- रोहित शेट्टी के घर फायरिंग मामले में आरोपी प्रदीप कुमार की गिरफ्तारी के बाद कई बड़े खुलासे हुए हैं.
- जांच में सामने आया कि प्रदीप वारदात के वक्त मौके पर अन्य आरोपियों को फायरिंग के लिए उकसा रहा था.
- सूत्रों के मुताबिक, शुभम लोनकर गैंग के सोशल मीडिया पोस्ट पर डाले गए वीडियो से प्रदीप प्रभावित था.
फिल्म निर्माता और निर्देशक रोहित शेट्टी के घर फायरिंग मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं. इस सनसनीखेज केस में गुरुवार को आगरा से दूसरे शूटर प्रदीप कुमार की गिरफ्तारी के बाद उसकी भूमिका को लेकर बड़े खुलासे हुए हैं. जांच में सामने आया है कि प्रदीप केवल साजिशकर्ता नहीं, बल्कि वारदात के वक्त मौके पर मौजूद रहकर पूरी घटना को अंजाम दिलाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रदीप सिर्फ साजिश का हिस्सा नहीं था, बल्कि वारदात के वक्त मौके पर मौजूद रहकर उसने बाकी आरोपियों दीपक, सनी और सोनू को लगातार फायरिंग के लिए उकसाया. इतना ही नहीं उसने पूरी घटना को अंजाम देने में सक्रिय भूमिका निभाई और आरोपियों के भागने में भी मदद की.
फायरिंग के बाद साथ आगरा लौटे थे आरोपी
इसके साथ ही पुलिस सूत्रों ने बताया कि फायरिंग के बाद सभी आरोपी एक साथ आगरा लौट गए थे और कुछ दिन वहीं छिपकर रहे. हालांकि उन्हें लगा कि पुलिस उनकी लोकेशन तक पहुंच सकती है. इसके बाद दीपक, सनी और सोनू हरियाणा भाग गए, जबकि प्रदीप ने अलग रास्ता चुना और दिल्ली चला गया. वहां वह अपनी बहन के घर में छिपकर रह रहा था.
क्राइम ब्रांच के सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए प्रदीप लगातार ठिकाने बदल रहा था, जिसकी वजह से उसे पकड़ने में वक्त लगा. हाल ही में वह दिल्ली से वापस आगरा लौटा था. इसी दौरान तकनीकी सर्विलांस और खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया.
गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को उसे सेशन कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 27 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है.
इसलिए साजिश में शामिल हुआ था प्रदीप
सूत्रों ने बताया कि पूछताछ में प्रदीप ने कई चौंकाने वाली बातें कबूली हैं. उसने बताया कि वह शुभम लोनकर गैंग के सोशल मीडिया पोस्ट खासतौर पर फेसबुक और इंस्टाग्राम पर डाले गए वीडियो से प्रभावित हुआ था. उसी गैंग की तरह अपने इलाके में दबदबा बनाने, नाम कमाने और जल्दी पैसा कमाने की चाहत में वह इस साजिश में शामिल हुआ. हालांकि वारदात के बाद अब तक उसे बिश्नोई गैंग से कोई पैसा नहीं मिला है.
जांच में यह भी सामने आया है कि प्रदीप ने अपने साथियों सनी, दीपक और सोनू के साथ मिलकर पूरी प्लानिंग की थी और घटना वाले दिन सभी आरोपी मिलकर रोहित शेट्टी के घर पहुंचे थे.
शूटरों को उकसाने और फरार होने में की थी मदद
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में प्रदीप की भूमिका बेहद गंभीर है, क्योंकि उसने न सिर्फ साजिश में हिस्सा लिया, बल्कि शूटरों को उकसाने और फरार होने में भी अहम मदद की. साथ ही उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है.
फिलहाल पुलिस बाकी फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं.
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