प्रतीकात्मक फोटो
- शिवसेना कार्यकर्ता ने खुदकुशी की
- GST और नोटबंदी को बताया जिम्मेदार
- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाया
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मुंबई:
महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल ने आज आरोप लगाया कि शिवसेना के एक कार्यकर्ता ने नोटबंदी और जीएसटी को जिम्मेदार ठहराते हुए खुदकुशी कर ली है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाया और यह पूछते हुए उद्धव ठाकरे नीत पार्टी को निशाना बनाया कि यह केंद्र की नीतियों की वजह से अपने कार्यकर्ता की खुदकुशी के बाद भी राजग सरकार का समर्थन क्यों कर रही है. विखे पाटिल ने कहा, ‘‘ सतारा जिले के कराड तहसील के शिवसेना कार्यकर्ता राहुल फालके ने16 मार्च को खुदकुशी कर ली. फालके ने सोशल मीडिया पर अपनीअंतिम पोस्ट मेंइसके कारण बताए हैं और नोटबंदी और जीएसटी के लागू होने को जिम्मेदार ठहराया है.’’
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उन्होंने कहा, ‘‘ दोनों फैसले केंद्र सरकार ने थोपे हैं और आज कुछ विपक्षी पार्टियां भाजपा नीत राजग( सरकार) के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाई हैं. विखे पाटिल ने पूछा कि शिवसेना क्यों भाजपा का समर्थन कर रही है जब उसका एक कार्यकर्ता खुद ऐसे निर्णयों का पीड़ित बन गया है. शिवसेना महाराष्ट्र और केंद्र सरकार में भाजपा की सहयोगी है. इसके जवाब में शिवसेना के सुनील प्रभु ने कहा कि अगर राष्ट्रहित में हुआ तो उनकी पार्टी अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करेगी.
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प्रभु ने कहा कि आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जे की मांग के लिए अविश्वास प्रस्ताव को तेदेपा लाई है. बिहार ने भी यह मांग की थी लेकिन उसे कुछ नहीं मिला. एक राज्य की मांग नहीं माने जाने पर लाए गए प्रस्ताव का समर्थन शिवसेना नहीं करेगी.
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उन्होंने कहा, ‘‘ दोनों फैसले केंद्र सरकार ने थोपे हैं और आज कुछ विपक्षी पार्टियां भाजपा नीत राजग( सरकार) के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाई हैं. विखे पाटिल ने पूछा कि शिवसेना क्यों भाजपा का समर्थन कर रही है जब उसका एक कार्यकर्ता खुद ऐसे निर्णयों का पीड़ित बन गया है. शिवसेना महाराष्ट्र और केंद्र सरकार में भाजपा की सहयोगी है. इसके जवाब में शिवसेना के सुनील प्रभु ने कहा कि अगर राष्ट्रहित में हुआ तो उनकी पार्टी अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करेगी.
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प्रभु ने कहा कि आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जे की मांग के लिए अविश्वास प्रस्ताव को तेदेपा लाई है. बिहार ने भी यह मांग की थी लेकिन उसे कुछ नहीं मिला. एक राज्य की मांग नहीं माने जाने पर लाए गए प्रस्ताव का समर्थन शिवसेना नहीं करेगी.