तेलंगाना पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए करीब 54 करोड़ रुपये मूल्य के प्रतिबंधित मेफेड्रोन (एमडी) ड्रग्स की खेप बरामद की है. इस कार्रवाई में नागपुर के एक कथित मास्टरमाइंड समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस का दावा है कि हैदराबाद के पास संचालित एक गुप्त लैब में ड्रग्स तैयार किए जा रहे थे और इसकी सप्लाई महाराष्ट्र के नागपुर व विदर्भ क्षेत्र में की जानी थी. इस खुलासे ने ड्रग तस्करी के उस नेटवर्क को उजागर किया है, जो राज्यों की सीमाएं पार कर युवाओं तक नशे का जहर पहुंचाने की साजिश रच रहा था. मामले की जांच अब और गहराई से की जा रही है.
गुप्त सूचना पर हुई बड़ी कार्रवाई, ये सब बरामद हुआ
यदाद्री-भुवनगिरी जिले की स्पेशल ऑपरेशन टीम (SOT) और बीबीनगर पुलिस को ड्रग्स की तस्करी से जुड़ी गोपनीय सूचना मिली थी. सूचना के आधार पर पुलिस ने कोंडामडुगु इलाके के पास एक एसयूवी वाहन को रोका और उसकी तलाशी ली. तलाशी के दौरान वाहन से 27 किलो मेफेड्रोन (MD) ड्रग्स और 40 किलो एसीटोन बरामद किया गया. बरामद ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 54 करोड़ रुपये आंकी गई है.
हैदराबाद के पास लैब में तैयार हो रहा थी ड्रग्स
जांच के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि 5 से 7 अगस्त के बीच कोंडामडुगु स्थित एक लैब में इस ड्रग्स का निर्माण किया गया था. पुलिस ने लैब पर छापा मारकर वहां से रिएक्टर, सेंट्रीफ्यूज मशीन और अन्य उपकरण भी जब्त किए हैं. अधिकारियों के अनुसार इन मशीनों का इस्तेमाल मेफेड्रोन तैयार करने में किया जाता था.
नागपुर का आरोपी मास्टरमाइंड निकला
पुलिस जांच में नागपुर निवासी 49 वर्षीय चेतन मधुकर मेश्राम को इस पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक और फाइनेंसर बताया गया है. चेतन मेश्राम को उसके सहयोगी 31 वर्षीय आकाश अशोक गावंडे के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस का कहना है कि दोनों मिलकर ड्रग्स निर्माण और उसकी तस्करी की योजना चला रहे थे.
दो आरोपी अभी भी फरार
मामले में नागपुर के ही गोपाल सिरपत पटले और चंदा प्रदीप ठाकुर नामक दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. पुलिस को शक है कि ये दोनों भी नेटवर्क के अहम सदस्य हैं और सप्लाई चेन संभालते थे. इसके अलावा असम निवासी मुजम्मल हक और हैदराबाद के यूआर मूर्ति को भी गिरफ्तार किया गया है.
विदर्भ तक पहुंचने वाली थी खेप
जांच अधिकारियों को संदेह है कि तैयार किए गए एमडी ड्रग्स की खेप महाराष्ट्र के नागपुर और विदर्भ के अन्य जिलों में पहुंचाई जानी थी. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे तथा ड्रग्स की सप्लाई किन-किन शहरों तक की जानी थी. बरामद सामग्री और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस पूरे वित्तीय नेटवर्क और ड्रग्स सप्लाई चेन की जांच कर रही है.
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