दुनिया की सबसे बड़ी स्वच्छता प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का लगातार तीसरे साल बेहतरीन प्रदर्शन

छत्तीसगढ़ देश का ऐसा एक मात्र प्रदेश है जहां पर नरवा, गरूवा, घुरवा एवं बाड़ी के सिद्धांतों के अनुरूप 9000 से अधिक स्वच्छता दीदियों द्वारा घर-घर से 1600 टन गीला एवं सूखा कचरा एकत्रीकरण करते हुए वैज्ञानिक रीति से कचरे का निपटारा किया जाता है.

दुनिया की सबसे बड़ी स्वच्छता प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का लगातार तीसरे साल बेहतरीन प्रदर्शन

रायपुर:

विश्व की सबसे बड़ी स्वच्छता सर्वेक्षण (cleanliness survey) प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) ने लगातार तीसरे साल बेहतरीन प्रदर्शन किया है. देश के सबसे स्वच्छ राज्यों की श्रेणी में 20 नवंबर को भारत सरकार द्वारा राज्य को पुरस्कृत किया जाएगा. नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति के हाथों सम्मान होगा. राज्यों के 61 निकायों को भी यह पुरस्कार मिलेगा. छत्तीसगढ़ से सबसे ज्यादा निकायों को यह सम्मान मिलेगा. केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) और मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया को दिल्ली आने का न्योता भी दिया है. वर्ष 2019 एवं 2020 में भी छत्तीसगढ़ स्वच्छता के मामले में अग्रणी राज्य था.

आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर 20 नवंबर को अमृत महोत्सव नई दिल्ली आयोजित स्वच्छ अमृत महोत्सव में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ये सम्मान प्रदान करेंगे इसमें छत्तीसगढ़ को भारत के सबसे स्वच्छ राज्यों की श्रेणी में पुरस्कृत किया जाएगा. भारत सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा हर साल देश के समस्त शहरों एवं राज्यों के मध्य स्वच्छता सर्वेक्षण कराया जाता है. इसमें विभिन्न मानकों के तहत शहरी स्वच्छता का आकलन किया जाता है.

मुख्य रूप से घर-घर से कचरा इकट्ठा करने, कचरे का वैज्ञानिक रीति से निपटारे, खुले में शौच मुक्त शहर, कचरा मुक्त शहर आदि का थर्ड पार्टी के माध्यम से आकलन करते हुए नागरिकों की राय को भी इसमें शामिल किया जाता है. इसी आधार पर राज्यों एवं शहरों की रैंकिंग जारी कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों तथा शहरों को पुरस्कृत किया जाता है.

भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को सूचित किया गया है कि इस वर्ष उसने फिर से स्वच्छता के क्षेत्र में अपना परचम लहराते हुए देश के स्वच्छ्तम राज्य के अपने दर्जे को बरकरार रखा है. छत्तीसगढ़ को न सिर्फ़ राज्य के रूप में,  बल्कि यहां के 61 शहरों को भी इनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया जाएगा. छत्तीसगढ़ ऐसा राज्य होगा जिसके सबसे ज्यादा निकाय पुरस्कृत किए जाएंगे. 


छत्तीसगढ़ देश का ऐसा एक मात्र प्रदेश है जहां पर नरवा, गरूवा, घुरवा एवं बाड़ी के सिद्धांतों के अनुरूप 9000 से अधिक स्वच्छता दीदियों द्वारा घर-घर से 1600 टन गीला एवं सूखा कचरा एकत्रीकरण करते हुए वैज्ञानिक रीति से कचरे का निपटारा किया जाता है. इसके अलावा भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को देश का प्रथम ओडीएफ़ प्लस प्लस राज्य निरूपित किया गया है.

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इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को बधाई दी है. उन्होंने इस सफलता का श्रेय प्रदेश की जागरूक जनता तथा यहां के कर्मवीर सफ़ाई कर्मचारियों तथा अधिकारियों के परिश्रम को दिया है. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया ने जनता के प्रयासों की सराहना की है.