने के लिए वाहनों की भारी भीड़ गोवा में होती थी. इससे बिना VAT के सस्ता पेट्रोल गोवावासीयों को मिलना मुश्किल हो रहा था. साथ ही गोवा से सस्ता पेट्रोल खरीदकर सीमावर्ती भागों में उसकी कालाबाजारी शुरू हुई थी.
इसपर नकेल कसने के लिए गोवा की सीमाओं से 20 किलोमीटर अंदर एंट्री चेक पोस्ट शुरू किए गए थे. वहां से गुजराती गाड़ियों पर यह शुल्क वसूली होती थी. GST लागू होने के बाद किसी एक राज्य में प्रवेश के लिए ऐसी शुल्क अदायगी कानूनन नहीं रहती. ऐसे में इस एंट्री फीस को हटाया गया है. गोवा के 5 एंट्री फी बूथ से सालाना 42 करोड़ रुपए की आमदनी सरकार को होती थी.