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This Article is From Jul 07, 2019

मध्‍य प्रदेश : गायों को ले जा रहे 24 लोगों को गांव वालों ने रस्सी से बांधकर पीटा, नारे भी लगवाए...

गांववालों का कहना है कि उन्हें बहुत पहले से जानकारी मिल रही थी कि सावलीखेड़ा गांव के पास से गौ तस्करी के लिए गौवंश को ले जाया जाता है.

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मध्‍य प्रदेश : गायों को ले जा रहे 24 लोगों को गांव वालों ने रस्सी से बांधकर पीटा, नारे भी लगवाए...
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
भोपाल:

मध्य प्रदेश में खंडवा जिले के खालवा में दो दर्जन से अधिक लोगों को कथित गौ-रक्षकों ने गायों की तस्करी के आरोप में पकड़ा, उन्हें रस्सी से बांधा और थाने तक उनसे गौ-माता की जय के नारे लगवाये. गांववालों का कहना है कि उन्हें बहुत पहले से जानकारी मिल रही थी कि सावलीखेड़ा गांव के पास से गौ तस्करी के लिए गौवंश को ले जाया जाता है. इसी के मद्देनज़र उन्होंने खालवा शेखपुरा मार्ग से रविवार सुबह 4:30 बजे जंगल के रास्ते अवैध रूप से वाहन में भरकर महाराष्ट्र ले जाये जा रहे 24 गोवंश को मुक्त कराया और उनकी तस्करी करने वाले 25 आरोपियों को खालवा पुलिस के हवाले कर दिया. हालांकि मामले का जो वीडियो सामने आया है उसमें इन आरोपियों को भीड़ एक कतार में ले जाते हुए, उनकी पिटाई करते हुए दिख रही है. आरोपी खंडवा, सीहोर, देवास और हरदा जिलों से आये 24 लोग थे जिनमें छह मुस्लिम भी शामिल थे. उन्हें थप्पड़ भी मारे गये और और रस्सियों से बांधकर थाने तक पहुंचाया गया. खालवा पुलिस ने सभी पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण कर खार कला की गौ शाला में पहुंचा दिया है और आरोपियों के खिलाफ गौवंश अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है.

मामले की जांच कर रहे डीएसपी शशिकांत सरीयाम ने कहा, 'ग्राम सांवलीखेड़ा के ग्रामीणों ने आठ पिक अप वाहन जिसमें 24 गौवंश अवैध रूप से परिवहन करते पकड़ कर पुलिस के हवाले किये हैं. इस मामले में 25 आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम की धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है. जब्त पशुओं को मुक्त कराकर खार कला गौशाला भेजा गया है. ऐसे मामलो में ग्रामीणों से सहयोग की अपील की गई है.'

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ये मामला मध्यप्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र से एक दिन पहले आया है जब सरकार गौवध प्रतिषेध अधिनियम में संशोधन संबंधी विधेयक पेश करने जा रही है. मध्यप्रदेश में अभी जो कानून लागू है उसके तहत गौवंश की हत्या, गौ मांस रखने और उसके परिवहन पर पूरी तरह रोक है. अब इसमें संशोधन किया जा रहा है, गौ परिवहन पर इन आरोपों के आड़ में कोई कानून हाथ में लेगा तो उसे पांच साल की सज़ा, या 50,000 रु. जुर्माना या दोनों हो सकती है.

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खंडवा जिले के पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवदयाल सिंह के मुताबिक आरोपियों का दावा है कि वे मवेशियों के मालिक हैं और उन्हें महाराष्ट्र से सटे पशु मेले में ले जा रहे थे. लेकिन 24 में से किसी के पास भी अपने दावों को साबित करने के लिये वैध दस्तावेज नहीं थे. आरोपियों के खिलाफ मध्य प्रदेश गोवंश वध और क्रूरता अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है. हालांकि, ग्रामीणों और गौ रक्षकों के खिलाफ अभी तक कार्रवाई नहीं की गई है, जिन्होंने 24 लोगों को रस्सी से बांधा और उन्हें गौ माता की जय के नारे लगाने के लिए मजबूर किया.

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( खंडवा से निशांत के इनपुट के साथ)

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