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मैट्रिमोनियल साइट्स, फर्जी प्यार और ₹200 करोड़ का चूना: मीरा रोड पुलिस ने किया इंटरनेशनल रैकेट का पर्दाफाश

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है. इस घटना से यह सीख मिलती है कि मामला मैट्रिमोनियल का हो या अन्य किसी भी चीज का निवेश के मामले में बेहद समझ-बुझ कर फैसला लेना चाहिए

मैट्रिमोनियल साइट्स, फर्जी प्यार और ₹200 करोड़ का चूना: मीरा रोड पुलिस ने किया इंटरनेशनल रैकेट का पर्दाफाश
मैट्रिमोनियल साइट के जरिए 200 करोड़ की ठगी.
  • मुंबई के मीरा रोड पुलिस ने मैट्रिमोनियल साइट के जरिए 200 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का रैकेट पकड़ा है.
  • इस गिरोह ने फर्जी प्रोफाइल बनाकर भावनात्मक रूप से लोगों को विश्वास दिलाकर निवेश के लिए तैयार किया था.
  • आरोपी फर्जी कंपनियों के नाम से नकली वेबसाइट और दस्तावेज बनाकर निवेश को असली दिखाने का प्रयास करते थे.
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मुंबई:

शादी के लिए पार्टनर की तलाश वाले कई मैट्रिमोनियल साइट इन दिनों चलन में हैं. इसके जरिए कई लोगों का अपना जीवनसाथी भी मिलता है. लेकिन ऐसे भी मामले सामने आए हैं कि मैट्रिमोनियल साइट के जरिए कई शातिर लोग ठगी की वारदात को भी अंजाम देते हैं. एक ऐसे ही मामले का खुलासा मुंबई पुलिस ने किया है. जिसमें मैट्रिमोनियल साइट के जरिए 200 करोड़ की ठगी का मामला सामने आया है. दरअसल मुंबई से सटे मीरा रोड इलाके में पुलिस ने एक बेहद चौंकाने वाले ठगी रैकेट का पर्दाफाश किया है. इस रैकेट ने देशभर में फैले अपने जाल के जरिए अब तक 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी को अंजाम दिया है.

मीरा रोड पुलिस ने 7 आरोपियों को किया गिरफ्तार

कार्रवाई करते हुए मीरा रोड पुलिस ने इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं. पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह का तरीका बेहद शातिर था. गिरोह में शामिल महिलाएं पहले मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से दोस्ती करती थीं.

इमोशनली टच में लेने के बाद देते थे निवेश का लालच

धीरे-धीरे शादी का भरोसा दिलाया जाता था और भावनात्मक रूप से पीड़ितों को अपने जाल में फंसाया जाता था. जब पीड़ित पूरी तरह भरोसा करने लगता, तब उसे मोटे मुनाफे का लालच देकर निवेश के लिए तैयार किया जाता था. इसके लिए आरोपी फर्जी कंपनियों के नाम से प्रोफेशनल दिखने वाली वेबसाइट्स और डॉक्यूमेंट्स तैयार करते थे, ताकि निवेश असली लगे.

शुरुआती तौर पर मोटा मुनाफा दिखाकर जीतते थे भरोसा

कई मामलों में शुरुआती तौर पर थोड़ा मुनाफा दिखाकर भरोसा और मजबूत किया जाता था. इस रैकेट के शिकार देश के अलग-अलग राज्यों में फैले हुए हैं. अब तक 50 से ज्यादा पीड़ितों की पहचान की जा चुकी है, जिन्होंने अपनी जमा पूंजी, जीवन भर की कमाई और कुछ मामलों में कर्ज लेकर भी इस गिरोह को पैसे दिए. कुल ठगी की रकम 200 करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है.

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है. इस घटना से यह सीख मिलती है कि मामला मैट्रिमोनियल का हो या अन्य किसी भी चीज का निवेश के मामले में बेहद समझ-बुझ कर फैसला लेना चाहिए.

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