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This Article is From Dec 03, 2017

भोपाल गैस त्रासदी की 33वीं बरसी आज, लोगों ने ऐसे किया कफन ओढ़कर प्रदर्शन

वर्ष 1984 में भोपाल में हुए इस गैस त्रासदी को पूरी दुनिया के औधोगिक इतिहास की सबसे बड़ी दुर्घटना के तौर पर देखा जाता है.

भोपाल गैस त्रासदी की 33वीं बरसी आज, लोगों ने ऐसे किया कफन ओढ़कर प्रदर्शन
कफन ओढ़कर प्रदर्शन करते लोग
  • भोपाल गैस त्रासदी की 33वीं बरसी आज
  • सैकड़ों लोगों का किया गया था सामूहिक अंतिम संस्कार
  • आज भी दिखता है इस भयानक हादसे का असर
भोपाल: भोपाल गैस त्रासदी की आज 33वीं बरसी है. वर्ष 1984 में भोपाल में हुए इस गैस त्रासदी को पूरी दुनिया के औधोगिक इतिहास की सबसे बड़ी दुर्घटना के तौर पर देखा जाता है. तीन दिसंबर 1984 की आधी रात को भोपाल स्थित कार्बाइड नामक कंपनी के कारखाने से एक ज़हरीली गैस का रिसाव हुआ, जिसके कारण लगभग 15000 से अधिक लोगों की जान गई और बहुत सारे लोग अनेक तरह की शारीरिक अपंगता से लेकर अंधेपन के भी शिकार हो गए थे. मरने वालों के अनुमान पर विभिन्न स्त्रोतों की अपनी-अपनी राय होने से इसमें भिन्नता मिलती है. फिर भी पहले अधिकारिक तौर पर मरने वालों की संख्या 2,259 थी. मध्यप्रदेश की तत्कालीन सरकार ने 3,787 की गैस से मरने वालों के रूप में पुष्टि की थी. अन्य अनुमान बताते हैं कि 8000 लोगों की मौत तो दो सप्ताहों के अंदर हो गई थी और लगभग अन्य 8000 लोग तो रिसी हुई गैस से फैली संबंधित बीमारियों से मारे गये थे. इस भयानक दिन को आज 33 बरस पूरे हो गए हैं और इस मौके पर लोग आज के दिन को याद कर रहे हैं.
 
bhopal gas tragedy
कफन ओढ़कर प्रदर्शन करते लोग

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रविवार की सुबह कुछ लोगों ने कफन ओढ़कर राजभवन के सामने प्रदर्शन किया. आज पूरे दिन राजधानी के विभिन्न हिस्सों में लोग अपना दर्द साझा करेंगे. बरकतउल्ला भवन में सर्वधर्म प्रार्थना सभा होगी. राजधानी में रविवार सुबह से अजीब सी खामोशी छाई हुई है. लोगों को 33 वर्ष पूर्व हुई हादसे की याद ताजा हो गई है, जिसमें हजारों लोगों की मौत हो गई थी और यह दौर अब भी जारी है. भोपाल ग्रुप फॉर इंफॉर्मेशन एंड एक्शन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग सुबह छह बजे राजभवन के सामने पहुंचे और सड़क पर सफेद कपड़ा (कफन) लेकर लेट गए, वह रविवार को एक संगठन द्वारा आयोजित 'रन फॉर रन' का विरोध कर रहे थे. उनका कहना था कि एक तरफ आधा भोपाल मातम मना रहा है, वहीं दूसरी ओर उत्सव मनाया जा रहा है. 
bhopal gas tragedy
फाइल फोटो

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हादसे की 33वीं बरसी पर रविवार सुबह साढ़े 10 बजे बरकतउल्ला भवन में सर्वधर्म प्रार्थना सभा होगी. इस प्रार्थना सभा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित अन्य लोग शामिल होंगे. सभा में दिवंगत गैस पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी जाएगी. इस मौके पर धर्मगुरुओं द्वारा विभिन्न धर्मग्रंथों का पाठ किया जाएगा. भोपाल ग्रुप फॉर इंफार्मेशन एंड एक्शन के द्वारा भारत टॉकीज से साढ़े 11 बजे यूनियन कार्बाइड संयंत्र तक रैली निकाली जाएगी. संयंत्र के सामने प्रदर्शन कर पुतलों का दहन करेंगे. इसी तरह भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन द्वारा रविवार को शाहजंहानी पार्क में सभा का आयोजन किया है. संगठन के संयोजक अब्दुल जब्बार ने बताया है कि इस सभा में प्रतिज्ञा ली जाएगी कि जब तक समस्याओं का निराकरण नहीं हो जाता है, तब तक संघर्ष जारी रहेगा. 

VIDEO: उस रात की सुबह नहीं
भोपाल गैस पीड़ित संघर्ष सहयोग समिति द्वारा रविवार को यूनियन कार्बाइड के सामने बनी मूर्ति के समक्ष प्रदर्शन कर हादसे में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी जाएगी. समिति की संयोजक साधना कार्णिक के अनुसार, इस मौके पर पीड़ितों को न्याय दिलाने का संकल्प लिया जाएगा.
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