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This Article is From Oct 16, 2019

MP के अस्‍पताल में शव की आंखों पर कई घंटों तक रेंगती रहीं चीटियां, मुख्यमंत्री के निर्देश पर पांच डॉक्टर सस्पेंड

मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के शिवपुरी (Shivpuri) के एक सरकारी अस्पताल में लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है.

MP के अस्‍पताल में शव की आंखों पर कई घंटों तक रेंगती रहीं चीटियां, मुख्यमंत्री के निर्देश पर पांच डॉक्टर सस्पेंड
प्रतीकात्मक फोटो.
भोपाल:

मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के शिवपुरी (Shivpuri) के एक सरकारी अस्पताल में लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है. यहां मरीज की मौत के बाद उसके शव की आंखों पर चीटियां रेंगती रही, लेकिन इसे लेकर अस्पताल प्रशासन लापरवाह बना रहा. मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) ने जांच के दिए. इसके बाद पांच डॉक्टरों सहित सिविल सर्जन को सस्पेंड कर दिया गया. बता दें कि शिवपुरी मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से करीब 290 किलोमीटर दूर है. शिवपुरी के जिला अस्पताल में कई घंटों तक छोड़े गए शव की खुली आंखों पर चींटियों की तस्वीरें मंगलवार से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वायरल हो रहे फोटो में पत्नी रामश्री लोधी को पति के शव से चीटियों को हटाने की कोशिश करते देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इसे लेकर जांच के आदेश दिए. कमलनाथ ने ट्वीट किया, 'शिवपुरी में ज़िला अस्पताल में एक मरीज़ की मौत होने पर उसके शव पर चीटियां चलने व इस घटना पर बरती गई लापरवाही बेहद असंवेदनशीलता की परियाचक है. ऐसी घटनाएं मानवता व इंसानियत को शर्मसार करती है, बर्दाश्त क़तई नहीं की जा सकती है. घटना के जांच के आदेश, जांच में दोषी व लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.

बता दें कि टीबी के मरीज बालचंद्र लोधी ( 50 साल) को मंगलवार की सुबह अस्पताल में एडमिट कराया गया था. बताया जा रहा है कि भर्ती होने के पांच घंटे बाद ही उसका निधन हो गया था. वार्ड के अन्य मरीजों ने डॉक्टरों को सूचित किया, लेकिन कर्मचारियों ने कथित तौर पर शव को वहीं पर छोड़ दिया.

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने उन्हें छूने के बिना भी मृत घोषित कर दिया, और ड्यूटी पर दो नर्सों ने चींटियों को हटाने के लिए कुछ भी नहीं किया. 

कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट किया, 'मानवता को शर्मशार करने वाली वाली शिवपुरी जिला अस्पताल की घटना बहुत ही दुःखद और ह्रदयविदारक है. मैंने स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावटजी से इस विषय पर चर्चा कर निवेदन किया है, दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.

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