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यवतमाल में 34 आदिवासी लड़कियों के लापता होने का दावा, मानव तस्करी के आरोपों से मचा हड़कंप

Yavatmal Missing Girls Case: महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में 34 आदिवासी लड़कियों के लापता होने के दावे से राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है. BJP ने मानव तस्करी और धर्मांतरण की आशंका जताई है, जबकि पुलिस ने अपहरण से इनकार करते हुए शादी के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह की जांच की बात कही है.

यवतमाल में 34 आदिवासी लड़कियों के लापता होने का दावा, मानव तस्करी के आरोपों से मचा हड़कंप
  • यवतमाल जिले की रालेगाव तहसील से छह महीने में 34 आदिवासी लड़कियों के लापता होने का दावा किया गया है
  • भाजपा जिलाध्यक्ष प्रफुल चव्हाण ने इस मामले में मानव तस्करी और बहला-फुसलाने की साजिश की आशंका जताई है
  • मजहर कुरैशी को मुख्य आरोपी माना गया है, जिसे पहले पुलिस ने छोड़ दिया था और बाद में पुनः गिरफ्तार किया गया
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Yavatmal Missing Girls Case: महाराष्ट्र के यवतमाल जिला की रालेगाव तहसील से पिछले छह महीनों में 34 आदिवासी लड़कियों के लापता होने का दावा किया गया है. यह दावा BJP जिलाध्यक्ष प्रफुल चव्हाण ने किया है.

उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला मानव तस्करी से जुड़ा हो सकता है. उनके मुताबिक, एक ऑडियो क्लिप भी सामने आई है, जिसमें लड़कियों को बहला-फुसलाकर दूसरे राज्यों में ले जाने की साजिश का संकेत मिलता है.

मुख्य आरोपी और गिरफ्तारी का दावा

इस मामले में मजहर कुरैशी का नाम मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया है. आरोप है कि पुलिस ने पहले उसे हिरासत में लेकर छोड़ दिया था, लेकिन बाद में तेलंगाना भागने के दौरान उसे फिर से पकड़ लिया गया.

BJP के गंभीर आरोप

BJP ने इस पूरे मामले में धर्मांतरण और ‘लव जिहाद' की आशंका जताई है. साथ ही आरोपी की मदद करने वाले पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग भी उठाई गई है. पार्टी ने राज्य सरकार और गृह विभाग से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है.

सरकार और पुलिस का पक्ष

राज्य के आदिवासी विकास मंत्री डॉ. अशोक उइके ने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर मामले की गहन जांच के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाए.

वहीं, अपर पुलिस अधीक्षक अशोक थोरात का कहना है कि फिलहाल अपहरण या गुमशुदगी का कोई आधिकारिक मामला दर्ज नहीं है. उनके अनुसार, क्षेत्र में शादी के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह सक्रिय हैं और उसी एंगल से जांच की जा रही है.

पुलिस जांच में क्या सामने आया?

  • पिछले एक साल में रालेगाव, कलंब और वणी क्षेत्र में गुमशुदगी/अपहरण का कोई केस दर्ज नहीं.
  • एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की की शादी का मामला सामने आया, जिस पर केस दर्ज. 
  • दो गिरोह चिन्हित, जो बालिग लड़कियों की शादी करवाते हैं. 
  • कई मामलों में लड़कियां 15 दिनों के भीतर वापस लौट आती हैं, जिससे धोखाधड़ी का संदेह. 
  • अब तक वेश्यावृत्ति में धकेले जाने का कोई प्रमाण नहीं मिला. 

जालना कनेक्शन भी जांच के दायरे में

जालना जिला के टेंभुर्णी में 2025 में दर्ज एक मामले में मजहर कुरैशी का सीधा संबंध नहीं मिला है, हालांकि उसकी पत्नी पर केस दर्ज है. पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है. 

-प्रतीक राठौड़ की र‍िपोर्ट

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