मुंबई:
देश की आर्थिक राजधानी बैंक एटीएम खुलने के तीसरे दिन भी नकदी की कमी से जूझती रही. कई एटीएम खुले नहीं, जो खुले वहां लंबी कतारें थीं. देना बैंक ने ग्राहकों को फायदा पहुंचाने के लिये एक अनोखा प्रयोग किया मोबाइल बैंक.
शनिवार को मुंबई में हर जगह एक ही बात दिखी लाइन बड़ा, तो मिज़ाज चढ़ा, सुबह 4-5 बजे से बैंकों को बाहर खड़े लोगों का सब्र मायानगरी में तीसरे दिन जवाब देने लगा.
देवनार में सेंट्रल बैंक के बाहर 3 घंटे से इंतज़ार कर रही 50 साल की मेहन्निसा ने कहा, 'मैं 2 दिन से यहां आ रही हूं, बच्चों के दूध के लिये अब पैसे नहीं बचे हैं, लोग बीमार हैं कैसे काम चलाऊं, वहीं 60 साल की डेज़ी काफी नाराज़ थीं. उन्होंने कहा, 'यहां सीनियर सिटिज़न के लिये भी कोई इंतज़ाम नहीं है, कम से कम एटीएम तो खोलना चाहिये था.' बैंक के अधिकारी कुछ सफाई देने की कोशिश करते, लेकिन नाकाम रहे.
उन्होंने कहा, 'भीड़ को काबू में किये बग़ैर बैंक नहीं खोल सकते, एटीएम में थर्ड पार्टी पैसे डालेगी, उम्मीद है थोड़ी देर में एटीएम खुल जाएंगे. शुक्रवार को एटीएम खुलने का वायदा था, लेकिन शनिवार को भी कई सरकारी और निजी बैंकों के एटीएम में पैसा नहीं पहुंचा. जहां पैसा आया वहां लंबी कतारें थीं.
इस बीच वर्ली में देना बैंक के मोबाइल एटीएम से कुछ राहत की खबर आई, जो शहर भर में दौड़-दौड़ कर लोगों तक कैश पहुंचाएगी. देना बैंक के फील्ड महाप्रबंधकर राजकुमार भारद्वाज ने बताया, 'शुक्रवार को हमारी वैन नैपियन सी रोड पर थी, शनिवार को वर्ली में फिर अंधेरी जाएगी. हमारी कोशिश रहेगी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचने की ताकी ग्राहकों को परेशानी से बचाया जा सके.' फिलहाल ये मोबाइल बैंक 5 लाख रुपये तक की रकम ग्राहकों में बांट सकता है, लेकिन छोटी सी ये मदद तकलीफ में पड़े शहर के लिये बड़ी साबित हो रही है.
शनिवार को मुंबई में हर जगह एक ही बात दिखी लाइन बड़ा, तो मिज़ाज चढ़ा, सुबह 4-5 बजे से बैंकों को बाहर खड़े लोगों का सब्र मायानगरी में तीसरे दिन जवाब देने लगा.
देवनार में सेंट्रल बैंक के बाहर 3 घंटे से इंतज़ार कर रही 50 साल की मेहन्निसा ने कहा, 'मैं 2 दिन से यहां आ रही हूं, बच्चों के दूध के लिये अब पैसे नहीं बचे हैं, लोग बीमार हैं कैसे काम चलाऊं, वहीं 60 साल की डेज़ी काफी नाराज़ थीं. उन्होंने कहा, 'यहां सीनियर सिटिज़न के लिये भी कोई इंतज़ाम नहीं है, कम से कम एटीएम तो खोलना चाहिये था.' बैंक के अधिकारी कुछ सफाई देने की कोशिश करते, लेकिन नाकाम रहे.
उन्होंने कहा, 'भीड़ को काबू में किये बग़ैर बैंक नहीं खोल सकते, एटीएम में थर्ड पार्टी पैसे डालेगी, उम्मीद है थोड़ी देर में एटीएम खुल जाएंगे. शुक्रवार को एटीएम खुलने का वायदा था, लेकिन शनिवार को भी कई सरकारी और निजी बैंकों के एटीएम में पैसा नहीं पहुंचा. जहां पैसा आया वहां लंबी कतारें थीं.
इस बीच वर्ली में देना बैंक के मोबाइल एटीएम से कुछ राहत की खबर आई, जो शहर भर में दौड़-दौड़ कर लोगों तक कैश पहुंचाएगी. देना बैंक के फील्ड महाप्रबंधकर राजकुमार भारद्वाज ने बताया, 'शुक्रवार को हमारी वैन नैपियन सी रोड पर थी, शनिवार को वर्ली में फिर अंधेरी जाएगी. हमारी कोशिश रहेगी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचने की ताकी ग्राहकों को परेशानी से बचाया जा सके.' फिलहाल ये मोबाइल बैंक 5 लाख रुपये तक की रकम ग्राहकों में बांट सकता है, लेकिन छोटी सी ये मदद तकलीफ में पड़े शहर के लिये बड़ी साबित हो रही है.
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